बेंगलुरु।
देश में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों के बीच बेंगलुरु पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने तकनीकी सहायता के नाम पर चल रहे फर्जी Microsoft Support साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह मुख्य रूप से अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर उनसे लाखों डॉलर की ठगी कर रहा था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी खुद को Microsoft का अधिकृत तकनीकी सहायता प्रतिनिधि बताकर लोगों से संपर्क करते थे। गिरोह के सदस्य फोन कॉल, ई-मेल और पॉप-अप मैसेज के जरिए पीड़ितों को यह विश्वास दिलाते थे कि उनके कंप्यूटर या मोबाइल में गंभीर तकनीकी समस्या है। इसके बाद “समस्या ठीक करने” के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी।
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेंगलुरु के अलग-अलग इलाकों से कॉल सेंटर की तरह काम कर रहा था। आरोपी अंग्रेज़ी में धाराप्रवाह बातचीत कर अमेरिकी नागरिकों को आसानी से अपने जाल में फंसा लेते थे। पीड़ितों को डराया जाता था कि अगर उन्होंने तुरंत भुगतान नहीं किया तो उनका डाटा चोरी हो सकता है या बैंक अकाउंट हैक हो जाएगा।
पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कई जगहों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान कंप्यूटर सिस्टम, लैपटॉप, मोबाइल फोन, हेडसेट, सिम कार्ड, फर्जी स्क्रिप्ट और बैंकिंग से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ठगी की रकम अलग-अलग डिजिटल वॉलेट और बैंक खातों के जरिए इकट्ठा की जाती थी।
बेंगलुरु पुलिस के साइबर क्राइम विभाग का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और अब तक सैकड़ों विदेशी नागरिकों को अपना शिकार बना चुका था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की तलाश की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से भी संपर्क किया जा रहा है, ताकि ठगी से जुड़े पीड़ितों की पहचान की जा सके और आरोपियों के खिलाफ मजबूत कानूनी कार्रवाई की जा सके। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस गिरोह का संबंध किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क से है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि कोई भी प्रतिष्ठित कंपनी फोन कॉल या पॉप-अप के जरिए तकनीकी सहायता के लिए पैसे नहीं मांगती। ऐसे किसी भी कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें और तुरंत स्थानीय साइबर क्राइम सेल को इसकी सूचना दें।
यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि साइबर अपराध अब सीमाओं से परे हो चुके हैं और इनके खिलाफ सख्त कानून और जागरूकता दोनों की जरूरत है। बेंगलुरु पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के लिए कड़ा संदेश मानी जा रही है।
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