वरिष्ठ महिला जानकी हाडल ने खोली ‘पैसे के दम पर चुनाव’ की पोल, FIR की मांग तेज

 

FIR और जेल तक जा सकता है मामला?  वसई-विरार चुनाव में नकद लालच और भीड़ मैनेजमेंट का गंभीर आरोप - प्रभाग 27 में लक्ष्मी पंकज शुक्ला (40) पर चुनाव कानून और IPC उल्लंघन की आशंका, श्रीमती जानकी हाडल (60) ने किया खुलासा

City News 24 | 04 जनवरी 2026

मुंबई/वसई | न्यूज़ डेस्क

वसई-विरार महानगरपालिका चुनाव से ठीक पहले प्रभाग क्रमांक 27 में सामने आया घटनाक्रम अब केवल राजनीतिक चर्चा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सीधे आपराधिक जांच और FIR का विषय बनता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों, प्रत्यक्षदर्शियों और क्षेत्रीय सूत्रों के अनुसारनकद पैसे का लालच देकर लोगों को चुनावी गतिविधियों में शामिल करने का कथित प्रयास किया गया, जो भारतीय दंड संहिता और चुनाव कानूनों के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

इस पूरे मामले के केंद्र में लक्ष्मी पंकज शुक्ला (40) का नाम सामने आया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने धार्मिक आयोजन की आड़ में राजनीतिक भीड़ जुटाने और नकद प्रलोभन देकर आम नागरिकों को प्रभावित करने की कोशिश की।

घर-घर जाकर ₹1000 देने का कथित ऑफर

स्थानीय सूत्रों के अनुसार2 दिसंबर को सामने आए आरोपों के बाद 4 दिसंबर से यह गतिविधियां खुले तौर पर शुरू हुईं आरोप है कि लोहार पाड़ा क्षेत्र में कुछ महिलाओं के साथ मिलकर घर-घर जाकर यह कहा गया कि जल्द ही कलश यात्रा निकाली जाएगी और जो भी व्यक्ति इसमें शामिल होगा, उसे ₹1000 नकद दिए जाएंगे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं थी, बल्कि पैसे के दम पर जनसमर्थन दिखाने और चुनावी माहौल को प्रभावित करने की सुनियोजित कोशिश थी। जानकारों के मुताबिक, ऐसे मामलों में पैसे लेने वाला व्यक्ति भी उतना ही दोषी माना जाता है जितना पैसे देने वाला

श्रीमती जानकी हाडल (60) ने उठाई आवाज, मचा हड़कंप

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान लोहार पाड़ा की सम्मानित वरिष्ठ नागरिक श्रीमती जानकी हाडल (60) ने मौके पर ही इस गतिविधि का कड़ा विरोध किया और सवाल उठाए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही उन्होंने इस कथित लालच भरे प्रचार पर आपत्ति जताई, वैसे ही साथ मौजूद महिलाएं मौके से भाग निकलीं।

आरोप है कि विरोध करने पर श्रीमती जानकी हाडल (60) के साथ गाली-गलौज की गई, जिसके बाद बाहर से कुछ लोगों को बुलाया गया और स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को भी सूचना दी गई। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन तब तक इलाके में डर और तनाव का माहौल बन चुका था।

ऐसी गतिविधियों में शामिल महिला या पुरुष सावधान रहेंआपकी तस्वीरें और वीडियो पहले से स्थानीय लोगों और जांच एजेंसियों के पास सुरक्षित हैं।

IPC और चुनाव कानून के तहत सीधा अपराध

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला सीधे FIR दर्ज होने योग्य है।

नकद लालच देकर लोगों को प्रभावित करना IPC की धारा 171-B (रिश्वत) और 171-C (अनुचित प्रभाव) के अंतर्गत आता है। परिस्थितियों के अनुसार धारा 420 (धोखाधड़ी), 504 और 506 जैसी धाराएं भी लग सकती हैं।

इसके साथ-साथ Representation of the People Act, 1951 के तहत यह चुनावी भ्रष्ट आचरण माना जाता है, जिसमें दोष सिद्ध होने पर जुर्माना, जेल और भविष्य में चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध तक का प्रावधान है।

कानून बिल्कुल साफ है

पैसे देने वाला ही नहीं, पैसे लेने वाला भी अपराध का भागीदार माना जाएगा।

पैसे लेने वालों के लिए सख्त चेतावनी

यह खबर सिर्फ सूचना नहीं, बल्कि कानूनी चेतावनी है।

जो लोग आज ₹1000 के लालच में किसी के साथ घूम रहे हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि कल वही लोग पुलिस पूछताछ, मोबाइल जांच और कोर्ट-कचहरी के चक्कर काट सकते हैं।

कानूनी मामलों में कई बार सबसे पहले कार्रवाई पैसे लेने वालों पर ही होती है, क्योंकि वही सबसे आसान आरोपी और गवाह माने जाते हैं।

चुनाव आयोग से सख्त कार्रवाई की मांग

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि लोहार पाड़ा क्षेत्र में हुई इन कथित गतिविधियों की तत्काल जांच की जाए, चुनाव आयोग का Flying Squad सक्रिय किया जाए और नकद प्रलोभन देने लेने वालों के खिलाफ FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए।

लोगों का सीधा सवाल है

क्या चुनाव आयोग ऐसे खुलेआम हो रहे कथित चुनावी खेल पर समय रहते लगाम लगाएगा?


संपादकीय नोट

यह रिपोर्ट स्थानीय नागरिकों, प्रत्यक्षदर्शियों और प्राथमिक जानकारियों पर आधारित है।  लक्ष्मी पंकज शुक्ला (40) या किसी भी संबंधित पक्ष का पक्ष या स्पष्टीकरण प्राप्त होने पर उसे उसी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

City News 24 इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।  अगली रिपोर्ट में FIR की स्थिति, पुलिस कार्रवाई और प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने लाई जाएगी।

 

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