हेल्थ अपडेट: मुफ्त कैंसर स्क्रीनिंग, बुखार का खतरा, और सार्वजनिक स्वास्थ्य में नई चुनौतियाँ

 

नई दिल्ली। स्वास्थ्य जगत में काफी गतिशीलता देखने को मिल रही है। भारत और दुनिया भर में नई स्वास्थ्य पहलोंबीमारी के बढ़ते मामलों और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रयासों को लेकर कई महत्वपूर्ण खबरें सामने  रही हैं।

सबसे बड़ी और ताज़ा खबर यह है कि ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज़ (AIIMS), नई दिल्ली ने जनवरी 2026 के दौरान मुफ़्त सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम शुरू किया है। यह पहल सर्वाइकल कैंसर अवेयरनेस मंथ के अवसर पर की जा रही हैजिसमें महिलाओं को मुफ्त परीक्षा और आवश्यक HPV वैक्सीन की सुविधा दी जा रही है। 30 से 65 वर्ष की आयु की महिलाएं सप्ताह के दिनों में स्क्रीनिंग के लिए पहुंच सकती हैंजबकि 9 से 14 वर्ष की लड़कियाँ शनिवार को HPV वैक्सीन ले सकती हैं। विशेषज्ञों ने कहा है कि सर्वाइकल कैंसर ज्यादातर मामलों में टाला जा सकता है अगर समय पर जांच और टीकाकरण किया जाए। 

सिर्फ़ कैंसर ही नहींबल्कि ओडिशा के खुरदा जिले के एक स्कूल में जॉन्डिस (हैपेटाइटिस) के मामलों में अचानक बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। अब तक लगभग 52 छात्रों में जॉन्डिस के लक्षण पाए गए हैंजिसके बाद स्कूल प्रशासन ने कक्षा बंद करने जैसे कदम भी सोचे हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। इस तरह के वायरल संक्रमणों के प्रकोप से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्कता बढ़ा रहा है। 

इसके अलावापंजाब के लुधियाना में पिछला साल स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौतियों से भरा रहा। 2025 में मलेरिया के मामलो में तेज़ी देखी गई और डेंगू के मामलो में भी वृद्धि हुई। स्वास्थ्य अधिकारी अब 2026 में इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर दे रहे हैंताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वस्थ जीवन सुनिश्चित किया जा सके। 

देशव्यापी स्वास्थ्य प्रणाली में सुधार को लेकर सरकार की भी कोशिशें जारी हैं। स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधार वैज्ञानिक साक्ष्यप्रभावी सेवा वितरण और जन भागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ रहा है। उनका कहना है कि टीकाकरणबीमारी नियंत्रणऔर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार इस दिशा में बड़े कदम हैं।

वैश्विक स्तर पर भी स्वास्थ्य नीतियों में बदलाव और साझेदारी की चर्चा हो रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में Global Summit on Traditional Medicine का आयोजन कर रहा हैजिसमें पारंपरिक चिकित्सा के वैज्ञानिक आधारसुरक्षा मानक और स्वास्थ्य प्रणालियों में इसे प्रभावी ढंग से शामिल करने पर विचार किया गया। 

दूसरी ओर एक बड़ा स्वास्थ्य तकनीक अपडेट है जिसमें AI-आधारित ‘Health Sentinel’ टूल ने भारत में 5,000 से अधिक रोग फैलने की चेतावनियाँ स्वास्थ्य अधिकारियों को वास्तविक समय में दी हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग अब जल्दी प्रतिक्रिया देने में सक्षम हुआ हैजिससे संभावित महामारी फैलाव को रोका जा सकता है। 

हालांकि कुछ स्वास्थ्य चुनौतियाँ बनी हुई हैं — जैसे नॉन-कम्युनिकेबल डिज़ीज़ (दिल की बीमारीडायबिटीज़कैंसर) के मामलों में वृद्धि और स्वास्थ्य ढांचे की मजबूती की आवश्यकता — विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते इन पर कदम उठाने से प्रभावी नतीजे हासिल किए जा सकते हैं। 

कुल मिलाकरस्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक पहलजागरूकता अभियानों के साथ-साथ बीमारी की निगरानी और इलाज के तरीकों में सुधार भी जारी है। वहींसंक्रमण के संभावित फैलाव और जीवनशैली बीमारी के बढ़ते मामलों पर सतर्क निगरानी की आवश्यकता बनी हुई है।

 

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