प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब रतन लोहिया अपनी डेयरी के पास मौजूद थे। तभी कई बाइक और कारों में सवार हमलावर मौके पर पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, हमलावरों ने यह सुनिश्चित किया कि लोहिया को बचने का कोई मौका न मिले।
पुलिस जांच में सामने आया है कि रतन लोहिया ने सुरक्षा के मद्देनज़र बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी, लेकिन हमलावरों ने बेहद नजदीक से फायरिंग कर जैकेट के खुले हिस्सों को निशाना बनाया। यह दर्शाता है कि हत्या पूरी तरह योजनाबद्ध और पेशेवर तरीके से अंजाम दी गई थी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और इलाके को घेरकर जांच शुरू की गई। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से दर्जनों खोखे बरामद किए हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, इस हत्याकांड के पीछे गैंगवार और विदेशी गैंगस्टर नेटवर्क का हाथ हो सकता है। पुलिस को शक है कि हत्या की साजिश विदेश में बैठे गैंगस्टर ने रची और स्थानीय शूटरों के जरिए वारदात को अंजाम दिलवाया गया। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी गैंग का नाम सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच तेज कर दी गई है।
रतन लोहिया का नाम पहले भी कुछ विवादों में सामने आया था और पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या उनकी किसी पुरानी रंजिश या कारोबारी दुश्मनी से इस हत्याकांड का संबंध है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि उन्हें पहले से किसी बड़े खतरे का अंदेशा नहीं था।
इस वारदात के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि राजधानी में खुलेआम गोलियां चलना आम बात होती जा रही है, जिससे आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। राजनीतिक दलों ने भी इस घटना को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।
फिलहाल पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमों का गठन किया गया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही हमलावरों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि दिल्ली में बढ़ते अपराध और संगठित गिरोहों की गतिविधियां कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं।
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