गुजरात: साइबर क्राइम और तस्करी के मामलों में भारी उछाल, पुलिस ने कसी कमर

 

अहमदाबाद | विशेष संवाददाता सोमवार, 12 जनवरी 2026

गुजरात में पिछले कुछ महीनों के दौरान आपराधिक गतिविधियों, विशेषकर साइबर धोखाधड़ी और मादक पदार्थों की तस्करी के ग्राफ में चिंताजनक बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। राज्य में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने के लिए गुजरात पुलिस अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है। राज्य सरकार की ओर से सख्त निर्देश जारी होने के बाद, पुलिस महकमे ने अपराधियों के खिलाफ एक बड़ा और निर्णायक अभियान छेड़ दिया है।

साइबर अपराध: डिजिटल ठगी का बढ़ता जाल

हालिया आंकड़ों के अनुसार, गुजरात के प्रमुख शहरों—अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट में साइबर क्राइम के मामलों में 25% की वृद्धि देखी गई है। ठगों द्वारा आम जनता को लुभाने के लिए निवेश के फर्जी अवसर, 'डिजिटल अरेस्ट' और केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी की जा रही है।

अहमदाबाद साइबर सेल के अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो भोले-भले लोगों को शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर ठग रहा था। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के मुख्य सरगना सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और लैपटॉप बरामद किए हैं।

नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रहार

सीमावर्ती राज्य होने के कारण गुजरात में तस्करी की चुनौतियां हमेशा बनी रहती हैं। हाल ही में कच्छ और सौराष्ट्र के तटीय इलाकों से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। पुलिस महानिदेशक (DGP) कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस ने 'ऑपरेशन क्लीन' के तहत पिछले 15 दिनों में करोड़ों रुपये की ड्रग्स पकड़ी है। तस्करी के इन मामलों में संलिप्त कई स्थानीय और बाहरी एजेंटों को सलाखों के पीछे भेजा गया है।

शहरी इलाकों में 'स्पेशल ड्राइव': चोरी पर लगाम

शहरी क्षेत्रों में बढ़ती सेंधमारी और चेन स्नैचिंग की घटनाओं ने स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ा दी थी। इसके जवाब में, गुजरात पुलिस ने 'विशेष रात्रि पेट्रोलिंग' और 'सीसीटीवी निगरानी अभियान' शुरू किया है।

  • हॉटस्पॉट की पहचान: पुलिस ने उन इलाकों को चिन्हित किया है जहाँ चोरी की घटनाएं अधिक होती हैं।
  • संदिग्धों की धरपकड़: पिछले 48 घंटों में राज्य भर में छापेमारी कर चोरी के मामलों में वांछित 40 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस का आधुनिकीकरण और नई तकनीक

गुजरात सरकार ने पुलिस बल को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल पर जोर दिया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय का संदेश: अपराधी तकनीक का सहारा ले रहे हैं, इसलिए पुलिस को उनसे दो कदम आगे रहना होगा। हम पुलिस विभाग को उन्नत सॉफ्टवेयर, हाई-रेसोल्यूशन ड्रोन और बेहतर फॉरेंसिक लैब की सुविधा प्रदान कर रहे हैं।

पुलिस अब अपराधियों का डेटाबेस तैयार करने के लिए 'फेसियल रिकग्निशन सिस्टम' का उपयोग कर रही है, जिससे सार्वजनिक स्थानों पर छिपे हुए अपराधियों को पकड़ना आसान हो गया है। साथ ही, साइबर क्राइम की शिकायतों के लिए '1930' हेल्पलाइन को और अधिक सुदृढ़ किया गया है।

निष्कर्ष

यद्यपि अपराधों की संख्या में वृद्धि एक चुनौती है, लेकिन पुलिस की सक्रियता और आधुनिक संसाधनों के प्रयोग ने जनता में विश्वास पैदा किया है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और डिजिटल लेन-देन करते समय सतर्क रहें।

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