वसई-विरार चुनाव: घर से चल रहा 'चुनावी खेल'? लक्ष्मी शुक्ला पर गंभीर आरोप, प्रभाग 27 में मचा हड़कंप (Maharashtra)

 

मुंबई/वसई | न्यूज़ डेस्क वसई-विरार महानगरपालिका चुनाव की तारीख (15 जनवरी) जैसे-जैसे नजदीक रही है, प्रभाग संख्या 27 में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। लेकिन इसी बीच एक ऐसा नाम चर्चा में आया है जिसने चुनावी शुचिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

लक्ष्मी शुक्ला पर लगे गंभीर आरोप

स्थानीय सूत्रों और खोजी पड़ताल में लक्ष्मी पंकज शुक्ला (40) का नाम प्रमुखता से उभर कर सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि उन्होंने लोहार पाड़ा स्थित अपने निजी निवास को ही कथित तौर पर एक 'चुनावी प्रबंधन कार्यालय' बना रखा है। सूत्रों का दावा है कि लक्ष्मी शुक्ला भाजपा से जुड़ी बताई जा रही हैं 

चर्चा है कि वह विभिन्न बैठकों और सार्वजनिक चर्चाओं में खुलेआम यह दावा करती पाई गई हैं कि उनके पास तैयार भीड़ और वोट बैंक उपलब्ध है। सूत्रों का कहना है कि वे किसी भी प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने और भीड़ जुटाने का 'ठेका' लेने का दावा कर रही हैं, जिससे चुनाव की निष्पक्षता खतरे में नजर रही है।

पैसों के बदले भीड़: रेट कार्ड का खुलासा!

सूत्रों का दावा है कि इस कथित नेटवर्क के जरिए भीड़ जुटाने के लिए बाकायदा 'रेट कार्ड' तैयार किया गया है:

  • जेंडर आधारित दरें: पुरुषों और महिलाओं को रैलियों में ले जाने के लिए अलग-अलग भुगतान तय किया जाता है।
  • शिफ्टिंग समर्थक: आरोप है कि एक ही समूह को अलग-अलग इलाकों में ले जाकर भारी जनसमर्थन का दिखावा किया जाता है।
  • फर्जी वोटिंग का खतरा: सबसे गंभीर दावा यह है कि रैलियों में घुमाई जा रही इस भीड़ में करीब 50 प्रतिशत लोग मतदाता ही नहीं हैं उनके नाम स्थानीय मतदाता सूची में दर्ज नहीं होने के बावजूद उन्हें 'स्थानीय समर्थक' बनाकर पेश किया जा रहा है।

प्रभाग 27 का समीकरण: दिग्गजों की साख दांव पर

इस प्रभाग में मुकाबला त्रिकोणीय और दिलचस्प है। मैदान में मुख्य रूप से तीन बड़े खेमे आमने-सामने हैं:

  • भाजपा: सौ. दमयंती भीमराव भोंईर, श्री. राजेंद्र यादव म्हात्रे, सौ. हर्षला प्रविण गावडे और श्री. धरेंद्र विलास कुलकर्णी
  • बहुजन विकास आघाड़ी (BVA): श्री. सुनील मोरेश्वर आचोलकर, श्री. कन्हैया (बेटा) मनोहर भोंईर, सौ. ज्योत्सना शरद भगली और सौ. दीपा सुजेश पाटिल
  • बसपा: सौ. शना इरशाद।

इन सभी सम्मानित प्रत्याशियों के लिए यह सलाह है कि वे किसी भी प्रकार के 'भीड़-ब्रोकरिंग' सिंडिकेट से दूरी बनाए रखें, क्योंकि ऐसे किसी भी नेटवर्क से जुड़ाव भविष्य में आपको अनचाही कानूनी जांच और विवादों के घेरे में ला सकता है।

प्रशासन और चुनाव आयोग से मांग

जागरूक नागरिकों ने मांग की है कि चुनाव आयोग का उड़नदस्ता (Flying Squad) तत्काल लोहार पाड़ा स्थित इस कथित कार्यालय की जांच करे और मतदाता सूची से भीड़ का मिलान करे। विशेषज्ञों का कहना है कि फर्जी भीड़ दिखाना और धन का प्रलोभन देना आदर्श आचार संहिता का सीधा उल्लंघन है।

महत्वपूर्ण नोट: इस कथित नेटवर्क और 'भीड़ प्रबंधन' के खेल को उजागर करने के साथ-साथ, हमने इस रिपोर्ट को चिंचोटी क्षेत्र के विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों और स्थानीय जानकारों के बीच साझा कर दिया है। हमारा उद्देश्य इस संभावित घोटाले की कड़ी निगरानी (नजरबंदी) करना और मतदाताओं को जागरूक करना है। इस अभियान के माध्यम से हमें लगातार नई जानकारियां और अपडेट्स मिल रहे हैं, जिनकी पुष्टि कर हम जल्द ही अगली रिपोर्ट प्रकाशित करेंगे।

संपादकीय नोट: यह रिपोर्ट स्थानीय नागरिकों से प्राप्त जानकारी और शुरुआती दावों पर आधारित है। संबंधित पक्ष का स्पष्टीकरण आने पर उसे भी प्रमुखता से स्थान दिया जाएगा।



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