महाशिवरात्रि पर देशभर में उमड़ी आस्था, रात भर मंदिरों में लगी लंबी कतारें

न्यूज़ डेस्क | नई दिल्ली

महाशिवरात्रि पर पूरे देश में उमड़ा आस्था का सैलाब, रात भर मंदिरों में लगी रहीं लंबी कतारें

आज पूरे भारत में महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। कल रात से ही देश के प्रमुख शिव मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। आधी रात के बाद जैसे ही विशेष पूजा और जलाभिषेक का मुहूर्त आया, मंदिर परिसर “हर हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठे।

उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक, हर राज्य में शिवालयों में भारी भीड़ देखी गई। वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर, उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर, सोमनाथ, केदारनाथ और देशभर के हजारों छोटे-बड़े शिव मंदिरों में भक्तों ने जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर पूजा की। कई जगहों पर पूरी रात भजन-कीर्तन और रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया।

मंदिर प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था की थी। कई शहरों में पुलिस बल तैनात किया गया, बैरिकेडिंग की गई और सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई गई। कुछ स्थानों पर ऑनलाइन दर्शन और लाइव प्रसारण की सुविधा भी दी गई, ताकि दूर-दराज़ के श्रद्धालु भी पूजा में सहभागी हो सकें।

दिल्ली, मुंबई, भोपाल, जयपुर, लखनऊ और पटना जैसे बड़े शहरों में सुबह से ही मंदिरों के बाहर लंबी लाइनें देखी गईं। श्रद्धालु उपवास रखकर और पारंपरिक वस्त्र पहनकर मंदिर पहुंचे। कई युवाओं और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सोशल मीडिया पर भी महाशिवरात्रि से जुड़े वीडियो और तस्वीरें तेजी से साझा की गईं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार महाशिवरात्रि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का प्रतीक मानी जाती है। इस दिन रात्रि जागरण और उपवास का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा से की गई पूजा से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।

कई राज्यों में मेलों का आयोजन भी किया गया। स्थानीय प्रशासन ने साफ-सफाई, पेयजल और चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की। कुछ जगहों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया ताकि भीड़ के कारण शहर की व्यवस्था प्रभावित न हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे धार्मिक उत्सव सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं। हालांकि, प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे भीड़ में धैर्य बनाए रखें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।

आज का दिन देशभर में आस्था, परंपरा और सामूहिक श्रद्धा का प्रतीक बनकर सामने आया। रात भर जलते दीपक, मंदिरों में गूंजते मंत्र और भक्तों की अटूट आस्था ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।

महाशिवरात्रि के इस पर्व ने एक बार फिर दिखाया कि भारत में त्योहार केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामूहिक अनुभव और सांस्कृतिक उत्सव भी हैं।

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