Measles का फैलाव जारी — यूनिवर्सिटी में केस पाए गए
आज Clemson University में measles (खसरा) का एक पुष्ट मामला सामने आया है। स्वास्थ्य अधिकारी वायरस के फैलाव पर नज़र बनाए हुए हैं और अब संक्रमण को रोकने के लिए टीकाकरण और निगरानी बढ़ाई जा रही है। यह बीमारी खासकर बिना वैक्सीन वाले लोगों के लिए खतरनाक हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बच्चों और युवा वयस्कों से तुरंत टीकाकरण करवाने की सलाह दे रहे हैं।
मानसिक स्वास्थ्य पर बड़ा शोध: कई डिसऑर्डर का कारण एक हो सकता है
एक नई वैज्ञानिक शोध में पता चला है कि अलग-अलग मानसिक स्वास्थ्य समस्याएँ जैसे बाइपोलर डिसऑर्डर और स्किज़ोफ्रेनिया के पीछे कुछ जीनटिक कारण एक जैसे हो सकते हैं। इससे भविष्य में इन दशाओं के इलाज के तरीके बदल सकते हैं। अगर यह शोध सही साबित होता है तो डॉक्टरों के लिए बेहतर उपचार योजनाएँ तैयार करना आसान होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे लाखों लोगों को मदद मिल सकती है।
Measles फैलने की आशंका और स्वास्थ्य निगरानी
अमेरिका में measles वायरस के फैलने की संभावना को लेकर स्वास्थ्य अधिकारी सतर्क हैं। Snohomish County समेत कई क्षेत्रों में मामलों की निगरानी की जा रही है ताकि संक्रमण को रोका जा सके। अधिकारी सभी नागरिकों से अपील कर रहे हैं कि बिना वैक्सीन वाले लोग तुरंत टीकाकरण कराएँ। बच्चों और बुज़ुर्गों को विशेष रूप से खतरे में बताया जा रहा है।
Flu (इन्फ्लुएंजा) एक्टिविटी बनी हुई हाई — CDC डेटा
अमेरिका के CDC (Centers for Disease Control and Prevention) के अनुसार फ्लू एक्टिविटी अभी भी ऊँचे स्तर पर है, जिसमें अनुमानित 18 मिलियन से ज़्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपने आप को भीड़भाड़ में रखने से बचाएँ और सही समय पर टीकाकरण करवा लें। बुज़ुर्गों और बच्चे विशेष जोखिम में हैं। स्वास्थ्य सेवाएँ तैयार हैं लेकिन सावधानी सबसे बड़ा हथियार है।
🇮🇳 भारत और दुनिया से Health से जुड़ी अन्य प्रमुख समाचार
IIT रुड़की और पतंजलि का हेल्थ टेक्नोलॉजी पहल
IIT रुड़की और पतंजलि विश्वविद्यालय ने स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन में स्मार्ट तकनीकों के एकीकरण पर तीन दिवसीय संगोष्ठी शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य हेल्थकेयर तक बेहतर पहुँच और प्रबंधन को तकनीक आधारित बनाना है, जिससे लोगों को अस्पताल से घर तक सुविधाएँ आसानी से मिले।
राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नई पहल
राजस्थान सरकार ने Heal in Rajasthan Policy 2025 लॉन्च कर बड़ी स्वास्थ्य पहलों की घोषणा की है। इसका लक्ष्य ग्रामीण और दूरदराज इलाकों तक बेहतर मेडिकल सुविधाएँ पहुँचाना और medical tourism को बढ़ावा देना है। साथ ही राज्य स्तर पर स्वास्थ्य शिविर और ब्लड डोनेशन कैंप का भी आयोजन किया गया है।
राजस्थान में आयुष इलाज पर बीमा कवरेज खत्म
राजस्थान सरकार ने निर्णय लिया है कि अब आयुष (Ayurveda, Unani, Homoeopathy) इलाज के लिए बीमा कवरेज नहीं मिलेगा। इसका सीधा असर उन कर्मचारियों और पेंशनधारियों पर पड़ेगा जो आयुष चिकित्सा पर खर्च करते हैं। अब वे इलाज की लागत खुद वहन करेंगे।
कोरोना और वायरस अपडेट (जो अभी भी निगरानी में है)
कुछ रिपोर्टों के अनुसार भारत में नए COVID-19 वेरिएंट JN.1 जैसे सबवेरिएंट के मामले मिल रहे हैं, हालांकि ज्यादातर संक्रमण गंभीर नहीं है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सतर्कता बरतने और सावधान रहने की सलाह जारी की है।
0 Comments