नई दिल्ली | ब्रेकिंग न्यूज़
दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद के पास स्थित ज़मीन को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इलाके की ज़मीन के सर्वे (Survey) का आदेश दे दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद प्रशासन और स्थानीय स्तर पर हलचल तेज़ हो गई है।
हाई कोर्ट का अहम आदेश
हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि जामा मस्जिद के आसपास स्थित ज़मीन की स्थिति, सीमाओं और स्वामित्व को लेकर स्पष्टता ज़रूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे निष्पक्ष और विस्तृत सर्वे कर रिपोर्ट अदालत में पेश करें।
क्यों आया कोर्ट का आदेश
बताया जा रहा है कि जामा मस्जिद क्षेत्र में ज़मीन को लेकर लंबे समय से विवाद और शिकायतें सामने आ रही थीं। अतिक्रमण, सीमा निर्धारण और रिकॉर्ड से जुड़े मामलों को लेकर याचिका दाखिल की गई थी। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने यह आदेश दिया।
प्रशासन को तय समय-सीमा
कोर्ट ने साफ निर्देश दिए हैं कि सर्वे कार्य पारदर्शी तरीके से किया जाए और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए। साथ ही, प्रशासन को यह भी कहा गया है कि सर्वे रिपोर्ट निर्धारित समय-सीमा के भीतर अदालत में जमा की जाए।
संवेदनशील इलाका, बढ़ाई गई सतर्कता
जामा मस्जिद का इलाका दिल्ली के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में गिना जाता है। ऐसे में कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। किसी भी तरह की अफवाह या तनाव से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासनिक एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।
स्थानीय लोगों की नज़र फैसले पर
हाई कोर्ट के इस आदेश पर स्थानीय लोगों और व्यापारियों की भी नज़र बनी हुई है। कुछ लोगों का कहना है कि सर्वे से स्थिति साफ होगी, जबकि कुछ लोग इसे लेकर आशंकित भी नजर आ रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।
अगली सुनवाई पर टिकी निगाहें
अब सबकी निगाहें सर्वे रिपोर्ट और मामले की अगली सुनवाई पर टिकी हैं। हाई कोर्ट के आगे के निर्देश तय करेंगे कि जामा मस्जिद के पास की ज़मीन को लेकर आगे क्या कार्रवाई होगी।
जामा मस्जिद और दिल्ली हाई कोर्ट से जुड़ी हर बड़ी अपडेट के लिए बने रहिए…
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