पश्चिम बंगाल: राजनीतिक झड़पों और तस्करी के खिलाफ पुलिस का 'हाई अलर्ट', प्रशासन सख्त

कोलकाता | विशेष संवाददाता सोमवार, 12 जनवरी 2026

पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में हाल ही में हुई राजनीतिक हिंसा और आपसी झड़पों की घटनाओं के बाद राज्य का माहौल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए पुलिस प्रशासन को 'सजग मोड' पर रहने के निर्देश दिए हैं। सीमावर्ती जिलों में तस्करी और शहरी इलाकों में चोरी की बढ़ती घटनाओं पर भी पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

राजनीतिक झड़पें और सुरक्षा बलों की तैनाती

राज्य के कुछ संवेदनशील जिलों, विशेषकर मुर्शिदाबाद और उत्तर 24 परगना में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण हिंसा की खबरें सामने आई हैं। मुर्शिदाबाद में हाल ही में हुई झड़पों के बाद स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। कई इलाकों में धारा 144 लागू की गई है और शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों की निगरानी भी बढ़ाई गई है।

संदेशखली जैसे इलाकों में पुलिस टीम पर हमले की खबरों के बाद प्रशासन ने उपद्रवियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) ने स्पष्ट किया है कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका राजनीतिक संबंध कुछ भी हो।

कोयला और मवेशी तस्करी पर बड़ा प्रहार

पश्चिम बंगाल पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां संयुक्त रूप से तस्करी के खिलाफ अभियान चला रही हैं। हाल ही में कोयला तस्करी और मवेशी तस्करी के सिंडिकेट से जुड़े कई मुख्य गुर्गों को हिरासत में लिया गया है।

  • छापेमारी: कोलकाता और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाकर अवैध कोयले के बड़े जखीरे जब्त किए गए हैं।
  • बॉर्डर सुरक्षा: भारत-बांग्लादेश सीमा से सटे इलाकों में पुलिस और BSF ने समन्वय बढ़ाकर तस्करी के रास्तों को सील कर दिया है।

शहरी अपराध: चोरी और स्नैचिंग पर नियंत्रण

कोलकाता और सिलीगुड़ी जैसे बड़े शहरों में चोरी और छिनैती की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने 'नाइट वॉच' अभियान तेज कर दिया है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए CCTV नेटवर्क और ड्रोन निगरानी का सहारा लिया जा रहा है। पिछले 24 घंटों के भीतर चोरी के विभिन्न मामलों में 15 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का सामान बरामद किया गया है।

राज्य सरकार के निर्देश और प्रशासनिक सतर्कता

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक या राजनीतिक हिंसा को शुरुआती स्तर पर ही कुचल दिया जाए। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय सामुदायिक नेताओं के साथ बैठकें करें ताकि आपसी सौहार्द बना रहे।

प्रशासनिक नोट: राज्य में शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ 'कठोर कानूनी कार्रवाई' की जाएगी। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी साइबर सेल की पैनी नजर है।

निष्कर्ष

यद्यपि राज्य में कुछ जगहों पर छिटपुट हिंसा की घटनाएं हुई हैं, लेकिन पुलिस की सक्रियता ने बड़े दंगों या संघर्षों की संभावना को टाल दिया है। आगामी दिनों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के लिए आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ाने की योजना है।

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