महाराष्ट्र में
नगर
निकाय
चुनाव
2026 के
नतीजों
के
बाद
मुंबई
महानगरपालिका (BMC) को लेकर
राजनीतिक हलचल
तेज
हो
गई
है।
देश
की
सबसे
अमीर
नगर
निगम
मानी
जाने
वाली
BMC में
नए
मेयर
के
चुनाव
को
लेकर
लगातार
चर्चाएं हो
रही
हैं।
इसी
बीच
सोशल
मीडिया
और
कुछ
यूट्यूब चैनलों
पर
यह
दावा
किया
जाने
लगा
कि
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM), यानी असदुद्दीन ओवैसी
की
पार्टी,
ने
भारतीय
जनता
पार्टी
(BJP) को
समर्थन
देकर
मेयर
चुनाव
में
अहम
भूमिका
निभाई
है।
हालांकि, जमीनी
हकीकत
इन
दावों
से
अलग
नजर
आती
है।
BMC
चुनाव 2026 का परिणाम
BMC चुनाव में
महायुति गठबंधन—जिसमें
BJP और
एकनाथ
शिंदे
गुट
की
शिवसेना शामिल
है—ने स्पष्ट बढ़त
हासिल
की
है।
BJP सबसे
बड़ी
पार्टी
बनकर
उभरी
है,
जबकि
शिंदे
गुट
की
शिवसेना ने
भी
निर्णायक सीटें
जीती
हैं।
बहुमत
का
आंकड़ा
महायुति के
पास
होने
के
कारण
यह
लगभग
तय
माना
जा
रहा
है
कि
मुंबई का अगला मेयर इसी गठबंधन से चुना जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के
अनुसार,
इस
चुनाव
परिणाम
ने
मुंबई
की
राजनीति की
दिशा
बदल
दी
है,
क्योंकि वर्षों
बाद
BMC में
सत्ता
संतुलन
पूरी
तरह
बदला
हुआ
दिखाई
दे
रहा
है।
AIMIM
की भूमिका क्या है?
जानकारों का
कहना
है
कि
AIMIM की सीटें इतनी नहीं हैं कि वह अकेले मेयर पद का फैसला कर सके। इसके अलावा,
AIMIM और
BJP के
बीच
किसी भी आधिकारिक गठबंधन या लिखित समझौते की पुष्टि नहीं हुई है।
गठबंधन की अफवाहें कैसे फैलीं?
दरअसल,
महाराष्ट्र के
कुछ
अन्य
नगर
परिषदों और
स्थानीय निकायों में
अलग-अलग दलों के
पार्षदों ने
परिस्थिति के
अनुसार
आपसी
सहमति
से
पदों
का
बंटवारा किया
था।
इन्हीं
घटनाओं
को
आधार
बनाकर
सोशल
मीडिया
पर
यह
नैरेटिव फैलाया
गया
कि
AIMIM और
BJP के
बीच
बड़ा
राजनीतिक गठबंधन
हो
गया
है।
हालांकि, BJP नेतृत्व और
AIMIM दोनों
ही
पक्षों
ने
ऐसे
किसी
राज्य-स्तरीय या BMC-स्तरीय
गठबंधन
से
इनकार
किया
है।
BJP
और शिंदे गुट का रुख
BJP और शिंदे
गुट
की
शिवसेना ने
साफ
किया
है
कि
मेयर
चुनाव
महायुति के अंदरूनी समर्थन से ही तय होगा। पार्टी सूत्रों के
मुताबिक, मेयर
पद
के
लिए
नाम
पर
विचार
चल
रहा
है
और
जल्द
ही
आधिकारिक घोषणा
की
जा
सकती
है।
निष्कर्ष
स्पष्ट
है
कि
- BMC में AIMIM–BJP गठबंधन की खबरें फिलहाल अफवाहों पर आधारित हैं।
- मुंबई
का नया मेयर महायुति गठबंधन से बनने की संभावना सबसे ज्यादा है।
- AIMIM ने अपनी मौजूदगी जरूर दर्ज कराई है, लेकिन वह मेयर चुनाव का निर्णायक चेहरा नहीं है।
राजनीतिक तस्वीर आने वाले दिनों में और साफ होगी, लेकिन फिलहाल सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं से अलग, आधिकारिक सच्चाई यही है कि BMC की सत्ता की चाबी महायुति के हाथ में है।
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