दिल्ली: लुटेरों और 'डिजिटल ठगों' के निशाने पर राजधानी; दिल्ली पुलिस का 'नाइट डोमिनेशन' अभियान शुरू

 

नई दिल्ली | विशेष संवाददाता सोमवार, 12 जनवरी 2026

देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर स्ट्रीट क्राइम और हाई-टेक साइबर धोखाधड़ी के मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है। विशेष रूप से दक्षिण और पूर्वी दिल्ली के रिहायशी इलाकों में झपटमारी और फर्जी लोन ऐप्स के जरिए उगाही की बढ़ती शिकायतों के बाद, दिल्ली पुलिस ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए रात की गश्त (Night Patrolling) को कई गुना बढ़ा दिया है।

स्ट्रीट क्राइम: झपटमारी और लूट पर 'स्पेशल सेल' की नज़र

पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर और दक्षिण दिल्ली के द्वारका इलाकों में पिछले कुछ दिनों में चेन स्नैचिंग और मोबाइल लूट की वारदातों में तेजी आई है।

  • बड़ी सफलता: द्वारका जिला पुलिस ने हाल ही में एक ऐसे 'क्रैक टीम' गिरोह को दबोचा है जो सुनसान सड़कों पर बाइक से लूटपाट करते थे। इनके पास से चोरी के दर्जनों मोबाइल और अवैध हथियार बरामद किए गए हैं।
  • पिंक बूथ और पेट्रोलिंग: महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भीड़भाड़ वाले बाजारों में 'पिंक बूथ' की सतर्कता बढ़ा दी गई है और महिला पुलिस कर्मियों की स्कूटी पेट्रोलिंग तेज की गई है।

साइबर फ्रॉड: फर्जी लोन ऐप और 'डिजिटल अरेस्ट' का बढ़ता जाल

दिल्ली में साइबर अपराधियों ने अब सीधे लोगों के स्मार्टफोन को हथियार बना लिया है। फर्जी लोन ऐप्स के जरिए लोगों को फंसाने और बाद में उनकी निजी तस्वीरों को मॉर्फ (Morph) कर ब्लैकमेल करने के मामले बढ़े हैं।

  • फर्जी इंश्योरेंस रैकेट: हाल ही में दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने द्वारका में एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो बंद हो चुकी इंश्योरेंस पॉलिसी की मैच्योरिटी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी कर रहा था।
  • ऑपरेशन 'CY-Hawk': दिल्ली पुलिस के विशेष दस्ते 'IFSO' ने हाल ही में शेल कंपनियों के जरिए ₹180 करोड़ का गबन करने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम: 'नाइट डोमिनेशन' और पिकेट चेकिंग

बढ़ते अपराधों को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने दिल्ली के सभी थानों को रात 9 बजे से सुबह 4 बजे तक सघन चेकिंग के निर्देश दिए हैं।

  1. हाई-टेक बैरिकेडिंग: दिल्ली की सीमाओं और मुख्य चौराहों पर अब स्वचालित बैरिकेड्स लगाए गए हैं जो संदिग्ध वाहनों की पहचान तुरंत कर लेते हैं।
  2. ड्रोन निगरानी: पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के संकरे इलाकों में ड्रोन के जरिए छतों और गलियों पर नजर रखी जा रही है ताकि अपराधियों के भागने के रास्ते बंद किए जा सकें।
  3. दिल्ली पुलिस की अपील: किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी अज्ञात लोन ऐप को फोन का एक्सेस दें। यदि आप साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें।

निष्कर्ष

यद्यपि तकनीकी निगरानी और पुलिस की मुस्तैदी से कई बड़े गिरोह पकड़े गए हैं, लेकिन साइबर अपराध की नई चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। गृह मंत्रालय ने भी दिल्ली पुलिस को आधुनिक संसाधनों और AI-आधारित सुरक्षा प्रणालियों के लिए अतिरिक्त बजट आवंटित किया है ताकि राजधानी को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।

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