NEWS DESK | AGRICULTURE (STATE ROUND-UP)
देश के राज्यों में खेती-किसानी की ताज़ा स्थिति: रबी कटाई, MSP खरीद और खरीफ की तैयारी तेज
नई दिल्ली। देश के अलग–अलग राज्यों में इस समय कृषि गतिविधियां निर्णायक दौर में हैं। रबी फसलों की कटाई अंतिम चरण में है, वहीं सरकारें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद व्यवस्था को मजबूत करने में जुटी हैं। मौसम की चाल, सिंचाई की स्थिति और सरकारी योजनाएं किसानों की दिशा तय कर रही हैं। प्रस्तुत है राज्यों से खेती-किसानी की आज की स्थिति पर एक समग्र रिपोर्ट।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में गेहूं और सरसों की कटाई लगभग पूरी होने वाली है। इस बार मौसम अनुकूल रहने से पैदावार सामान्य से बेहतर मानी जा रही है। राज्य सरकार ने मंडियों में खरीद व्यवस्था तेज करने के निर्देश दिए हैं। MSP पर गेहूं खरीद को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में है। कई जिलों में अतिरिक्त खरीद केंद्र खोले गए हैं। किसानों को सीधे खाते में भुगतान सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। फसल बीमा योजना के दावों की समीक्षा भी शुरू हो चुकी है। कृषि विभाग भंडारण और सुरक्षित बिक्री को लेकर सलाह जारी कर रहा है। आने वाले दिनों में खरीफ फसलों की तैयारी पर भी चर्चा तेज होगी।
बिहार
बिहार में मक्का, गेहूं और दलहन फसलों की स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। कुछ इलाकों में सिंचाई की समस्या सामने आई है, जिस पर सरकार नहरों की मरम्मत और सफाई पर काम कर रही है। मंडियों में मक्का की आवक बढ़ने लगी है। किसानों को बेहतर दाम मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। कृषि विभाग उन्नत बीज और संतुलित उर्वरक उपयोग की सलाह दे रहा है। फसल कटाई के बाद नुकसान का सर्वे जारी है। डिजिटल कृषि सेवाओं को बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। मानसून को देखते हुए विभाग सतर्क है।
मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में गेहूं, चना और सरसों की फसल इस साल अच्छी बताई जा रही है। मंडियों में किसानों की भीड़ बढ़ने लगी है। सरकार ने खरीद प्रक्रिया सुचारु रखने के लिए अतिरिक्त केंद्र खोलने का फैसला किया है। MSP भुगतान समय पर करने के निर्देश दिए गए हैं। फसल बीमा क्लेम जल्द निपटाने का भरोसा भी दिलाया गया है। कृषि विभाग भंडारण क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहा है। कई जिलों में कृषि मेले और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। खरीफ सीजन की रणनीति पर भी तैयारी शुरू हो गई है।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में किसान आगामी खरीफ सीजन की ओर देख रहे हैं। कपास और सोयाबीन प्रमुख फसलें बनी हुई हैं। कुछ क्षेत्रों में बेमौसम बारिश से नुकसान की खबरें सामने आई हैं। राज्य सरकार ने नुकसान का आकलन शुरू करा दिया है। किसानों को राहत पैकेज मिलने की उम्मीद है। सिंचाई परियोजनाओं और जल संरक्षण पर जोर बढ़ाया गया है। कृषि विभाग मौसम आधारित एडवाइजरी जारी कर रहा है। बीज और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने की तैयारी चल रही है। आधुनिक खेती को बढ़ावा देने की कोशिशें तेज हैं।
राजस्थान
राजस्थान में सरसों और चना की पैदावार इस बार अच्छी मानी जा रही है। हालांकि जल संकट अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। राज्य सरकार ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं को बढ़ावा दे रही है। इन योजनाओं पर सब्सिडी भी दी जा रही है। मंडियों में फसल की आवक धीरे-धीरे बढ़ रही है। कृषि विभाग मौसम पर नजर बनाए हुए है। सूखे इलाकों के लिए विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं। खेती के साथ पशुपालन को जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।
पंजाब
पंजाब में गेहूं की कटाई पूरे जोर पर है। मंडियों में MSP पर खरीद को लेकर प्रशासन पूरी तरह तैयार है। सरकार ने भुगतान प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए हैं। पराली प्रबंधन को लेकर भी पहले से रणनीति बनाई जा रही है। किसानों को आधुनिक मशीनों पर सब्सिडी दी जा रही है। कृषि विभाग जागरूकता अभियान चला रहा है। उत्पादन के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने पर जोर है। आने वाले समय में खरीफ की तैयारियां शुरू होंगी।
हरियाणा
हरियाणा में गेहूं की फसल अच्छी स्थिति में है। मंडियों में ई-खरीद व्यवस्था को मजबूत किया गया है। किसानों को साफ और सूखी फसल लाने की सलाह दी गई है। MSP भुगतान में पारदर्शिता बनाए रखने पर सरकार का जोर है। कृषि विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। भंडारण क्षमता बढ़ाने की योजना पर काम चल रहा है। किसानों को नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मौसम आधारित एडवाइजरी भी जारी की जा रही है।
पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल में धान के बाद सब्जी और तिलहन खेती पर फोकस बढ़ा है। कुछ इलाकों में अधिक नमी के कारण फसल रोग की आशंका जताई गई है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। राज्य सरकार प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है। मंडी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। जल प्रबंधन और फसल विविधिकरण पर जोर दिया जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास तेज हैं।
गुजरात
गुजरात में मूंगफली और कपास किसानों के लिए मौसम अहम बना हुआ है। सिंचाई परियोजनाओं से कई क्षेत्रों में पानी की स्थिति बेहतर हुई है। सरकार किसान उत्पादक संगठनों को बढ़ावा दे रही है। इससे किसानों को सीधा बाजार मिलने की उम्मीद है। कृषि विभाग तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा है। भंडारण और प्रोसेसिंग सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। आगामी खरीफ सीजन को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं।
तमिलनाडु
तमिलनाडु में धान और बागवानी फसलों पर मुख्य ध्यान है। जल प्रबंधन राज्य के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। सरकार सिंचाई परियोजनाओं की लगातार समीक्षा कर रही है। माइक्रो-इरिगेशन तकनीक को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है। किसानों को आधुनिक खेती के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। डिजिटल कृषि सेवाओं का विस्तार हो रहा है। आने वाला मानसून राज्य की खेती की दिशा तय करेगा।
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