नई दिल्ली | कृषि डेस्क दिनांक: 5 फरवरी, 2026
आज
भारतीय
कृषि
क्षेत्र के
लिए
नीतिगत
और
तकनीकी
दोनों
मोर्चों पर
बड़ी
खबरें
सामने
आई
हैं।
सरकार
ने
जहाँ
अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों में
किसानों के
हितों
की
रक्षा
का
दावा
किया
है,
वहीं
बजट
2026 के
बाद
खेती
को
आधुनिक
बनाने
की
दिशा
में
नए
कदम
उठाए
गए
हैं।
1.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील: डेयरी और कृषि क्षेत्र 'पूरी तरह सुरक्षित'
आज
केंद्रीय कृषि
मंत्री
शिवराज सिंह चौहान और
वाणिज्य मंत्री
पीयूष गोयल ने
स्पष्ट
किया
कि
हाल
ही
में
संपन्न
हुई
भारत-अमेरिका व्यापार संधि में भारतीय
किसानों के
हितों
से
कोई
समझौता
नहीं
किया
गया
है।
- प्रमुख
लाभ: अमेरिकी टैरिफ में 50%
से घटकर 18%
की कमी से भारतीय चावल, मसालों और कपास के निर्यात में भारी उछाल आने की उम्मीद है।
- सुरक्षा
कवच: मंत्री ने आश्वासन दिया कि गेहूं, बाजरा
(Millets) और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के लिए भारतीय बाजार को अमेरिकी आयात के लिए नहीं खोला गया है, जिससे स्थानीय किसानों को कोई खतरा नहीं होगा।
2.
PM-Kisan योजना: 22वीं किस्त का इंतजार और 'ई-केवाईसी' अलर्ट
देश
के
9 करोड़
से
अधिक
किसान
प्रधानमंत्री किसान
सम्मान
निधि
की
22वीं किस्त का
बेसब्री से
इंतजार
कर
रहे
हैं।
- ताज़ा
अपडेट: सूत्रों के अनुसार, बजट सत्र की औपचारिकताओं
के बाद अब फरवरी के आखिरी सप्ताह तक ₹2000 की किस्त खातों में ट्रांसफर की जा सकती है।
- सावधानी: सरकार ने लगभग 42 लाख किसानों को चेतावनी दी है जिनका e-KYC अभी भी अधूरा है। यदि 15 फरवरी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, तो उनकी किस्त रोकी जा सकती है।
3.
'भारत-VISTAAR': अब AI करेगा खेती में मदद
बजट
2026 में
घोषित
'भारत-विस्तार' (Bharat-VISTAAR)
पोर्टल
आज
चर्चा
का
विषय
रहा।
यह
एक
बहुभाषी AI टूल
है
जो
किसानों को
उनकी
स्थानीय भाषा
में
खेती
से
जुड़ी
सलाह
देगा।
- फायदा: यह टूल मौसम के पूर्वानुमान, मिट्टी की सेहत और कीट प्रबंधन की जानकारी सीधे किसानों के मोबाइल पर भेजेगा। इससे छोटे किसानों के लिए वैज्ञानिक खेती करना आसान हो जाएगा।
4.
रबी फसलों का रिकॉर्ड रकबा: गेहूं और सरसों में उछाल
कृषि
मंत्रालय द्वारा
जारी
ताज़ा
आंकड़ों के
अनुसार,
इस
साल
रबी
फसलों
की
बुआई
ने
पिछले
सभी
रिकॉर्ड तोड़
दिए
हैं।
- कुल
क्षेत्रफल: रबी फसलों का रकबा 676
लाख हेक्टेयर के पार पहुँच गया है।
- फसलवार
स्थिति: गेहूं की बुआई में 6 लाख हेक्टेयर
और सरसों (Oilseeds) में 3.5 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बेहतर मानसून और अनुकूल ठंड के कारण इस बार बंपर पैदावार की उम्मीद है।
5.
आगामी कार्यक्रम: सेहोर में 'राष्ट्रीय दलहन सम्मेलन'
दालों
के
उत्पादन में
भारत
को
आत्मनिर्भर बनाने
के
लिए
7 फरवरी 2026 को मध्य प्रदेश
के
सेहोर
में
एक
बड़ा
'राष्ट्रीय दलहन
सम्मेलन' आयोजित
किया
जा
रहा
है।
इसमें
देशभर
के
कृषि
वैज्ञानिक 'दलहन
रोडमैप'
तैयार
करेंगे
ताकि
दालों
के
आयात
पर
निर्भरता खत्म
की
जा
सके।
किसानों के लिए आज की सलाह:
मौसम विभाग के अनुसार: उत्तर भारत में चल रही शीतलहर गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है, लेकिन सरसों के किसानों को 'पाले' (Frost) से बचाव के लिए खेतों में हल्की सिंचाई और धुआं करने की सलाह दी गई है।
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