अंतरिक्ष में आपातकाल: NASA का पहला 'मेडिकल इवैक्यूएशन', ISS से चार अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर लौटेंगे

 

वॉशिंगटन D.C. | विज्ञान एवं तकनीक डेस्क

बुधवार, 14 जनवरी 2026

अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में आज एक अभूतपूर्व मोड़ आया है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से अपने चार अंतरिक्ष यात्रियों को 'आपातकालीन चिकित्सा आधार' (Medical Evacuation) पर समय से पहले पृथ्वी पर वापस बुलाने का निर्णय लिया है। अंतरिक्ष अन्वेषण के दशकों पुराने इतिहास में यह पहली बार है जब किसी पूरे क्रू को स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण इस तरह बीच में ही मिशन छोड़ना पड़ रहा है।

1. मिशन Crew-11: क्या है पूरा मामला?

ये चारों अंतरिक्ष यात्री Crew-11 मिशन का हिस्सा थे, जिन्हें ISS पर वैज्ञानिक अनुसंधान और भविष्य के मंगल मिशनों की तैयारी के लिए भेजा गया था।

·         कारण: नासा के अनुसार, क्रू के एक सदस्य की चिकित्सीय स्थिति (Medical Condition) अचानक चिंताजनक हो गई है। हालांकि निजता के कारणों से विशिष्ट बीमारी का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन विशेषज्ञ इसे "अत्यावश्यक" श्रेणी में रख रहे हैं।

·         निर्णय: ISS पर उपलब्ध चिकित्सा सुविधाएं सीमित होने के कारण, नासा के फ्लाइट सर्जन्स ने उन्हें तत्काल पृथ्वी की उन्नत चिकित्सा सुविधाओं के पास लाने की सिफारिश की है।

2. SpaceX Dragon: अंतरिक्ष की 'एम्बुलेंस'

इस ऐतिहासिक इवैक्यूएशन के लिए एलन मस्क की कंपनी SpaceX के Dragon अंतरिक्ष यान का उपयोग किया जाएगा। यह यान केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि इसमें आपातकालीन लैंडिंग और लाइफ सपोर्ट सिस्टम की ऐसी विशेषताएं हैं जो एक बीमार अंतरिक्ष यात्री के लिए अनुकूल हैं।

इवैक्यूएशन की प्रक्रिया:

1.      अनडॉकिंग: ड्रैगन कैप्सूल ISS से अलग होगा।

2.      डी-ऑर्बिट बर्न: यान पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश के लिए अपनी गति कम करेगा।

3.      स्प्लैशडाउन: चारों अंतरिक्ष यात्रियों को समुद्र (संभवतः फ्लोरिडा तट) में सुरक्षित उतारा जाएगा, जहाँ मेडिकल टीमें पहले से तैनात रहेंगी।

3. आर्टेमिस-2 मिशन पर क्या होगा असर?

नासा ने स्पष्ट किया है कि इस आपातकालीन वापसी का उसके महत्वाकांक्षी आर्टेमिस-2 (Artemis II) मिशन पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

·         लक्ष्य बरकरार: आर्टेमिस-2, जो चंद्रमा की कक्षा में मानव भेजने का पहला परीक्षण है, अपने निर्धारित समय और योजना के अनुसार ही आगे बढ़ेगा।

·         सीख: नासा का मानना है कि इस इवैक्यूएशन से मिलने वाला डेटा भविष्य के गहरे अंतरिक्ष मिशनों (Deep Space Missions) के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल को और मजबूत करेगा।

4. अंतरिक्ष चिकित्सा और सुरक्षा की नई चुनौतियाँ

यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि अंतरिक्ष आज भी मानव शरीर के लिए एक अत्यंत कठिन और जोखिम भरा वातावरण है।

विशेषज्ञों की चिंताएं:

·         सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण (Microgravity): लंबे समय तक शून्य गुरुत्वाकर्षण में रहने से हड्डियों का घनत्व कम होना, दृष्टि संबंधी समस्याएं और हृदय प्रणाली पर दबाव पड़ता है।

·         त्वरित प्रतिक्रिया: ISS पृथ्वी से लगभग 400 किमी ऊपर है। वहाँ से पृथ्वी तक आने में कुछ ही घंटे लगते हैं, लेकिन मंगल मिशन (जो महीनों की दूरी पर है) में ऐसा इवैक्यूएशन असंभव होगा।

5. रणनीतिक महत्व (Table)

पहलू

विवरण

ऐतिहासिक महत्व

अंतरिक्ष से पहला वास्तविक 'मेडिकल इवैक्यूएशन'

वाहन

SpaceX Dragon (क्रू वर्जन)

सुरक्षा प्रोटोकॉल

अंतरिक्ष में मानवीय जीवन को विज्ञान से ऊपर रखने की प्रतिबद्धता

भविष्य की तैयारी

दूरस्थ चिकित्सा (Telemedicine) और ऑन-बोर्ड सर्जरी की आवश्यकता पर जोर

6. भविष्य की राह

रक्षा और अंतरिक्ष विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना "Space Medicine" के क्षेत्र में क्रांति लाएगी। अब अंतरिक्ष यान निर्माताओं को यानों के भीतर 'मेडिकल आईसीयू' जैसी सुविधाओं को विकसित करने पर अधिक ध्यान देना होगा।

निष्कर्ष: नासा का यह साहसी कदम दर्शाता है कि विज्ञान की खोज कितनी भी महत्वपूर्ण क्यों हो, मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है। यह मिशन भविष्य में निजी अंतरिक्ष पर्यटन (Space Tourism) के लिए भी सुरक्षा के नए मानक स्थापित करेगा। 

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