मुंबई में 77वां गणतंत्र दिवस: समुद्र तट से शिवाजी पार्क तक 'महाशक्ति' का प्रदर्शन, गूँजा जय महाराष्ट्र

 

मुंबई | 26 जनवरी, 2026

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आज 77वां गणतंत्र दिवस अभूतपूर्व उत्साह और गौरव के साथ मनाया गया। दादर स्थित ऐतिहासिक शिवाजी पार्क (छत्रपति शिवाजी महाराज मैदान) में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में महाराष्ट्र की 'शौर्य, संस्कृति और विकास' की त्रिवेणी देखने को मिली। अरब सागर की लहरों के साथ-साथ आज मुंबई की सड़कों पर भी देशभक्ति का ज्वार दिखाई दिया।

मुख्यमंत्री ने किया ध्वजारोहण, शिवाजी पार्क में भव्य परेड

समारोह की शुरुआत सुबह मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा तिरंगा फहराने के साथ हुई। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए भारतीय संविधान को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ मार्गदर्शक बताया।

  • परेड का शौर्य: परेड में महाराष्ट्र पुलिस, मुंबई पुलिस, राज्य रिजर्व पुलिस बल (SRPF), महिला कमांडो यूनिट और अग्निशमन दल की टुकड़ियों ने भाग लिया। पुलिस बैंड की 'गर्ज जा महाराष्ट्र' की धुन ने मैदान में मौजूद हजारों नागरिकों में जोश भर दिया।
  • अश्वदल का मार्च: मुंबई पुलिस के घुड़सवार दस्ते (Mounted Police) ने अपनी पारंपरिक शाही पोशाक में मार्च पास्ट किया, जो आकर्षण का केंद्र रहा।

झांकियों में विरासत और आधुनिकता का संगम

शिवाजी पार्क की परेड में निकली झांकियों ने महाराष्ट्र के गौरवशाली इतिहास और भविष्य के सपनों को एक साथ पिरोया:

  • छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत: इस वर्ष की मुख्य झांकी 'स्वराज्य और सुशासन' पर आधारित थी, जिसमें रायगढ़ किले की प्रतिकृति और महाराज के 'प्रजा-हित' शासन को दर्शाया गया।
  • गणेशोत्सव और आत्मनिर्भरता: झांकी के माध्यम से महाराष्ट्र के सार्वजनिक गणेशोत्सव की परंपरा और इससे जुड़े कुटीर उद्योगों को प्रदर्शित किया गया, जो 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को मजबूती प्रदान करते हैं।
  • औद्योगिक महाशक्ति: 'मैग्नेटिक महाराष्ट्र' के तहत राज्य में आए 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश और आगामी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (जैसे कोस्टल रोड और अटल सेतु) की प्रगति को तकनीकी झांकी के जरिए दिखाया गया।

राजभवन और गेटवे ऑफ इंडिया पर विशेष आयोजन

परेड के साथ-साथ मुंबई के अन्य हिस्सों में भी रौनक रही। राजभवन में माननीय राज्यपाल ने ध्वजारोहण कर प्रदेश की शांति और समृद्धि की कामना की। वहीं, गेटवे ऑफ इंडिया और मंत्रालय की इमारतों को तिरंगी रोशनी से नहलाया गया। दक्षिण मुंबई के समुद्र तटों पर बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग हाथों में तिरंगा लिए इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।

मुख्यमंत्री का संबोधन: "देश के विकास का इंजन है महाराष्ट्र"

मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने भाषण में कहा कि महाराष्ट्र आज देश की अर्थव्यवस्था का इंजन बन चुका है। उन्होंने 'लाडकी बहना योजना' और किसानों के लिए शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार संविधान के मूल्यों को जमीन पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने महाराष्ट्र को सूखा-मुक्त बनाने और हर हाथ को काम देने का संकल्प दोहराया।

समारोह के समापन पर स्कूली बच्चों ने 'लेझिम' और 'लावणी' जैसे पारंपरिक नृत्यों के माध्यम से सांस्कृतिक छटा बिखेरी। सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजामों के बीच, पूरे मुंबई शहर ने आज एकजुट होकर लोकतंत्र का उत्सव मनाया।

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