भोपाल/इंदौर | विशेष संवाददाता सोमवार, 12 जनवरी 2026
मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में अवैध शराब के फलते-फूलते कारोबार और भोपाल-इंदौर जैसे महानगरों में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए पुलिस प्रशासन को 'एक्शन मोड' में रहने को कहा गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश की शांति भंग करने वाले अपराधियों की संपत्तियां कुर्क की जाएंगी।
अवैध शराब के खिलाफ 'बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक'
राज्य के मालवा और चंबल अंचल में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस ने एक व्यापक अभियान छेड़ रखा है।
- भोपाल में बड़ी छापेमारी: हाल ही में भोपाल क्राइम ब्रांच ने अशोक गार्डन इलाके में एक अवैध शराब के गोदाम पर छापा मारकर 888 पेटी अवैध शराब जब्त की है। इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
- हाईवे ढाबों पर नजर: मुख्यमंत्री के निर्देश पर नेशनल हाईवे किनारे स्थित ढाबों और होटलों की सघन चेकिंग की जा रही है, जहाँ अवैध रूप से शराब परोसने और तस्करी की शिकायतें मिल रही थीं।
- संपत्ति कुर्की की चेतावनी: प्रशासन ने अवैध शराब के कारोबार में लिप्त आदतन अपराधियों की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को जमींदोज करने और कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
साइबर अपराध: 'ई-जीरो FIR' की नई पहल
इंदौर और भोपाल में ऑनलाइन ठगी की घटनाओं में अचानक हुई बढ़ोतरी को देखते हुए मध्य प्रदेश पुलिस ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।
- देश का दूसरा राज्य: दिल्ली के बाद मध्य प्रदेश देश का ऐसा दूसरा राज्य बन गया है जहाँ साइबर फ्रॉड के मामलों में 'ई-जीरो FIR' की सुविधा शुरू की गई है। अब पीड़ित किसी भी जिले से अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकता है, जिसे तुरंत संबंधित थाने को ट्रांसफर कर दिया जाता है।
- डिजिटल अरेस्ट का बढ़ता खतरा: हाल के दिनों में बुजुर्गों को 'डिजिटल अरेस्ट' कर करोड़ों की ठगी के मामले सामने आए हैं। साइबर सेल ने तकनीकी निगरानी के जरिए ऐसे कई कॉल्स को ट्रेस किया है जिनका लिंक अंतरराष्ट्रीय गिरोहों से जुड़ा पाया गया है।
गंभीर अपराध: हत्या और लूट के मामलों में त्वरित खुलासे
प्रदेश के कुछ जिलों में पुरानी रंजिश के चलते हत्या और डकैती की वारदातें दर्ज की गई हैं।
- तकनीकी जांच का सहारा: पुलिस अब आरोपियों को पकड़ने के लिए 'फेसियल रिकग्निशन' और AI-आधारित सीसीटीवी कैमरों का उपयोग कर रही है।
- सख्त निर्देश: सीएम हाउस में हुई समीक्षा बैठक में कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों (SPs) को निर्देश दिए गए हैं कि 5 साल से अधिक समय से लंबित आपराधिक मामलों का तुरंत निपटारा किया जाए।
सरकार का संकल्प: भयमुक्त मध्य प्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़े शब्दों में कहा है कि: अपराधियों में पुलिस का खौफ और आम जनता में सुरक्षा का भाव होना चाहिए। ड्रग्स और अवैध शराब के माफियाओं के खिलाफ पुलिस का अभियान रुकने वाला नहीं है। हम तकनीक का इस्तेमाल कर अपराधियों को पाताल से भी ढूँढ निकालेंगे।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश पुलिस की सक्रियता और सरकार के कड़े रुख से अपराधियों में हड़कंप है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों और साइबर ठगी की सूचना तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर दें।
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