रिपोर्ट : सिटी न्यूज़ 24 | कृषि डेस्क
देश के कृषि क्षेत्र से आज एक अहम और सकारात्मक खबर सामने आई है, जिसने किसानों के बीच नई उम्मीद जगा दी है। नई दिल्ली में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने रबी फसलों की स्थिति, मौसम के प्रभाव और किसानों की आय बढ़ाने को लेकर एक विस्तृत समीक्षा की है। इस बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक और राज्यों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह रहा कि बदलते मौसम और लागत बढ़ने के बावजूद किसानों को कैसे स्थिर आमदनी और बेहतर उत्पादन दिया जा सके।
मंत्रालय की ओर से बताया गया कि इस वर्ष उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में गेहूं, चना और सरसों की फसल की स्थिति सामान्य से बेहतर बनी हुई है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि समय पर सिंचाई और उन्नत बीजों के इस्तेमाल से पैदावार में सुधार देखने को मिल रहा है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के वैज्ञानिक डॉ. आर. के. सिंह ने बताया कि अगर मौसम इसी तरह अनुकूल रहा तो गेहूं की पैदावार पिछले साल की तुलना में अधिक हो सकती है।
इसी बीच लखनऊ से किसानों के लिए राहत की खबर आई है, जहाँ राज्य सरकार ने रबी फसलों के लिए उर्वरक और बीज की उपलब्धता को लेकर विशेष अभियान शुरू किया है। उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि किसानों को किसी भी तरह की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए जिला स्तर पर निगरानी की जा रही है। सरकार का दावा है कि समय पर खाद और बीज मिलने से छोटे और सीमांत किसानों को सबसे अधिक फायदा होगा।
कृषि से जुड़ी एक और अहम खबर भोपाल, मध्य प्रदेश से सामने आई है। यहाँ सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रासायनिक खाद पर निर्भरता कम कर जैविक और प्राकृतिक खेती को अपनाने वाले किसानों को अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस योजना के तहत किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और बाज़ार से जोड़ने की सुविधा भी दी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे मिट्टी की सेहत सुधरेगी और लंबे समय में किसानों की लागत कम होगी।
वहीं नागपुर, महाराष्ट्र से आई खबर के अनुसार, कपास किसानों के लिए नई तकनीक आधारित सलाह प्रणाली शुरू की गई है। कृषि विभाग के अधिकारी प्रवीण देशमुख ने बताया कि मोबाइल ऐप के ज़रिए किसानों को मौसम, कीट नियंत्रण और सिंचाई से जुड़ी जानकारी सीधे उनके फोन पर दी जा रही है। इससे किसानों को समय पर सही निर्णय लेने में मदद मिल रही है और फसल नुकसान कम हो रहा है।
डिजिटल कृषि की दिशा में बेंगलुरु, कर्नाटक से भी एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ एक एग्री-टेक स्टार्टअप ने ड्रोन तकनीक के ज़रिए फसल निगरानी और स्प्रे सिस्टम की शुरुआत की है। कंपनी के संस्थापक अनुज रेड्डी का कहना है कि ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव करने से समय और लागत दोनों की बचत होती है, साथ ही फसल को समान रूप से दवा मिलती है। कई किसान इस तकनीक को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।
किसानों की आमदनी से जुड़ा एक अहम अपडेट जयपुर, राजस्थान से भी सामने आया है। यहाँ बाजरा और सरसों की सरकारी खरीद तेज़ हो गई है। कृषि विपणन विभाग के अनुसार, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद होने से किसानों को अपनी उपज का उचित दाम मिल रहा है। किसान नेता रामनिवास मीणा ने कहा कि अगर खरीद प्रक्रिया पारदर्शी और तेज़ रही तो किसानों का भरोसा और मजबूत होगा।
मौसम को लेकर भारतीय मौसम विभाग (IMD), पुणे ने भी किसानों के लिए अहम सलाह जारी की है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा के अनुसार, अगले कुछ दिनों में उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है, जो रबी फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है। हालांकि, किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसल में जलभराव से बचाव के उपाय करें।
कुल मिलाकर आज की कृषि से जुड़ी ताज़ा खबरें यह संकेत देती हैं कि सरकार, वैज्ञानिक और तकनीकी संस्थान मिलकर किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। बीज, सिंचाई, तकनीक और बाज़ार—चारों मोर्चों पर हो रहे प्रयास आने वाले समय में भारतीय कृषि को और मज़बूत बना सकते हैं। सिटी न्यूज़ 24 कृषि डेस्क लगातार किसानों से जुड़ी हर बड़ी और ज़रूरी खबर आप तक पहुँचाता रहेगा।
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