उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में खूनी संघर्ष, राजधानी समेत NCR में साइबर ठगों का 'डिजिटल स्ट्राइक'; सरकार की अपराधियों को खुली चेतावनी

 

लखनऊ/नोएडा | विशेष संवाददाता सोमवार, 12 जनवरी 2026

उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान अपराध की कई गंभीर घटनाओं ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। एक ओर जहाँ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में जमीन के पुराने विवादों ने हिंसक रूप ले लिया है, वहीं दूसरी ओर लखनऊ, नोएडा और गाजियाबाद जैसे हाई-टेक शहर 'डिजिटल डकैतों' के निशाने पर हैं। राज्य सरकार ने इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) को कानून-व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने और अपराधियों के खिलाफ 'बुलडोजर एक्शन' जैसी कड़ी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

1. पश्चिमी उत्तर प्रदेश: जमीन के टुकड़े के लिए चली गोलियां, एक की मौत

पश्चिमी यूपी के एक संवेदनशील जिले में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच पैतृक जमीन को लेकर विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। चश्मदीदों के मुताबिक, विवाद इतना बढ़ा कि एक पक्ष ने अवैध असलहों से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

  • घटना का विवरण: इस फायरिंग में 45 वर्षीय एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को नजदीकी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
  • पुलिस की कार्रवाई: सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल के साथ आला अधिकारी मौके पर पहुँचे। पुलिस ने घटनास्थल से कई खोखे और अवैध तमंचे बरामद किए हैं।
  • गिरफ्तारी: पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया है। इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पीएसी (PAC) की तैनाती कर दी गई है।

2. साइबर अपराध: लखनऊ, नोएडा और गाजियाबाद में 'डिजिटल लूट'

उत्तर प्रदेश के शहरी इलाकों में पारंपरिक अपराधों से कहीं ज्यादा तेजी से 'साइबर अपराध' अपने पैर पसार रहे हैं। पिछले 24 घंटों में लखनऊ और नोएडा से ठगी के चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं।

  • फर्जी निवेश ऐप का जाल: नोएडा के एक आईटी प्रोफेशनल से 'हाई रिटर्न' का लालच देकर एक फर्जी निवेश ऐप के जरिए ₹25 लाख की ठगी की गई। ठगों ने पीड़ित को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर फर्जी प्रॉफिट ग्राफ दिखाए थे।
  • लखनऊ में 'डिजिटल अरेस्ट': राजधानी लखनऊ में एक रिटायर्ड अधिकारी को 'मनी लॉन्ड्रिंग' के फर्जी केस में फंसाने की धमकी देकर 6 घंटे तक वीडियो कॉल पर 'डिजिटल अरेस्ट' रखा गया और उनसे ₹15 लाख ऐंठ लिए गए।
  • गाजियाबाद में टास्क स्कैम: गाजियाबाद के कई युवाओं को 'यूट्यूब वीडियो लाइक' करने के नाम पर छोटे निवेश कराकर लाखों का चूना लगाया गया है।

3. महिला सुरक्षा: 'मिशन शक्ति 5.0' के तहत बढ़ी मुस्तैदी

महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासन को 'अलर्ट मोड' पर रखा है। हालिया घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों का हश्र बुरा होगा।

  • संवेदनशील हॉटस्पॉट: लखनऊ के चिनहट और नोएडा के सेक्टर-62 जैसे इलाकों में, जहाँ महिलाओं की आवाजाही अधिक है, वहां 'पिंक बूथ' और 'एंटी-रोमियो स्क्वाड' को सक्रिय कर दिया गया है।
  • रात्रि गश्त: स्कूल, कॉलेज और दफ्तरों के बाहर सादे कपड़ों में महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस अब उन रास्तों की मैपिंग कर रही है जहाँ लाइट की व्यवस्था कम है या जो सुनसान रहते हैं।

4. सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति और पुलिस का दावा

उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि राज्य में 'अपराध और अपराधियों' के लिए कोई जगह नहीं है।

सरकार का आधिकारिक बयान: हमारी सरकार की नीति स्पष्ट है—जीरो टॉलरेंस। जो अपराधी कानून को अपने हाथ में लेगा, उसे कानून की ताकत का अहसास कराया जाएगा। चाहे वह भू-माफिया हो या साइबर ठग, किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस प्रशासन की नई रणनीतियां:

  1. तकनीकी निगरानी: पुलिस अब 'त्रिनेत्र' ऐप के जरिए अपराधियों का डेटाबेस रियल-टाइम अपडेट कर रही है।
  2. अवैध हथियारों पर प्रहार: अवैध शस्त्र बनाने वाली फैक्ट्रियों पर छापेमारी के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
  3. साइबर हेल्प डेस्क: यूपी के हर थाने में एक समर्पित साइबर हेल्प डेस्क बनाई गई है ताकि पीड़ितों को भटकना न पड़े।

5. जन-जागरूकता और निष्कर्ष

पुलिस महानिदेशक ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत 'यूपी 112' पर दें। साइबर अपराध के मामले में 1930 पर कॉल करने में देरी न करें।

निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश में पुलिस की सक्रियता और सरकार के कड़े रुख ने निश्चित रूप से कई अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुँचाया है, लेकिन पश्चिमी यूपी में अवैध हथियारों की उपलब्धता और शहरी क्षेत्रों में बढ़ता साइबर फ्रॉड अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। आने वाले दिनों में पुलिस की 'स्मार्ट पुलिसिंग' इन चुनौतियों से निपटने में कितनी कारगर होती है, यह देखने वाली बात होगी।

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