बदलती जीवनशैली और बढ़ता स्ट्रेस बना देश में नई बीमारियों की सबसे बड़ी वजह, डॉक्टरों ने जारी की गंभीर चेतावनी

 

रिपोर्ट : सिटी न्यूज़ 24 | हेल्थ डेस्क

आज स्वास्थ्य क्षेत्र (Health) से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण खबरें सामने आई हैं, जिनका प्रभाव न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। स्वास्थ्य नीतियाँ, रोगों से लड़ने के उपाय, जीवनशैली संबंधी रिपोर्ट्स, और सार्वजनिक स्वास्थ्य के विस्तार में हो रहे बदलाव—ये सभी आज की खबरों के केंद्र में रहे।

1. उत्तर प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हेल्थ मिशन लॉन्च — नई पहल से स्वास्थ्य सेवा में क्रांतिकारी बदलाव

नई दिल्ली / लखनऊ, भारत
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज 2,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ “UP Artifical Intelligence Mission (UP-AIM)” की घोषणा की है, जिसका लक्ष्य राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक-आधारित तरीके से सुदृढ़ करना है। इस मिशन के तहत राज्य में रोगों की भविष्यवाणी, रोकथाम, और इलाज़ को रीयल-टाइम डेटा और उन्नत एआई सिस्टम के ज़रिए बेहतर बनाया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रभाव और तेज़ होगा, विशेषकर टीबी, बच्चों और माताओं की सुरक्षा तथा अन्य गंभीर रोगों की प्रबंधन में। सरकारी अधिकारियों ने बताया कि इस मिशन में NITI Aayog, WHO, गूगल और वर्ल्ड बैंक जैसी संस्थाओं की विशेषज्ञ सलाह भी शामिल है, जिससे मिशन की तकनीकी गुणवत्ता और कार्यान्वयन में तेजी आएगी।

यह पहल एक विस्तृत दृष्टिकोण पर आधारित है जिसमें स्वास्थ्य सेवा के डैशबोर्ड, विश्लेषण उपकरण, और वास्तविक रोग-सम्बन्धी डेटा मॉडल बनाए जाएंगे ताकि बीमारी फैलने से पहले उसका पता लगा कर रोकथाम की जा सके।

2. हरियाणा में आयुष्मान भारत-चिरायु योजना से लाखों मरीजों को लाभ

गुरुग्राम, हरियाणा
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की कि राज्य में आयुष्मान भारत-चिरायु योजना के तहत अब तक लगभग 25 लाख मरीजों ने उपचार का लाभ उठाया है, जिसमें क्लेम राशि ₹4,500 करोड़ से अधिक रही है। इस योजना के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों (70 वर्ष से अधिक) को सालाना ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज़ मिलता है। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को निजी अस्पतालों के स्तर तक उन्नत करने की भी प्रक्रिया जारी है, जिससे मरीजों को बेहतर सेवाएँ मिलें। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में कई जिला अस्पताल आधुनिक सुविधाओं से लैस किए जा रहे हैं, जिससे इलाज़ की गुणवत्ता और सुलभता दोनों में बढ़ोतरी हो रही है।

उनके अनुसार, यह योजना गरीब और सीमांत वर्ग के लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे वे बिना वित्तीय बोझ के उपचार करवा सकें।

3. तेलंगाना में लाइफस्टाइल बीमारी से होने वाली मौतें चिंता का कारण

हैदराबाद, तेलंगाना
तेलंगाना से मिली रिपोर्ट के मुताबिक़, महामारी के बाद लाइफस्टाइल संबन्धित बीमारियों के कारण होने वाली मौतों की संख्या चिंताजनक रूप से बढ़ी है। हेल्थ डेटा के अनुसार कुल medically certified मौतों का लगभग 42% हिस्सा हृदय रोग (Heart Disease) और अन्य लाइफस्टाइल बीमारियों से संबंधित है। इसमें हृदयाघात, उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक आदि शामिल हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि 30-40 वर्ष की उम्र के पेशेवरों में भी इन बीमारियों का जोखिम गत वर्षों में काफी बढ़ा है, मुख्य कारण अस्वास्थ्यकर खान-पान, तनाव, कम नींद और शारीरिक निष्क्रियता है।

