बिजनेस बुलेटिन: शेयर बाजार में गिरावट का दौर, रुपया ऐतिहासिक निचले स्तर पर

 

मुंबई/नई दिल्ली | 3 दिसंबर, 2025 आज भारतीय बाजारों के लिए दिन काफी उथल-पुथल भरा रहा। स्टॉक मार्केट से लेकर करेंसी मार्केट तक, निवेशकों के लिए प्रॉफिट बुकिंग और वॉलिटिलिटी ने चिंता बढ़ा दी है।

शेयर बाजार में आज लगातार तीसरे सत्र में कमजोरी देखने को मिली। हालांकि आखिरी घंटों में थोड़ी रिकवरी हुई, लेकिन बाजार अंततः लाल निशान में ही बंद हुए। सेंसेक्स 31.46 अंक गिरकर 85,106.81 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 46.20 अंक फिसलकर 25,986 के स्तर पर आ गया। आज के कारोबार में टाइटन, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एसबीआई जैसे बड़े शेयरों में 2% तक की गिरावट देखी गई। वहीं आईटी सेक्टर ने बाजार को सहारा देने की कोशिश की, जहाँ टीसीएस और इन्फोसिस में हल्की बढ़त दर्ज की गई।

भारतीय मुद्रा के लिए भी आज का दिन काफी चुनौतीपूर्ण रहा। डॉलर के मुकाबले रुपया पहली बार 90.19 के स्तर पर पहुँच कर अपने ऑल-टाइम लो पर बंद हुआ। रुपए की इस कमजोरी से आयात महंगा होने और विदेशी निवेश कम होने का खतरा बढ़ गया है। इसी बीच बैंकिंग सेक्टर से एक बड़ी खबर आई जहाँ रिजर्व बैंक ने एसबीआई, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक को 'सिस्टमैटिकली इम्पोर्टेंट बैंक्स' की सूची में बरकरार रखा है। इसका अर्थ है कि ये बैंक देश की अर्थव्यवस्था के लिए इतने महत्वपूर्ण हैं कि सरकार इन्हें कभी भी विफल नहीं होने देगी।

आज से ही भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की तीन दिवसीय बैठक भी शुरू हुई है। बाजार एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि महंगाई और ग्रोथ डेटा को देखते हुए आरबीआई इस बार रेपो रेट में 0.25% की कटौती का फैसला ले सकता है, जिससे आम आदमी के लिए लोन सस्ता होने की उम्मीद है।

कॉरपोरेट जगत की बात करें तो सन फार्मा ने मध्य प्रदेश में नई विनिर्माण इकाई लगाने के लिए ₹3,000 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी है। वहीं अडानी ग्रुप की सहायक कंपनी अस्त्रान डिफेंस में 49% हिस्सेदारी स्लोवाकिया के एमएमएम ग्रुप को आवंटित की गई है। बाजार के जानकारों का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा आज लगभग ₹3,600 करोड़ की बिकवाली की गई, जिससे बाजार पर दबाव बना रहा। आने वाले दिनों में आरबीआई का फैसला ही बाजार की अगली दिशा तय करेगा।

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