🇮🇳 राष्ट्रीय समाचार डेस्क | नई दिल्ली
भारत और नेपाल के बीच संबंध सिर्फ पड़ोसी देशों का नहीं, बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और कानूनी समझौतों पर आधारित विशेष रिश्ता है। इसी कारण भारत में नेपाली नागरिकों के काम करने और पढ़ाई करने को लेकर अलग व्यवस्था लागू होती है।
आधार क्या है? 1950 की भारत-नेपाल शांति और मित्रता संधि
भारत और नेपाल के बीच 1950 की ‘ट्रीटी ऑफ पीस एंड फ्रेंडशिप’ के तहत दोनों देशों के नागरिकों को एक-दूसरे के देश में आने-जाने, रहने, व्यापार करने और काम करने की स्वतंत्रता दी गई है। इसी वजह से नेपाली नागरिकों को भारत में काम करने के लिए सामान्यतः वीज़ा या वर्क परमिट की आवश्यकता नहीं होती।
यह विशेष व्यवस्था दक्षिण एशिया में अनोखी मानी जाती है।
नौकरी के लिए क्या नियम हैं?
वीज़ा की जरूरत नहीं
नेपाली नागरिक भारत में बिना वीज़ा के प्रवेश कर सकते हैं और यहां काम भी कर सकते हैं।
सरकारी नौकरी में सीमाएँ
हालांकि निजी क्षेत्र में काम करने की पूरी स्वतंत्रता है, लेकिन भारत सरकार की केंद्रीय सेवाओं, रक्षा सेवाओं या संवेदनशील सरकारी पदों पर नियुक्ति आमतौर पर भारतीय नागरिकों के लिए ही होती है। कुछ राज्य स्तरीय या संविदा पदों में अलग नियम लागू हो सकते हैं।
पहचान और दस्तावेज
काम के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है, लेकिन बैंक खाता, पैन कार्ड, मोबाइल कनेक्शन या अन्य औपचारिकताओं के लिए वैध पहचान जैसे नेपाली नागरिकता प्रमाण पत्र या पासपोर्ट का उपयोग किया जाता है।
श्रम कानून लागू
भारत में काम करने वाले नेपाली नागरिकों पर वही श्रम कानून लागू होते हैं जो भारतीय कामगारों पर होते हैं — जैसे न्यूनतम वेतन, काम के घंटे और श्रमिक सुरक्षा नियम।
पढ़ाई के लिए क्या प्रावधान हैं?
एडमिशन प्रक्रिया
नेपाली छात्र भारत के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश ले सकते हैं। कई संस्थान उन्हें विदेशी छात्र श्रेणी में रखते हैं, जबकि कुछ संस्थान SAARC या विशेष कोटा के तहत सीट देते हैं।
वीज़ा नियम
चूंकि नेपाल और भारत के बीच खुली सीमा व्यवस्था है, अधिकतर मामलों में अलग से स्टूडेंट वीज़ा की जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि कुछ पेशेवर कोर्स या लंबी अवधि के रजिस्ट्रेशन में संस्थान विशेष दस्तावेज मांग सकते हैं।
फीस संरचना
सरकारी संस्थानों में फीस सामान्यतः भारतीय छात्रों के बराबर या थोड़ी अलग हो सकती है। निजी संस्थानों में फीस संरचना संस्थान पर निर्भर करती है।
छात्रवृत्ति
भारत सरकार की कई छात्रवृत्ति योजनाओं में नेपाली छात्रों को शामिल किया जाता है। भारतीय दूतावास, काठमांडू के माध्यम से भी शैक्षणिक सहायता कार्यक्रम चलते हैं।
क्या कोई प्रतिबंध भी हैं?
सुरक्षा कारणों से कुछ क्षेत्रों या संवेदनशील उद्योगों में पहचान सत्यापन सख्त हो सकता है। इसके अलावा, नागरिकता अधिकार — जैसे मतदान का अधिकार — नेपाली नागरिकों को भारत में प्राप्त नहीं है।
निष्कर्ष
भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा और 1950 की संधि के कारण नेपाली नागरिकों को भारत में काम और पढ़ाई के लिए विशेष सुविधा प्राप्त है। निजी क्षेत्र में नौकरी, शिक्षा संस्थानों में प्रवेश और सामान्य जीवनयापन में अपेक्षाकृत कम बाधाएं हैं।
हालांकि, सरकारी सेवाओं और राजनीतिक अधिकारों में भारतीय नागरिकता आवश्यक है।
राष्ट्रीय डेस्क रिपोर्ट
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