महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनावों की सरगर्मी तेज
कई बड़े शहरों में लोकतंत्र का महापर्व, सियासी हलचल चरम पर
मुंबई | न्यूज़ डेस्क
महाराष्ट्र में एक बार फिर लोकतंत्र का महापर्व शुरू होने जा रहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में महानगरपालिका चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। सत्ताधारी और विपक्षी दलों ने अपनी-अपनी रणनीतियाँ बनानी शुरू कर दी हैं, वहीं आम जनता भी अपने क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर सजग नजर आ रही है।
राज्य में जिन महानगरपालिकाओं में चुनाव हो रहे हैं या प्रस्तावित हैं, उनमें प्रमुख रूप से मुंबई महानगर क्षेत्र, पश्चिम महाराष्ट्र, विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तर महाराष्ट्र के कई बड़े शहर शामिल हैं।
इन शहरों में हो रहे हैं महानगरपालिका चुनाव
- मुंबई (BMC)
- ठाणे
- नवी मुंबई
- कल्याण–डोंबिवली
- उल्हासनगर
- भिवंडी–निजामपुर
- मिरा–भायंदर
- वसई–विरार
- पुणे
- पिंपरी–चिंचवड
- नागपुर
- नाशिक
- छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद)
- अमरावती
- अकोला
- नांदेड़–वाघाला
- लातूर
- कोल्हापुर
- सांगली–मिरज–कुपवाड
- धुले, जलगांव, मालेगांव सहित अन्य शहर
राजनीतिक दलों की तैयारी
इन चुनावों को लेकर भाजपा, कांग्रेस, शिवसेना (UBT / Shinde गुट), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP), बहुजन विकास आघाड़ी (BVA) समेत कई क्षेत्रीय दल पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुके हैं। कई जगहों पर गठबंधन तो कई जगह सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है।
जनता के मुद्दे अहम
पानी, सड़क, सफाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, अतिक्रमण, ट्रैफिक और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे चुनाव का मुख्य केंद्र बने हुए हैं। मतदाता इस बार विकास और पारदर्शिता को प्राथमिकता देने के मूड में दिखाई दे रहे हैं।
चुनाव आयोग की भूमिका
राज्य चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू कर दी है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है और प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
कुल मिलाकर, महाराष्ट्र के ये महानगरपालिका चुनाव आने वाले वर्षों की स्थानीय राजनीति की दिशा और दशा तय करने वाले माने जा रहे हैं।
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