योगी आदित्यनाथ भारतीय राजनीति के ऐसे नेता हैं जिनका जीवन त्याग, संघर्ष, अनुशासन और सत्ता—चारों का अनोखा संगम है। एक साधारण पहाड़ी परिवार में जन्म लेकर सन्यास का मार्ग अपनाना और फिर देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश का नेतृत्व करना, उनका जीवन भारतीय लोकतंत्र में एक विशेष स्थान रखता है। उनकी छवि एक कठोर प्रशासक, राष्ट्रवादी विचारधारा वाले नेता और सादगीपूर्ण जीवन जीने वाले योगी की है।
प्रारंभिक
जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि
ग्रामीण परिवेश, सीमित संसाधन और पहाड़ों का संघर्षपूर्ण जीवन उनके व्यक्तित्व को बचपन से ही मजबूत बनाता गया। यही कारण है कि आगे चलकर वे कठिन निर्णय लेने से कभी पीछे नहीं हटे।
शिक्षा
और वैचारिक निर्माण
युवावस्था में ही वे सामाजिक और वैचारिक गतिविधियों से जुड़ने लगे। इसी दौर में उनका संपर्क ऐसे लोगों से हुआ जिन्होंने उन्हें साधु-जीवन और राष्ट्रसेवा की ओर प्रेरित किया।
सन्यास
का निर्णय और गोरखनाथ मठ
अजय
सिंह बिष्ट का जीवन उस
समय निर्णायक मोड़ पर पहुंचा जब
उन्होंने सांसारिक
जीवन
त्यागकर
सन्यास
लेने का निर्णय किया।
यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपने भीतर एक स्पष्ट उद्देश्य
महसूस किया।
साल 2014 में योगी आदित्यनाथ को गोरखनाथ मठ का पीठाधीश्वर (महंत) नियुक्त किया गया। इस भूमिका में उन्होंने मठ की सामाजिक गतिविधियों को और सक्रिय किया—जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा और आपदा राहत कार्य।
राजनीति
में प्रवेश
इसके
बाद:
·
वे
लगातार 5 बार
(1998–2014) सांसद
चुने गए
·
संसद
में उन्होंने राष्ट्रवाद,
आंतरिक
सुरक्षा,
धर्म
और सामाजिक मुद्दों पर मुखर भूमिका
निभाई
· उन्होंने पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर दिया
मुख्यमंत्री
बनने तक का सफर
साल
2017 भारतीय राजनीति
में एक बड़ा मोड़
साबित हुआ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में भाजपा को ऐतिहासिक बहुमत
मिला और पार्टी ने
योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री
बनाने का फैसला किया।
यह
निर्णय कई लोगों के
लिए चौंकाने वाला था, लेकिन जल्द ही योगी आदित्यनाथ
ने अपनी कठोर
प्रशासनिक
शैली
से यह स्पष्ट कर
दिया कि वे केवल
धार्मिक पहचान तक सीमित नहीं
हैं।
साल 2022 में उन्होंने दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और ऐसा करने वाले वे उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने जिन्होंने पूर्ण कार्यकाल के बाद फिर सत्ता संभाली।
मुख्यमंत्री
के रूप में प्रमुख कार्य
कानून-व्यवस्था
·
माफिया
और अपराधियों के खिलाफ सख्त
कार्रवाई
·
अवैध
कब्जे और संगठित अपराध
पर नियंत्रण
·
पुलिस
सुधार और जवाबदेही पर
जोर
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
·
पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा एक्सप्रेसवे
·
नए
एयरपोर्ट
और औद्योगिक कॉरिडोर
·
स्मार्ट
सिटी और शहरी विकास
योजनाएँ
निवेश और रोजगार
·
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट
·
लाखों
करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव
·
MSME और
स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन
धार्मिक और सांस्कृतिक विकास
·
अयोध्या राम मंदिर के विकास में
प्रशासनिक सहयोग
·
काशी
विश्वनाथ कॉरिडोर
·
मथुरा
और अन्य धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण
कोविड-19 प्रबंधन
·
बड़े
स्तर पर स्वास्थ्य ढांचे
का विस्तार
·
ऑक्सीजन,
अस्पताल और टीकाकरण व्यवस्था
· राज्य-स्तरीय मॉनिटरिंग सिस्टम
व्यक्तित्व,
जीवनशैली और विचारधारा
योगी
आदित्यनाथ सादा
जीवन
और उच्च विचार के प्रतीक माने
जाते हैं।
·
भगवा
वस्त्र
·
योग
और संयम
·
निजी
संपत्ति और ऐश-आराम
से दूरी
उनकी
विचारधारा का केंद्र:
·
राष्ट्रवाद
·
सांस्कृतिक
पहचान
·
मजबूत
शासन
· अनुशासन और कानून का पालन
विवाद
और आलोचना
योगी
आदित्यनाथ का राजनीतिक सफर
विवादों से भी अछूता
नहीं रहा।
·
कुछ
बयानों को लेकर आलोचना
·
उनकी
सख्ती को लेकर मानवाधिकार
संगठनों की आपत्तियाँ
हालांकि समर्थकों का मानना है कि कठोर फैसले ही व्यवस्था सुधारने का रास्ता होते हैं।
निष्कर्ष
·
त्याग
को अपनाया
·
सत्ता
को साधन बनाया
·
और
शासन को अनुशासन से
जोड़ा
आज वे न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के प्रभावशाली चेहरों में गिने जाते हैं। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए दृढ़ संकल्प और नेतृत्व का उदाहरण है।
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