देश में अपराध की डरावनी तस्वीर: हर दिन नया मामला, हर शहर में दहशत

 

भारत में अपराध की घटनाएं अब सिर्फ अखबारों के पन्नों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल होकर पूरे देश को झकझोर रही हैं। हत्या, लूट, गैंगरेप, साइबर फ्रॉड, रंगदारी और जमीन विवाद जैसे मामले रोज़ सामने रहे हैं। हालात यह हैं कि आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस करने लगा है और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

बीते कुछ दिनों में देश के अलग-अलग राज्यों से ऐसी आपराधिक घटनाएं सामने आईं, जिन्होंने लोगों को हैरान कर दिया। कहीं दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, तो कहीं पुलिस वर्दी में ठगों ने लाखों की ठगी कर ली। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे CCTV फुटेज और मोबाइल वीडियो इन अपराधों की भयावहता को साफ दिखा रहे हैं।

सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि अपराधियों में कानून का डर खत्म होता दिख रहा है। कई मामलों में अपराध करने के बाद आरोपी खुलेआम वीडियो बनाकर धमकी देते नजर आए। कुछ वीडियो तो इतने सनसनीखेज रहे कि लाखों बार देखे गए और देखते ही देखते वायरल हो गए। इन वीडियो ने आम लोगों के मन में डर और गुस्सा दोनों पैदा कर दिया।

साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहा है। डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, बैंक अकाउंट खाली करने और सोशल मीडिया हैकिंग के मामले रोज़ सामने रहे हैं। पढ़े-लिखे लोग भी ठगों के जाल में फंस रहे हैं। अपराधी अब तकनीक का इस्तेमाल कर बिना हथियार के ही लोगों को लूट रहे हैं।

ग्रामीण इलाकों में जमीन विवाद और पुरानी रंजिश के चलते हत्या और हिंसा के मामले बढ़े हैं। वहीं शहरों में गैंगवार, रंगदारी और ड्रग्स से जुड़े अपराध युवाओं को अपराध की दुनिया में धकेल रहे हैं। कई वायरल खबरों में देखा गया कि नाबालिग भी गंभीर अपराधों में शामिल पाए गए, जो समाज के लिए बेहद खतरनाक संकेत है।

महिलाओं के खिलाफ अपराध भी चिंता का बड़ा कारण बने हुए हैं। छेड़छाड़, रेप और घरेलू हिंसा की घटनाएं सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर आक्रोश फूट पड़ा। #JusticeForVictim जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे, लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ वायरल होना ही न्याय दिला सकता है?

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। कई मामलों में देर से FIR, कमजोर जांच और आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने के आरोप लगे हैं। यही कारण है कि जनता का भरोसा सिस्टम से धीरे-धीरे उठता जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बेरोजगारी, नशा, सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल और कमजोर कानून व्यवस्था अपराध बढ़ने के बड़े कारण हैं। जब तक अपराधियों को सख्त और त्वरित सजा नहीं मिलेगी, तब तक ऐसे मामले रुकने वाले नहीं हैं।

निष्कर्ष
देश में अपराध अब सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक संकट बनता जा रहा है। वायरल हो रही ये खबरें हमें चेतावनी देती हैं कि अगर अब भी सख्ती और सुधार नहीं हुए, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। जरूरत है मजबूत कानून, ईमानदार पुलिसिंग और जागरूक नागरिकों की—तभी देश सुरक्षित बन पाएगा।

 

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