सरकारी योजनाओं और निजी सेक्टर की तेज़ भर्ती से देश में रोज़गार के नए अवसर, युवाओं के लिए बढ़ी उम्मीदें

 

रिपोर्ट : सिटी न्यूज़ 24 | जॉब & करियर डेस्क

आज नौकरी और रोजगार (Job & Employment) से जुड़ी कई अहम, वास्तविक और भारी असर वाली खबरें सामने आई हैं, जिनमें सरकारी योजनाओं, रोज़गार आंकड़ों, भर्ती समाचार और रोजगार बाजार की मजबूती शामिल हैं। इस रिपोर्ट में हम आपको देश भर के ताज़ा रोजगार अपडेट दे रहे हैं — जहाँ सरकारी पहलें, भर्ती संभावनाएँ और नौकरी के अवसर लगातार उभर रहे हैं।

सबसे ताज़ा और महत्वपूर्ण खबर तेलंगाना से आई है, जहाँ संघीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने घोषणा की कि राज्य को रूरल रोजगार योजना — “Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) Act, 2025” के तहत ₹340 करोड़ अतिरिक्त अनुदान मिलेगा। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था में रोजगार संवर्द्धन, डिजिटल निगरानी और पारदर्शिता को बढ़ाना है। इसके तहत जियो-टैगिंग के माध्यम से कार्यों की मॉनिटरिंग होगी और औसत मजदूरी भुगतान में देरी के लिए दंड व्यवस्था जैसी नई तकनीकी विशेषताएँ लागू की जाएँगी। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि इस वित्तीय वर्ष में पिछले वर्ष की तुलना में ₹17,000 करोड़ अधिक राशि ग्रामीण रोजगार योजनाओं के लिए आवंटित की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर मज़बूत होंगे और यह नीति स्थानीय विकास को भी बढ़ावा देगी।

यह नई नीति खासतौर पर उन राज्यों के लिए फायदेमंद है जहाँ कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था पर भारी निर्भरता है, क्योंकि ग्रामीण लोगों को रोज़गार के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे। नौकरी-उद्योग विशेषज्ञ बताते हैं कि इस तरह के सरकारी निवेश से विशेष रूप से युवा और ग्रामीण श्रमिकों को स्थिर मामूली/मध्य श्रेणी के रोजगार मिलने की सम्भावना बढ़ती है।

दूसरी बड़ी अपडेट यह है कि भारत में रोज़गार की विचारधारा में सामान्य से अधिक मजबूती के संकेत मिल रहे हैं। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल हायरिंग प्लेटफॉर्म Apna.co पर 2025 के दौरान लगभग 14 लाख नौकरी पोस्टिंग हुई, जो पिछले साल की तुलना में 15% की वृद्धि है। इसमें महिलाओं की भागीदारी 36% बढ़ी है, और आवेदनकर्ताओं की संख्या भी बढ़ी है, जिसमें वित्त, प्रशासनिक सेवाएँ, ग्राहक सेवा और हेल्थकेयर सपोर्ट जैसे क्षेत्रों में भारी रुचि दिखाई दे रही है।

विशेष रूप से यह रिपोर्ट संकेत देती है कि
• महिलाओं ने लगभग 3.8 करोड़ से अधिक नौकरी के लिए आवेदन किए, जो पहले से 36% अधिक है।
• ताज़ा भर्ती में टीयर-2 और टीयर-3 शहरों से भी भारी भागीदारी देखी जा रही है, जो यह दर्शाता है कि रोजगार केवल मेट्रो तक सीमित नहीं रह गया है।
• कुल मिलाकर नौकरी के अवसर छोटे व्यवसायों, ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स, हेल्थकेयर और आईटी सपोर्ट सेक्टरों में अधिक उभर रहे हैं।

