पटना | 26 जनवरी, 2026
बिहार की राजधानी पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान आज एक बार फिर देशभक्ति के अनूठे रंग में रंगा नजर आया। देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में प्रदेश की प्रगति, सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक विरासत का भव्य प्रदर्शन किया गया। कड़ाके की ठंड के बावजूद हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों के जोश ने समारोह को यादगार बना दिया।
राज्यपाल ने किया झंडोत्तोलन, 21 टुकड़ियों ने दी सलामी
समारोह की शुरुआत सुबह 9:00 बजे माननीय राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई। तिरंगे के फहराते ही पूरा मैदान 'जन-गण-मन' की धुन और 21 तोपों की सलामी से गूँज उठा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
- परेड का अनुशासन: इस वर्ष परेड में कुल 21 टुकड़ियों ने हिस्सा लिया, जिसमें सीआरपीएफ (CRPF), आईटीबीपी (ITBP), एसएसबी (SSB), बिहार सैन्य पुलिस (BMP) और एनसीसी कैडेट शामिल थे। महिला पुलिस बल की टुकड़ी ने अपने सधे हुए मार्च पास्ट से महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण पेश किया।
- मुख्यमंत्री का संबोधन: ध्वजारोहण के बाद मुख्यमंत्री ने अपने आवास और फिर गांधी मैदान में जनता को संबोधित करते हुए बिहार के विकास मॉडल, सात निश्चय योजनाओं और न्याय के साथ विकास के संकल्प को दोहराया।
झांकियों में 'मखाना' और 'रोजगार' की धूम
गांधी मैदान में निकाली गई 12 विभिन्न विभागों की झांकियों ने बिहार की बदलती तस्वीर पेश की। इन झांकियों में शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के विषयों को प्रमुखता दी गई:
- मखाना: लोकल से ग्लोबल: कृषि विभाग की झांकी आकर्षण का केंद्र रही, जिसकी थीम 'मखाना: लोकल से ग्लोबल की थाली में सुपरफूड' थी। इसमें बिहार के 'सफेद सोने' की यात्रा और वैश्विक बाजार में इसकी बढ़ती मांग को दिखाया गया।
- रोजगार और उद्यमिता: उद्योग विभाग की झांकी ने 'बिहार स्टार्टअप पॉलिसी' और मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत युवाओं को मिल रहे रोजगार के अवसरों को प्रदर्शित किया।
- शिक्षा और सशक्तिकरण: शिक्षा विभाग ने 'निपुण बिहार' और साइकिल योजना जैसी पहलों के माध्यम से साक्षरता दर में आए क्रांतिकारी बदलाव को रेखांकित किया।
- मद्यनिषेध और सामाजिक सुधार: मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग की झांकी ने 'नशामुक्त बिहार' का सामाजिक संदेश दिया।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
समारोह को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पटना प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। गांधी मैदान और आसपास के इलाकों को चार सेक्टरों में बांटकर 128 सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी की गई। आम जनता के लिए तीन अलग-अलग गेटों से प्रवेश की व्यवस्था की गई थी।
शाम को गोलघर, पटना साहिब गुरुद्वारा और विधानसभा भवन को दूधिया रोशनी से सजाया गया, जो उत्सव की भव्यता को और बढ़ा रहे थे। बिहार ने आज न केवल अपना गणतंत्र मनाया, बल्कि अपनी अटूट एकता और भविष्य की समृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त किया।
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