एम्स में नाइट शेल्टर से राहत, तो देशभर में फ्लू का प्रकोप और टिटनेस की जानलेवा चेतावनी!

 

दिल्ली AIIMS ने मरीजों के लिए शुरू की नाइट शेल्टर सुविधा

कड़ाके की ठंड में आने वाले मरीजों और परिजनों को राहत

नई दिल्ली | हेल्थ डेस्क
दिल्ली के एम्स (AIIMS) अस्पताल ने कड़ाके की ठंड को देखते हुए मरीजों और उनके साथ आए परिजनों के लिए रात में ठहरने की नाइट शेल्टर सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है। यह नई सुविधा उन लोगों को ध्यान में रखकर लागू की गई है, जो ठंड के मौसम में खुले आसमान के नीचे रहकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं ले पा रहे थे। 

एम्स प्रशासन ने बताया कि यह सुविधा विशेष रूप से उन मरीजों और उनके समर्थकों के लिए है जो ठंड के मौसम में अस्पताल में तैनात रहकर उपचार और देखभाल करवाना चाहते हैं। इसके साथ ही अस्पताल ने इलेक्ट्रिक बस सेवा भी शुरू की है, जिससे दूर-दराज़ से आने वाले मरीजों और परिजनों को आने-जाने में सुविधा मिलेगी।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ठंड के मौसम में हाइपोथर्मिया (ठंड के कारण शरीर का तापमान गिरना), सांस की समस्याएँ और कमज़ोर रोग प्रतिरोधक क्षमता जैसी शारीरिक समस्याएँ अधिक होती हैं। ऐसे में नाइट शेल्टर और बेहतर परिवहन सेवा जैसे कदम लोगों को मौसम-विशिष्ट स्वास्थ्य जोखिमों से बचाने में मदद करेंगे।

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फ्लू मामलों में बढ़ोतरी, नए वेरिएंट की चेतावनी

अमेरिका में अब तक लाखों प्रभावित, विशेषज्ञ सावधान

विश्व स्वास्थ्य समुदाय ने चेतावनी दी है कि फ्लू (इन्फ्लुएंजा) मामलों में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है, खासकर नए वेरिएंट के कारण। अनुमान के अनुसार कम से कम 75 लाख लोग बीमार पड़े हैं, और अस्पताल में भर्ती होने वाले मामलों की संख्या भी बड़ी रही है। इससे जुड़े मामलों में बैक्ड रिपोर्ट भी दर्ज की गई है कि गंभीर संक्रमण के कारण लोगों की मौतें भी हुई हैं।

विशेषज्ञों ने कहा है कि यह मौसमी फ्लू का सामान्य सत्र से ज़्यादा तीव्र रूप है, और लोगों को विशेष रूप से

  • भीड़-भाड़ वाले स्थानों से बचने
  • मास्क और हाथों की सफ़ाई पर ध्यान देने
  • समय पर टीकाकरण कर लेने

जैसे स्वास्थ्य उपाय अपनाने की सलाह दी है।

गंभीर स्वास्थ्य चेतावनी (आज की खबर)

19 वर्ष के युवक ICU में, टिटनेस इलाज न कराने के बाद हालत गंभीर

सादा घाव भी बन सकता है जानलेवा

मध्य प्रदेश के सतना में एक 19 वर्षीय युवक ‘मुन्ना’ की गंभीर हालत उन स्वास्थ्य चेतावनियों की याद दिलाती है जो अक्सर छोटी चोटों को भी गंभीर परिणाम दे सकती हैं। युवक के पैर में चुभी नाखून की कील लगी थी। प्रारंभ में मामूली चोट समझकर टिटनेस (Tetanus) का इंजेक्शन नहीं लगवाया गया, लेकिन कुछ दिनों बाद स्थिति बिगड़ गई और वह चार दिनों से वेंटिलेटर पर ICU में भर्ती है।

चिकित्सकों के अनुसार टिटनेस जैसे संक्रमण को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है, क्योंकि यह संक्रामक रोग तत्काल चिकित्सा हस्तक्षेप न मिलने पर जानलेवा हो सकता है।

हेल्थ एक्सपर्ट सलाह

  • मौसम बदलते समय सर्दी, खाँसी या सांस की तकलीफ़ को हल्के में न लें।
  • चोट लगने पर तुरंत टिटनेस का टीकाकरण आवश्यक है।
  • भीड़-भाड़ में फ्लू से बचाव के लिए मास्क और साफ़ सफ़ाई अपनाएँ।

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