देशभर में अपराध की हलचल: साइबर ठगी, हत्या और आर्थिक घोटालों पर तेज़ कार्रवाई

 

न्यूज़ डेस्क | राष्ट्रीय अपराध समाचार | 15 फरवरी 2026

देशभर में आज अलग-अलग राज्यों से कई अहम आपराधिक घटनाएँ सामने आईं। पुलिस और जांच एजेंसियाँ सक्रिय हैं और कई मामलों में कार्रवाई तेज़ की गई है। यहाँ दिनभर की प्रमुख क्राइम अपडेट विस्तार से:

दिल्ली: साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश

नई दिल्ली की साइबर क्राइम यूनिट ने एक बड़े ऑनलाइन फ्रॉड रैकेट का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह फर्जी निवेश ऐप के जरिए लोगों को ज्यादा रिटर्न का लालच देकर ठगी करता था। अब तक करीब 3 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की बात सामने आई है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से कई मोबाइल, लैपटॉप और बैंक दस्तावेज बरामद हुए हैं। जांच एजेंसियां बैंक खातों की लेनदेन की जांच कर रही हैं।

मुंबई: आर्थिक अपराध शाखा की कार्रवाई

मुंबई में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने रियल एस्टेट धोखाधड़ी के एक मामले में दो बिल्डरों को हिरासत में लिया है। आरोप है कि उन्होंने प्रोजेक्ट के नाम पर फ्लैट बुकिंग की रकम ली, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं किया। करीब 150 से अधिक निवेशकों ने शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने संबंधित दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू कर दी है।

उत्तर प्रदेश: हत्या के मामले में गिरफ्तारी

लखनऊ में बीती रात हुए एक हत्या मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में निजी विवाद को कारण बताया गया है। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति रही, लेकिन प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।

बिहार: अवैध हथियारों की बरामदगी

पटना पुलिस ने एक विशेष अभियान के दौरान अवैध हथियारों की खेप बरामद की है। छापेमारी में पिस्तौल और कारतूस बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, ये हथियार अपराधी गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाने वाले थे। दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

राजस्थान: मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़

जयपुर में पुलिस ने मानव तस्करी के एक नेटवर्क का खुलासा किया है। आरोप है कि गिरोह युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेता था और फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कई पासपोर्ट जब्त किए गए हैं। पीड़ितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

साइबर अपराध में वृद्धि

राष्ट्रीय स्तर पर साइबर अपराधों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में ऑनलाइन फ्रॉड और फिशिंग मामलों में वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ साइबर सुरक्षा जागरूकता भी बढ़ाना जरूरी है।

पुलिस की अपील

कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे संदिग्ध कॉल, ईमेल या निवेश योजनाओं से सावधान रहें। साथ ही किसी भी अपराध की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर दें।

समग्र स्थिति

आज की घटनाएँ दिखाती हैं कि अपराध का स्वरूप पारंपरिक से डिजिटल की ओर तेजी से बदल रहा है। जहां एक ओर हत्या और अवैध हथियार जैसे पारंपरिक अपराध सामने आए, वहीं दूसरी ओर साइबर ठगी और आर्थिक धोखाधड़ी ने भी चिंता बढ़ाई है।

पुलिस और जांच एजेंसियां सक्रिय हैं, लेकिन नागरिक सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है। आने वाले दिनों में इन मामलों की जांच से और तथ्य सामने आने की संभावना है।

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