ब्रेकिंग न्यूज: मुलुंड में मेट्रो निर्माणाधीन स्लैब गिरने से बड़ा हादसा

 

मुंबई, 14 फरवरी 2026: मुंबई के मुलुंड (पश्चिम) इलाके में आज दोपहर करीब 12:15 बजे एक गंभीर दुर्घटना हुई जब निर्माणाधीन मुंबई मेट्रो लाइन-4 (वडाला-कासरवडावली) के पिलर का एक बड़ा कंक्रीट स्लैब/पैरापेट हिस्सा गिर गया, जो LBS रोड पर नीचे से गुजर रहे एक ऑटो-रिक्शा और कार के ऊपर आ गिरा। इससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

पुलिस और आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि पिलर का टूटता हिस्सा अचानक नीचे गिरा और उसकी चपेट में आने से ऑटो सवार के अलावा अन्य वाहन भी प्रभावित हुए। घायलों को तुरंत नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति से जुड़े मेडिकल अपडेट जारी होंगे।

स्थिति और राहत-बचाव

घटना की सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस, फायर ब्रिगेड, 108 एंबुलेंस सेवा और मेट्रो निर्माण एजेंसी (MMRDA/एमएमआरसीए) के कर्मी मौके पर पहुंचे। राहत और बचाव कार्य त्वरित रूप से शुरू किया गया। पुलिस ने प्रभावित सड़क को कुछ समय के लिए बंद कर दिया ताकि राहत कार्य और मलबा हटाया जा सके।

स्थानीय रूप से प्राप्त फुटेज और वीडियो में देखा गया है कि स्लैब का विशाल हिस्सा अचानक नीचे गिरा और वाहन उसके नीचे दब गये। कुछ राहगीरों ने बताया कि हादसा काफी तेज़ आवाज़ के साथ हुआ और घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई।

अधिकारी बयान & जांच

मुंबई मेयर रितु तावड़े ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ठेकेदार और MMRDA पर जिम्मेदारी तय करने और स्पष्ट जांच की मांग दोहराई। इसके अलावा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मृतक के परिजनों को ₹5 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है और घायलों के इलाज के खर्च को सरकार वहन करेगी। जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।

विपक्ष ने भी हादसे को लेकर सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए हैं। शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने राज्य सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि लापरवाही के कारण जान चली गई और यह सुरक्षा की अवहेलना का संकेत है। कांग्रेस ने भी घटना की विस्तृत जाँच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जवाबदेही की मांग की है।

मेट्रो निर्माण और सुरक्षा चिंताएँ

मुंबई में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार तेजी से चल रहा है और इसके तहत लाइन-4 एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो वडाला से कासरवडावली तक जाने वाली है। यह मुख्य सड़क मार्गों के ऊपर उच्च स्तरीय ढांचे से गुजरती है, इसलिए सड़क पर गुजरने वाले आम लोगों और वाहनों की सुरक्षा एक प्रमुख मुद्दा है। ऐसे हादसे निर्माण स्थल सुरक्षा और तकनीकी निगरानी मानकों पर प्रश्नचिन्ह खड़े करते हैं।

आगामी जांच, ठेकेदारों की जिम्मेदारी और निर्माण के नियमों की समीक्षा से यह स्पष्ट होगा कि हादसा तकनीकी कमी, सुरक्षा उल्लंघन या अन्य कारणों से हुआ है।

निष्कर्ष

मुंबई के मुलुंड में आज का यह हादसा एक व्यक्ति की जान ले गया और कई को घायल कर दिया। यह घटना न केवल यात्रियों और राहगीरों के लिए ख़तरा है, बल्कि ऐसे बड़े और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्टों में सार्वजनिक सुरक्षा और निगरानी प्रणाली की प्रभावशीलता पर भी गंभीर सवाल उठाती है।

सवाल यही है — जब विकास की बात हो, तो सुरक्षा और जीवन की क़ीमत का ध्यान कब तक प्राथमिकता सूची में बने रहेगा?

ब्रेकिंग न्यूज़ डेस्क

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