डॉक्टरों ने कहा है कि प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच, नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और जीवनशैली में सुधार बीमारियों को रोकने में अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने समुदाय-आधारित जागरूकता कार्यक्रम तेज़ करने की बात कही है।

4. वैश्विक स्वास्थ्य पर आने वाले प्रमुख चुनौतियाँ और प्राथमिकताएँ

वैश्विक स्तर
हाल के ग्लोबल हेल्थ रिपोर्टों और विशेषज्ञ समीक्षाओं से पता चलता है कि 2026 में वैश्विक स्वास्थ्य तरजीहों में कुछ मुख्य चुनौतियाँ और अवसर शामिल हैं। इनमें:

✔️ गैर-संक्रामक रोगों (Non-Communicable Diseases) का बढ़ता बोझ
✔️ कोविड-19 के बाद मानसिक स्वास्थ्य मुद्दों का व्यापक प्रभाव
✔️ जलवायु परिवर्तन और वातावरण का स्वास्थ्य पर प्रभाव
✔️ स्वास्थ्य सेवा वितरण में असमानता और संसाधनों की कमी

विशेषज्ञ कहते हैं कि प्रत्येक देश को सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली मजबूत करने, रोग रोकथाम को प्राथमिकता देने और आपात-कालीन स्वास्थ्य प्रबंधन को उन्नत करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य की स्वास्थ्य आपदाओं से निपटा जा सके।

5. स्वास्थ्य उपभोक्ता बाजार में तेज़ी – भारतीय हेल्थ प्रोडक्ट्स का बड़ा मार्केट

भारत
नवीनतम अध्ययनों के मुताबिक़, हेल्थ-ओरिएंटेड F&B प्रोडक्ट्स (जैसे हेल्दी इतर खाद्य / पीने की वस्तुएँ) का बाज़ार अब ₹63,093 करोड़ तक पहुंच चुका है। हेल्थ प्रोडक्ट की मांग बढ़ने का मतलब यह है कि भारतीय उपभोक्ता आज स्वास्थ्य को रोज़मर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा मान रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य-उत्पादों की स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि उन्नत स्वास्थ्य विकल्पों की मांग न केवल स्वास्थ्य उपलब्धियों को बढ़ाती है, बल्कि अन्य स्वास्थ्य सेवाओं और उत्पादों के विकास को भी प्रोत्साहित कर रही है

6. भारत में हेल्थकेयर सेक्टर का विस्तार और AI की भूमिका

भारत
एक व्यापक रिपोर्ट के अनुसार, भारत का हेल्थकेयर सेक्टर 2025 तक $650 बिलियन (लगभग ₹54,00,000 करोड़) के निशान को पार कर सकता है। इसमें AI तकनीक का बड़ा योगदान होगा, जो निदान, रोग पूर्वानुमान, डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड और टेलीमेडिसिन जैसी सेवाओं में सुधार लाता है। हालांकि अभी भी इन्फ्रास्ट्रक्चर और कुशल पेशेवरों की कमी जैसी चुनौतियाँ हैं, लेकिन AI और डिजिटल क्षमताओं का विस्तार स्वास्थ्य सेवा के स्तर को नए आयाम पर ले जाने में मदद करेगा।

विशेष रूप से जगलों और दूरदराज इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएँ अब डिजिटल इंटरफ़ेस और मोबाइल स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म के थ्रू उपलब्ध हो रही हैं, जिससे आम लोगों को कम समय और लागत में बेहतर सेवा मिल रही है।

निष्कर्ष

आज की स्वास्थ्य खबरों से यह स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में परिवर्तन कई दिशाओं में हो रहे हैं—सरकारी नीतियों, रोग-निरोधक उपायों, तकनीकी नवाचार, उपभोक्ता व्यवहार और वैश्विक सहयोग की वजह से। भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की सुदृढ़ता, उन्नत तकनीक का समावेश, और लोगों की स्वास्थ्य-प्राथमिकताओं का बदलाव देश को एक स्वस्थ भविष्य की दिशा में आगे बढ़ा रहा है

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