महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव 2026: 'महायुति' का महासंग्राम, 29 में से 25 निगमों पर 'केसरिया' कब्ज़ा

 

मुंबई | शनिवार, 17 जनवरी 2026

महाराष्ट्र की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक मोड़ आया है। राज्य के 29 नगर निगमों के घोषित चुनाव परिणामों में भाजपा नीत 'महायुति' गठबंधन ने प्रचंड बहुमत हासिल करते हुए विपक्षी दलों का सूपड़ा साफ कर दिया है। सबसे बड़ी जीत देश की सबसे अमीर महानगरपालिका BMC (मुंबई) में दर्ज की गई है, जहाँ पिछले तीन दशकों से चला आ रहा ठाकरे परिवार का वर्चस्व खत्म हो गया है।

मुख्य चुनाव परिणाम: एक नज़र में

कुल 2,869 सीटों पर हुए इस चुनाव में महायुति ने शहरी मतदाताओं के बीच अपनी पैठ को और मजबूत किया है।

पार्टी/गठबंधनकुल सीटें (लगभग)प्रमुख निगम जीत
भाजपा (BJP)1,425मुंबई (89), पुणे (119), नागपुर (102), नासिक (72)
शिवसेना (एकनाथ शिंदे)399ठाणे (75), नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली
महायुति कुल2,100+29 में से 25 निगमों पर बढ़त
शिवसेना (UBT)155मुंबई में 65 सीटों के साथ मुख्य विपक्ष
कांग्रेस324कोल्हापुर, लातूर और भिवंडी में मजबूत प्रदर्शन

फडणवीस का बयान: "विकास और ईमानदारी की जीत"

मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने इस जीत को जनता का "स्पष्ट जनादेश" करार दिया है। उन्होंने मुंबई में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा:

जनता ने पीएम मोदी के नेतृत्व और हमारे विकास मॉडल पर मुहर लगाई है। यह चुनाव परिणाम साबित करते हैं कि महाराष्ट्र की जनता ने नकारात्मक राजनीति को नकार कर प्रगति के मार्ग को चुना है। अब 25 शहरों में हमारे मेयर होंगे, जो शहरों की सूरत बदलेंगे।

विश्लेषण: क्यों हारा विपक्ष और कैसे जीती भाजपा?

  1. शहरी बुनियादी ढांचा: कोस्टल रोड, मेट्रो नेटवर्क और अटल सेतु जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स का सीधा लाभ महायुति को मिला।
  2. संगठनात्मक मजबूती: उत्तर महाराष्ट्र (नासिक, धुले, जलगाँव) में भाजपा का माइक्रो-मैनेजमेंट विपक्ष पर भारी पड़ा।
  3. विपक्ष का बिखराव: महाविकास अघाड़ी (MVA) के बीच सीटों के तालमेल की कमी और आंतरिक कलह ने कांग्रेस और शिवसेना (UBT) को नुकसान पहुँचाया।
  4. स्थानीय मुद्दे: सफाई, जलापूर्ति और ट्रैफिक जैसे बुनियादी मुद्दों पर महायुति के ठोस वादों ने मतदाताओं को आकर्षित किया।

स्थानीय निकायों पर प्रभाव

इन परिणामों के बाद अब राज्य के प्रमुख शहरों के बजट और विकास योजनाओं में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। एक वरिष्ठ निगम आयुक्त के अनुसार, "अब केंद्र, राज्य और स्थानीय निकाय (Triple Engine) में एक ही गठबंधन की सरकार होने से रुकी हुई परियोजनाओं को गति मिलेगी।"

सुरक्षा और प्रशासन

राज्य चुनाव आयोग ने पुष्टि की है कि मतगणना पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। पूरे राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं मिली है।

निष्कर्ष: 2026 के ये चुनाव परिणाम केवल स्थानीय निकायों के नतीजे नहीं हैं, बल्कि यह आगामी विधानसभा चुनावों के लिए महायुति के पक्ष में एक बड़ी लहर का संकेत हैं।

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