इसी कड़ी में एक व्यापक रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत का औपचारिक रोज़गार मार्केट 2025 में एक रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच रहा हैEPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) के डेटा के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 के पहले 11 महीनों में लगभग 1.32 करोड़ नए औपचारिक नौकरियाँ जोड़ी गई हैं, जो पिछले वित्त वर्ष में जोड़ी गई कुल नौकरियों से अधिक है। औपचारिक रोज़गार में यह वृद्धि इस बात का संकेत देती है कि रोजगार बाजार में स्थिरता आ रही है और स्वरोज़गार तथा फॉर्मल सेक्टर में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। हालांकि कुछ रिपोर्टों के अनुसार नए व्यवसाय संस्थानों का EPFO में शामिल होना कम रहा है, जो यह बताता है कि रोजगार के अवसर स्थिर तो हैं, लेकिन नए संस्थान रोजगार बाजार में कम प्रवेश कर रहे हैं।

इसके अलावा एक नई रिपोर्ट ने यह भी दिखाया है कि भारत में सफ़ेद कॉलर (white-collar) नौकरियों में भी तेज़ वृद्धि दर्ज की जा रही है। जनवरी 2025 में भारत में सफ़ेद कॉलर नौकरियों में 32% की बढ़ोतरी हुई, खासकर सेमिकंडक्टर, ऊर्जा, ग्रीन जॉब और पर्यावरण-सस्टेनेबिलिटी सेक्टरों में। रिपोर्ट के अनुसार, इस वृद्धि में प्रमुख भाग बेंगलुरु, दिल्ली और पुणे जैसे महानगरों का रहा, जहाँ इन क्षेत्रों में विशेषज्ञता-आधारित भूमिकाओं की माँग उच्च स्तर पर पाई गई है।

सरकारी नीतियाँ भी रोजगार सृजन में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। केंद्रीय कैबिनेट ने लगभग ₹1.07 लाख करोड़ के रोजगार-संबंधी प्रोत्साहन योजना को मंज़ूरी दी है, जिसका लक्ष्य अगले दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियाँ उत्पन्न करना है। इस योजना के तहत नए कर्मचारियों को दो साल तक मासिक ₹3,000 तक का प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा, जिससे युवा और नए करियर शुरू करने वाले पेशेवरों को नौकरी खोजने में मदद मिलेगी।

कुछ रिपोर्टों में यह भी इंगित किया गया है कि नौकरी बाजार में रिक्त स्थानों की संख्या और नौकरी आवेदन दोनों बढ़ रहे हैं—कार्यदाताओं द्वारा 1.4 मिलियन नौकरियों की घोषणा की गई और महिलाओं तथा फ्रेशर पुरुषों ने आवेदन संख्या में वृद्धि की है, जिससे मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता सहित कई शहरों में रोजगार की संभावनाएँ मजबूत दिख रही हैं।

इन बढ़ोतरी के संकेतों के बावजूद कुछ चुनौतियाँ भी बनी हुई हैं। वैश्विक स्तर पर तकनीकी कंपनियों में छंटनी/लॉयऑफ ट्रेंड्स और AI-आधारित स्वचालन की वजह से कुछ भागों में नौकरी सुरक्षा पर दबाव देखा जा रहा है, हालांकि भारत में अधिकतर रिपोर्टों का कहना है कि AI नौकरी को खतरे के रूप में देखने की बजाय नए अवसर पैदा कर सकता है।

कुल मिलाकर आज की नौकरी से जुड़ी ताज़ा खबरें यह दर्शाती हैं कि भारत में रोजगार का परिदृश्य अब केवल रिक्त स्थान भरने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नौकरी बनाम आवेदन, महिलाओं की भागीदारी बढ़ना, सरकारी योजनाओं का समर्थन और औपचारिक नौकरी सृजन में रिकॉर्ड वृद्धि जैसे संकेत रोजगार बाजार को एक नए, सकारात्मक और भरोसेमंद चरण में ले जा रहे हैं।

सिटी न्यूज़ 24 जॉब डेस्क के अनुसार, नौकरी बाजार की यह नई लहर युवाओं, महिलाओं और फ़्रेशर्स के लिए शानदार अवसर लेकर आई है—और सरकार तथा निजी क्षेत्र दोनों के सहयोग से आने वाले महीनों में रोजगार के अवसर और भी व्यापक रूप से बढ़ेंगे।

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