बिहार: रंजिश में फायरिंग और अवैध हथियारों का बढ़ता खौफ; पटना में वाहन चोरों और साइबर ठगों पर पुलिस का बड़ा एक्शन

 

पटना | विशेष संवाददाता सोमवार, 12 जनवरी 2026

बिहार के विभिन्न जिलों में हाल के दिनों में आपसी रंजिश और अवैध हथियारों के बढ़ते उपयोग ने कानून-व्यवस्था के सामने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। पटना के बाढ़ इलाके और अन्य जिलों में हुई हालिया फायरिंग की घटनाओं में एक युवक की मौत के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को 'हाई अलर्ट' पर रखा है। राज्य सरकार ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि अपराधियों के खिलाफ बिना किसी रियायत के सख्त कदम उठाए जाएं।

आपसी रंजिश और खूनी संघर्ष: फायरिंग में युवक की मौत

हालिया घटना पटना जिले के बाढ़ (Barh) और आसपास के क्षेत्रों से सामने आई है, जहाँ पुराने विवाद को लेकर दो गुटों के बीच जमकर फायरिंग हुई। इस घटना में एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई, जिससे स्थानीय स्तर पर भारी तनाव है।

  • त्वरित कार्रवाई: पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपियों को चिन्हित कर लिया है।
  • संवेदनशील इलाके: बेगूसराय और वैशाली जैसे जिलों में भी आपसी रंजिश के कारण हिंसक झड़पें हुई हैं, जिसके बाद वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।

अवैध हथियारों के खिलाफ 'मिशन क्लीन'

बिहार में अवैध हथियारों की तस्करी और उनके सार्वजनिक प्रदर्शन पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया है।

  • छापेमारी: मुंगेर और आसपास के इलाकों में अवैध हथियार बनाने वाली इकाइयों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में देशी कट्टे और कारतूस बरामद किए गए हैं।
  • सोशल मीडिया पर निगरानी: पुलिस की विशेष टीम उन युवकों पर नजर रख रही है जो हथियारों के साथ रील या फोटो साझा कर दहशत फैलाने की कोशिश करते हैं।

पटना में वाहन चोरी और 'साइबर फ्रॉड' का बढ़ता ग्राफ

राजधानी पटना सहित मुजफ्फरपुर और भागलपुर में वाहन चोरी और ऑनलाइन ठगी की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि देखी गई है।

  • वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़: पटना पुलिस ने हाल ही में एक ऐसे गिरोह को गिरफ्तार किया है जो मास्टर चाबी का उपयोग कर चंद सेकंड में बाइक और कार उड़ा देते थे। इनके पास से दर्जनों चोरी के वाहन बरामद हुए हैं।
  • साइबर फ्रॉड: फर्जी बैंक अधिकारी बनकर और 'केवाईसी अपडेट' के नाम पर लोगों के खातों से पैसे उड़ाने वाले साइबर ठगों का जाल भी फैला है। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस के जरिए कई 'फर्जी कॉल सेंटर्स' को चिन्हित किया है।

प्रशासनिक सतर्कता: गश्त और तकनीकी निगरानी

राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं:

  • ERSS-112 की सक्रियता: डायल 112 की गाड़ियों को संवेदनशील इलाकों में 24 घंटे गश्त करने के आदेश दिए गए हैं।
  • सीसीटीवी नेटवर्क: प्रमुख चौराहों और भागने के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।
  • पूछताछ और धरपकड़: गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस उन 'स्लीपर सेल्स' तक पहुँचने की कोशिश कर रही है जो शहर में चोरी और लूट की योजना बनाते हैं।
  • सरकारी वक्तव्य: बिहार में कानून का राज स्थापित करना हमारी प्राथमिकता है। किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और हथियारों के अवैध कारोबार की जड़ पर प्रहार किया जाएगा।

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