बिज़नेस और अर्थव्यवस्था: भारत ने जापान को पछाड़ा, बना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

 

नई दिल्ली।

भारतीय अर्थव्यवस्था इस समय एक निर्णायक दौर से गुज़र रही है। उच्च विकास दर और नियंत्रित मुद्रास्फीति की "गोल्डीलॉक्स अवधि" के बीच, भारत ने वैश्विक मंच पर एक बड़ी छलांग लगाई है।

भारत बना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार के बयान के अनुसार, भारत ने जापान को पीछे छोड़कर 4.18 लाख करोड़ डॉलर (USD 4.18 Trillion) की जीडीपी के साथ विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का स्थान हासिल कर लिया है।

  • लक्ष्य 2030: भारत अब अगले ढाई से तीन वर्षों में जर्मनी को भी पछाड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है, जिसका अनुमानित आकार $7.3 लाख करोड़ डॉलर (USD 7.3 Trillion) होगा।
  • गोल्डीलॉक्स अवधि: सरकार का कहना है कि वर्तमान व्यापक आर्थिक स्थिति 'उच्च वृद्धि और कम मुद्रास्फीति' के दुर्लभ और मज़बूत दौर को दर्शाती है।
  • विकास अनुमान: एसबीआई म्यूचुअल फंड की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की नॉमिनल जीडीपी वृद्धि दर लगभग 11% और वास्तविक वृद्धि दर करीब 7.2% रहने की उम्मीद है, जिसका मुख्य कारण घरेलू खपत और सरकारी नीतियां हैं।
  • बेरोज़गारी दर में गिरावट: रोज़गार के मोर्चे पर भी सकारात्मक संकेत हैं। नवंबर 2025 में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए बेरोज़गारी दर गिरकर 4.8% हो गई, जो श्रम बल में उत्पादक रोज़गार के अधिक समावेशन को दर्शाती है।

प्रमुख व्यापारिक और संगठनात्मक घटनाक्रम

  • सेबी का बड़ा कदम: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने म्यूचुअल फंड नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए खर्च अनुपात (expense ratio) की सीमा को कम कर दिया है, जिससे निवेशकों को सीधा फायदा होने की उम्मीद है।
  • बुलेट ट्रेन परियोजना: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना ने महाराष्ट्र के पालघर में पहली माउंटेन टनल में सफलता प्राप्त की है, जो इस बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना के लिए एक 'प्रमुख मील का पत्थर' है।
  • ई-वी बैटरी के लिए आधार जैसा नंबर: परिवहन मंत्रालय ने EV बैटरी की प्रभावी ट्रेसबिलिटी के लिए उन्हें आधार जैसा नंबर आवंटित करने का प्रस्ताव दिया है।
  • बैंकिंग फ्रॉड: RBI की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल-सितंबर 2025 में बैंकों में धोखाधड़ी की राशि में 30% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिस पर चिंता जताई जा रही है।

बाज़ार के रुझान और चुनौतियां

  • शेयर बाज़ार: सेंसेक्स और निफ्टी रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं, लेकिन निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो को बाज़ार के उतार-चढ़ाव से तुलना करते रहें।
  • अंतर्राष्ट्रीय व्यापार: भारत के रूसी तेल आयात नवंबर 2025 में 6 महीने के उच्च स्तर पर थे। वहीं, अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद, विशेषज्ञ मान रहे हैं कि वेनेजुएला संकट का भारत के ऊर्जा सुरक्षा पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
  • ऑटो सेक्टर: दिसंबर 2025 में हीरो मोटोकॉर्प और बजाज ऑटो की बिक्री में क्रमशः 15% और 4% की गिरावट दर्ज की गई, जो बाज़ार में कुछ नरमी का संकेत है।
  • रुपये का मूल्य: वर्ष 2025 में रुपये की कीमत में विदेशी लेनदेन और बॉन्ड की ब्याज दरों में बढ़ोतरी के कारण लगभग 5% की गिरावट आई।

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