भोपाल | 26 जनवरी, 2026
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज 77वां गणतंत्र दिवस समारोह अत्यंत धूमधाम, गरिमा और उत्साह के साथ मनाया गया। लाल परेड मैदान पर आयोजित मुख्य समारोह में प्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, जल संरक्षण के प्रयासों और शिक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति का जीवंत प्रदर्शन देखने को मिला।
राज्यपाल ने फहराया तिरंगा, परेड ने मन मोहा
गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत माननीय राज्यपाल द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई। राष्ट्रगान की गूंज और पुलिस बैंड की धुन ने पूरे वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। राज्यपाल ने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।
- अनुशासित मार्च पास्ट: परेड में मध्य प्रदेश पुलिस, होमगार्ड, विशेष सशस्त्र बल, एनसीसी (NCC) और स्कूली बच्चों की टुकड़ियों ने शानदार मार्च पास्ट किया। उनका अनुशासन और तालमेल दर्शनीय था, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया।
- बैंड का प्रदर्शन: पुलिस बैंड ने देशभक्ति की धुनें बजाकर समारोह में जोश भर दिया।
झांकियों में दिखा "आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश" का स्वप्न
समारोह का मुख्य आकर्षण विभिन्न विभागों द्वारा निकाली गई मनोहारी झांकियां रहीं, जिन्होंने प्रदेश के विकास और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाया:
- जनजातीय संस्कृति का गौरव: जनजातीय कार्य विभाग की झांकी ने प्रदेश की समृद्ध जनजातीय विरासत और कला को प्रदर्शित किया। इसमें गोंड, भील और बैगा जनजातियों की जीवनशैली और लोक कलाओं को खूबसूरती से उकेरा गया।
- जल संरक्षण के प्रयास: जल संसाधन विभाग ने 'जल शक्ति अभियान' और प्रदेश में जल संरक्षण के लिए किए जा रहे अभिनव प्रयासों को दर्शाया। वर्षा जल संचयन और नदी पुनर्जीवन परियोजनाओं को झांकी में चित्रित किया गया।
- शिक्षा और नवाचार: स्कूल शिक्षा विभाग की झांकी ने 'मुख्यमंत्री राइज़ स्कूल' और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने वाली पहलों पर प्रकाश डाला। इसमें स्मार्ट क्लासरूम और बच्चों के नवाचारों को दिखाया गया।
- पर्यटन और वन्यजीव: पर्यटन विभाग की झांकी में मध्य प्रदेश के अद्वितीय वन्यजीव, जैसे बाघ और बारहसिंगा, तथा खजुराहो जैसे विश्व धरोहर स्थलों को प्रदर्शित किया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां बनीं आकर्षण का केंद्र
परेड के बाद स्कूली बच्चों और स्थानीय कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों में प्रदेश के लोक नृत्य, लोक गीत और देशभक्ति से ओत-प्रोत नाट्य प्रस्तुतियां शामिल थीं। बच्चों की ऊर्जा और कलात्मकता ने उपस्थित सभी लोगों का दिल जीत लिया।
संदेश: प्रगति और समावेशी विकास की ओर
राज्यपाल ने अपने संबोधन में मध्य प्रदेश को 'हरित प्रदेश' बनाने के संकल्प को दोहराया और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में हो रही प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने नागरिकों से प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
शाम होते-होते, भोपाल की प्रमुख सरकारी इमारतें और ऐतिहासिक स्थल रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठे, जो प्रदेश की एकता और समृद्धि का प्रतीक बन रहे थे। यह गणतंत्र दिवस समारोह मध्य प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायी दिन रहा, जिसने प्रदेश को प्रगति और समावेशी विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प दिलाया।
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