मुंबई नगर निकाय चुनाव 2026: ओवैसी ने गोवंडी में फूँका चुनावी शंखनाद, बुनियादी सुविधाओं को लेकर प्रशासन को घेरा

 

मुंबई | 3 जनवरी 2026

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी ने आज मुंबई के गोवंडी इलाके में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। आगामी मुंबई नगर निकाय (BMC) चुनावों के मद्देनजर आयोजित इस रैली को ओवैसी के चुनावी अभियान के औपचारिक आगाज के रूप में देखा जा रहा है। गोवंडी के स्थानीय मैदान में उमड़ी हजारों की भीड़ ने पार्टी की ताकत का अहसास कराया।

विकास के दावों पर सवाल: गोवंडी की उपेक्षा मुख्य मुद्दा

अपने संबोधन में ओवैसी ने स्थानीय मुद्दों पर कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने गोवंडी और मानखुर्द जैसे क्षेत्रों की बदहाली का जिक्र करते हुए कहा कि दशकों से मुंबई पर राज करने वाली पार्टियों ने इस इलाके को केवल 'वोट बैंक' समझा है।

संबोधन की मुख्य बातें:

  • नागरिक सुविधाओं का अभाव: ओवैसी ने क्षेत्र में खराब सड़कों, जल निकासी की जर्जर व्यवस्था और पीने के साफ पानी की कमी पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने सवाल किया कि "मुंबई को ग्लोबल सिटी बनाने का दावा करने वालों को गोवंडी की गंदगी क्यों नहीं दिखती?"
  • अल्पसंख्यक अधिकार और विकास: उन्होंने जोर देकर कहा कि AIMIM का मकसद केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि मुंबई के उपेक्षित वर्गों को उनका हक दिलाना है। ओवैसी ने कहा कि संसाधनों का बंटवारा समान होना चाहिए और अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले भेदभाव को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

BMC चुनाव 2026: 'इस बार लड़ाई हक की'

ओवैसी ने स्पष्ट किया कि 2026 के BMC चुनावों में AIMIM पूरी मजबूती के साथ उतरेगी। उन्होंने स्थानीय जनता से अपील की कि वे इस बार किसी के 'डर' या 'भावुक नारों' में न आएं, बल्कि अपने बच्चों के भविष्य और इलाके के विकास के लिए वोट करें। ओवैसी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर लोगों को जोड़ने का आह्वान किया।

राजनीतिक दलों पर निशाना

हमेशा की तरह ओवैसी के निशाने पर केंद्र की मोदी सरकार और महाराष्ट्र की सत्ताधारी व विपक्षी पार्टियाँ रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब बात जनता के बुनियादी हक की आती है, तो सभी बड़ी पार्टियाँ एक जैसा व्यवहार करती हैं। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी पार्टियों पर 'ध्रुवीकरण की राजनीति' करने का आरोप लगाया और जनता को विकास के नाम पर एकजुट होने का संदेश दिया।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

जनसभा की संवेदनशीलता को देखते हुए मुंबई पुलिस ने गोवंडी और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। भारी भीड़ के बावजूद कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

निष्कर्ष: गोवंडी की इस रैली ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में मुंबई की चुनावी राजनीति में 'स्थानीय बनाम बाहरी' और 'विकास बनाम उपेक्षा' के मुद्दे गरमाने वाले हैं। ओवैसी की इस सक्रियता ने विपक्षी दलों की पेशानी पर बल डाल दिए हैं।

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