नगर निगम चुनाव: एग्ज़िट पोल में बीजेपी को बढ़त, 16 जनवरी को आएगा फैसला

 

शहरी इलाकों में विकास के मुद्दे हावी, कई नगर निगमों में कांटे की टक्कर

मुंबई | विशेष संवाददाता

महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव के लिए हुए मतदान के बाद सियासी तस्वीर धीरे-धीरे साफ़ होती नज़र आ रही है। मतदान के दौरान सामने आए ज़मीनी रुझानों और एग्ज़िट पोल के शुरुआती संकेतों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी (BJP) को राज्य के कई नगर निगमों में अन्य दलों की तुलना में बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अंतिम परिणाम 16 जनवरी को मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।

राज्यभर में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। शहरी क्षेत्रों में मतदाताओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही, वहीं परिधीय और अर्ध-ग्रामीण इलाकों में भी वोटिंग प्रतिशत संतोषजनक दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, इस चुनाव में शहरी मतदाताओं ने स्थानीय विकास, सफ़ाई, सड़क, पानी और ट्रैफिक जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी, जिसका असर वोटिंग पैटर्न पर साफ़ दिखा।

बीजेपी को क्यों माना जा रहा है आगे

एग्ज़िट पोल और ग्राउंड रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीजेपी को मज़बूत संगठन, सक्रिय कार्यकर्ता नेटवर्क और प्रभावी बूथ मैनेजमेंट का लाभ मिला है। कई नगर निगम क्षेत्रों में विपक्षी दलों के बीच वोटों का बँटवारा भी बीजेपी के पक्ष में जाता दिख रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि शहरी इलाकों में विकास कार्यों को लेकर बनी सकारात्मक छवि पार्टी के लिए फ़ायदेमंद साबित हो सकती है।

इन दलों के बीच है मुकाबला

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में इस बार कई प्रमुख राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दल मैदान में हैं। इनमें बीजेपी, शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट), शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट – UBT), कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट), महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS), वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA), AIMIM, आम आदमी पार्टी (AAP) और कई निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं।

कांटे की टक्कर वाले शहर

हालांकि कई नगर निगमों में बीजेपी को बढ़त बताई जा रही है, लेकिन मुंबई, पुणे, ठाणे और कुछ अन्य बड़े शहरों के कई वार्डों में मुकाबला बेहद करीबी माना जा रहा है। ऐसे में परिणाम अंतिम दौर तक बदलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

नज़रें अब मतगणना पर

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि एग्ज़िट पोल केवल संकेत देते हैं, नतीजे नहीं। महाराष्ट्र के नगर निगमों की सत्ता का फैसला 16 जनवरी को मतगणना के बाद ही तय होगा।

Post a Comment

0 Comments