चंडीगढ़/अमृतसर | विशेष संवाददाता सोमवार, 12 जनवरी 2026
पंजाब को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने के लिए भगवंत मान सरकार ने 'युद्ध नशे के विरुद्ध' (Yudh Nashean Virudh) अभियान के दूसरे चरण का आगाज कर दिया है। राज्य भर में नशे के सौदागरों के खिलाफ 'सर्जिकल स्ट्राइक' जारी है। वहीं, लुधियाना और जालंधर जैसे बड़े शहरों में आपसी रंजिश और गैंगवार की घटनाओं को देखते हुए पुलिस प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
नशे के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस': 42 हजार से अधिक गिरफ्तारियां
सरकार द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान के पहले चरण की सफलता के बाद अब दूसरे चरण में 'बड़े मगरमच्छों' (बड़े तस्करों) पर शिकंजा कसा जा रहा है।
- बड़ी कार्रवाई: अब तक राज्य में नशे से जुड़े 28,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं और 42,000 तस्करों को जेल भेजा गया है।
- संपत्ति पर बुलडोजर: पुलिस केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। लुधियाना और अमृतसर में ड्रग मनी से बनाई गई तस्करों की करोड़ों रुपये की संपत्तियों को कुर्क (Freeze) किया जा रहा है। हाल ही में लुधियाना पुलिस ने तस्करों की ₹1.03 करोड़ की संपत्ति फ्रीज की है।
'पिंडां दे पहरेदार': ग्रामीण स्तर पर पहरेदारी
मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल ने इस मुहिम को जन-आंदोलन बनाने के लिए 'पिंडां दे पहरेदार' पहल शुरू की है। इसके तहत:
- हर गांव में 10-20 स्वयंसेवकों की 'विलेज डिफेंस कमेटी' बनाई गई है।
- राज्य भर में करीब 1.5 लाख वालंटियर्स पुलिस के साथ मिलकर सूचना तंत्र को मजबूत कर रहे हैं।
- एक विशेष मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है, जिसके जरिए ग्रामीण गुप्त रूप से तस्करों की जानकारी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को दे सकेंगे।
आपसी रंजिश और गैंगवार पर पुलिस का कड़ा प्रहार
नशे के अलावा, पंजाब के कुछ जिलों में आपसी रंजिश के कारण हत्या और गैंगवार की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है।
- लुधियाना गैंगवार: हाल ही में लुधियाना में एक शादी समारोह के दौरान गैंगस्टरों के दो गुटों में हुई अंधाधुंध फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई।
- पुलिस की जवाबी कार्रवाई: पुलिस ने अमृतसर और फिरोजपुर में 'टारगेटेड किलिंग' की साजिश रच रहे गिरोहों का भंडाफोड़ किया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) ने आदेश दिए हैं कि आपसी रंजिश में हथियार उठाने वालों के खिलाफ UAPA जैसी सख्त धाराओं में कार्रवाई की जाए।
विज़न 2026: तकनीक से लैस होगी पंजाब पुलिस
राज्य सरकार ने पुलिस को आधुनिक बनाने के लिए एक विशेष रोडमैप तैयार किया है।
सरकारी निर्देश: सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी रोकने के लिए ड्रोन रोधी (Anti-drone) सिस्टम की संख्या बढ़ाई जा रही है। साथ ही, संवेदनशील इलाकों में 2300 से अधिक हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं ताकि अपराधियों की आवाजाही पर डिजिटल नजर रखी जा सके।
निष्कर्ष
पंजाब सरकार ने साफ कर दिया है कि राज्य की जवानी को नशे से बचाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। जहां एक तरफ नशे के खिलाफ सामाजिक जागरूकता बढ़ाई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ तस्करों और गैंगस्टरों के आर्थिक तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त किया जा रहा है।
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