लखनऊ में 77वां गणतंत्र दिवस: 'विकसित उत्तर प्रदेश' की गूँज, विधानसभा के सामने उतरा भव्य भारत का गौरव

 

लखनऊ | 26 जनवरी, 2026

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज 77वां गणतंत्र दिवस एक ऐतिहासिक उत्सव के रूप में मनाया गया। विधान भवन के सामने वाली सड़क (विधानसभा मार्ग) पर आयोजित भव्य परेड ने न केवल प्रदेश की सैन्य और पुलिस शक्ति का प्रदर्शन किया, बल्कि बदलती अर्थव्यवस्था और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की अनूठी मिसाल भी पेश की।

शानदार परेड और सुरक्षा बलों का शौर्य

समारोह की शुरुआत माननीय राज्यपाल द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई, जिसके बाद राष्ट्रगान की धुन के बीच पूरा आसमान 'भारत माता की जय' के नारों से गुंजायमान हो गया। इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परेड की सलामी ली।

  • मार्च पास्ट: परेड का नेतृत्व सेना की टुकड़ियों ने किया, जिसके पीछे उत्तर प्रदेश पुलिस, पीएसी (PAC), होमगार्ड और एनसीसी (NCC) के कैडेटों ने अपने सधे हुए कदमों और अनुशासन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
  • महिला शक्ति: इस वर्ष परेड में महिला पुलिस और पीएसी की टुकड़ियों का विशेष नेतृत्व देखने को मिला, जो प्रदेश में 'मिशन शक्ति' की सफलता को दर्शा रहा था।
  • हवाई सलामी: परेड के दौरान सेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा पुष्पवर्षा की गई, जिसने समारोह की भव्यता में चार चाँद लगा दिए।

झांकियों में दिखा 'नया उत्तर प्रदेश'

समारोह का मुख्य आकर्षण विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा निकाली गई 25 से अधिक झांकियां रहीं। इन झांकियों ने उत्तर प्रदेश के बदलते स्वरूप की कहानी बयां की:

  • राम मंदिर की भव्यता: अयोध्या में बने भव्य श्रीराम मंदिर की झांकी ने एक बार फिर सभी का ध्यान खींचा, जो प्रदेश के धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी।
  • डिजिटल उत्तर प्रदेश: सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की झांकी ने 'ई-गवर्नेंस' और युवाओं को मिल रहे डिजिटल अवसरों को प्रदर्शित किया।
  • महिला सशक्तिकरण: 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' और आत्मनिर्भर नारी के संकल्प को दर्शाती झांकियों ने समाज को सशक्त संदेश दिया।
  • बुंदेलखंड का गौरव: इस वर्ष विशेष रूप से बुंदेलखंड की विरासत और वहाँ बन रहे 'डिफेंस कॉरिडोर' को भी झांकी के माध्यम से दिखाया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम

परेड के बाद विभिन्न जिलों से आए कलाकारों ने उत्तर प्रदेश की विविधता को मंच पर उतारा। ब्रज की होली, अवध के लोक नृत्य और पूर्वांचल के पारंपरिक गीतों ने दर्शकों का मन मोह लिया। स्कूली बच्चों ने 'विकसित भारत 2047' के संकल्प पर आधारित सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री का संबोधन: "ग्रोथ इंजन बन रहा यूपी"

समारोह के उपरांत मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का उत्तर प्रदेश निवेश, बुनियादी ढांचे और कानून-व्यवस्था के मामले में देश का 'ग्रोथ इंजन' बन चुका है। उन्होंने संविधान के प्रति अटूट निष्ठा दोहराते हुए हर नागरिक से 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करने का आह्वान किया।

शाम को विधान भवन और अन्य प्रमुख इमारतों को लेजर लाइट शो और तिरंगी रोशनी से सजाया गया, जिसे देखने के लिए भारी संख्या में लोग उमड़ पड़े। यह गणतंत्र दिवस उत्तर प्रदेश की प्रगति और एकता के एक नए अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है।

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