राजस्थान: सीमा पर 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' तेज, जयपुर-जोधपुर में साइबर ठगों और लुटेरों पर बड़ी कार्रवाई

 

जयपुर/जोधपुर | विशेष संवाददाता सोमवार, 12 जनवरी 2026

राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में बढ़ती तस्करी और शहरी क्षेत्रों में तकनीकी ठगी की घटनाओं ने प्रशासन को हाई-अलर्ट पर ला दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य स्तरीय पुलिस सम्मेलन-2026 में स्पष्ट किया कि राज्य में 'अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है।' विशेष रूप से भारत-पाक सीमा से सटे जिलों में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों ने संयुक्त अभियान तेज कर दिया है।

सीमावर्ती जिलों में 'नार्को-टेरर' पर प्रहार

श्रीगंगानगर, बाड़मेर और जैसलमेर जैसे सीमावर्ती जिलों में ड्रोन के जरिए होने वाली ड्रग्स और हथियार तस्करी को रोकने के लिए राजस्थान पुलिस ने 'एंटी-ड्रोन यूनिट्स' तैनात की हैं।

  • बड़ी खेप बरामद: हाल ही में एक्सप्रेस-वे पर चलाए गए 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' के तहत पुलिस ने चावल के कट्टों के नीचे छिपाई गई करीब ₹1.5 करोड़ मूल्य की अवैध शराब और नशीली दवाएं जब्त की हैं।
  • अंतरराज्यीय गिरोह: बाड़मेर पुलिस ने हरियाणा से गुजरात जा रही अवैध शराब के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ कर मुख्य सरगना को गिरफ्तार किया है।

जयपुर-जोधपुर: हाई-टेक ठगी और चोरी का जाल

प्रदेश के सबसे बड़े शहरों—जयपुर और जोधपुर—में साइबर अपराधियों और शातिर चोरों ने नई चुनौतियां पेश की हैं।

  • करोड़ों का जीएसटी फर्जीवाड़ा: जोधपुर में पुलिस ने ई-मित्र केंद्रों के जरिए 240 फर्जी कंपनियां बनाकर ₹524 करोड़ की जीएसटी चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है।
  • गोल्ड ट्रेडिंग स्कैम: जयपुर में जेम्स कारोबारियों को निशाना बनाने वाले एक 'गोल्ड ट्रेडिंग' गिरोह ने निवेश के नाम पर ₹12 करोड़ की ठगी की, जिस पर साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को दबोचा है।
  • ट्रेन डकैती: जोधपुर-कामाख्या एक्सप्रेस में हाल ही में हुई चोरी की बड़ी वारदात के बाद रेलवे पुलिस (GRP) ने गश्त बढ़ा दी है और संदिग्धों की पहचान के लिए AI-आधारित कैमरों का सहारा लिया जा रहा है।

ग्रामीण हिंसा और आपसी विवादों पर 'कलिका इकाई' की नजर

ग्रामीण इलाकों में जमीन और आपसी रंजिश के चलते बढ़ती हिंसा को देखते हुए सरकार ने जिला स्तर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।

मुख्यमंत्री का संदेश: हमने पेपर लीक माफियाओं को खत्म किया है, अब गैंगस्टरों की बारी है। राजस्थान में या तो कोई गैंगस्टर आए नहीं, और अगर आ जाए तो वापस जिंदा न जाए।

पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए 'कलिका पेट्रोलिंग यूनिट' और 'अभय कमांड सेंटर' को और अधिक सक्रिय किया है, ताकि आपसी विवादों को हिंसा में बदलने से पहले ही सुलझाया जा सके।

सुरक्षा के कड़े कदम: विजन 2026

डीजीपी राजीव शर्मा ने साल 2026 के लिए पुलिस की प्राथमिकताएं तय करते हुए बताया कि:

  1. एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स: संगठित अपराध के नेटवर्क को आर्थिक रूप से तोड़ने के लिए अपराधियों की संपत्तियां कुर्क की जाएंगी।
  2. स्मार्ट पुलिसिंग: सभी थानों को हाई-टेक फॉरेंसिक लैब और आधुनिक अनुसंधान उपकरणों से लैस किया जा रहा है।
  3. महिला सुरक्षा: सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए 'ऑपरेशन सिंदूर' और 'सेफ सिटी' प्रोजेक्ट को विस्तार दिया गया है।

निष्कर्ष

राजस्थान सरकार और पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा। जहां एक तरफ सीमा पर चौकसी बढ़ाई गई है, वहीं शहरों में साइबर क्राइम से निपटने के लिए जनता को जागरूक करने का अभियान भी चलाया जा रहा है।

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