I. रोज़गार के अवसर और बाज़ार का हाल (Job Market Outlook)
1. 2026 में रोज़गार सृजन में तेज़ी की उम्मीद: स्टाफिंग सर्विसेज फर्म टीमलीज़ (TeamLease) के अनुसार, भारत में 2026 कैलेंडर वर्ष में रोज़गार सृजन (Job Creation) में वृद्धि होने की उम्मीद है। अनुमान है कि 2025 के 8-10 मिलियन की तुलना में 10 से 12 मिलियन नए रोज़गार जुड़ सकते हैं। यह बढ़ोतरी व्यवसायों के विस्तार, परिसर भर्ती (Campus Recruitment) की वापसी और विविधता लक्ष्यों (Diversity Goals) पर ज़ोर दिए जाने के कारण हो सकती है।
- प्रमुख क्षेत्र: डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, टेक्नोलॉजी, वित्तीय सेवाएँ (Financial Services), स्वास्थ्य सेवाएँ (Healthcare) और इंफ्रास्ट्रक्चर में मांग सबसे अधिक रहेगी।
- बड़ी कंपनियाँ: EY इंडिया 2026 में 14,000-15,000 लोगों को नियुक्त करने की योजना बना रही है। टाटा मोटर्स जैसी कंपनियाँ बैटरी टेक्नोलॉजी, सॉफ्टवेयर-डिफाइंड वाहन (Software-Defined Vehicles), हाइड्रोजन फ्यूल और इंजीनियरिंग जैसे उभरते हुए और भविष्य-उन्मुख (Future-Facing) क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेंगी।
- नई भूमिकाएँ: AI और मशीन लर्निंग विशेषज्ञ (Machine Learning Specialists), सस्टेनेबिलिटी मैनेजर (Sustainability Managers), हेल्थकेयर इनोवेटर्स और क्रिएटिव टेक्नोलॉजिस्ट (Creative Technologists) की मांग तेज़ी से बढ़ रही है।
2. रोज़गार के लिए कौशल (Skills) पर बढ़ा ज़ोर: कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि वे भर्ती करते समय कौशल और नवाचार पर अधिक ध्यान केंद्रित करेंगी। अब केवल डिग्री और अंक ही काफी नहीं होंगे, बल्कि उम्मीदवार ने पाठ्यक्रम से हटकर क्या काम किया है, उसकी निर्णय क्षमता और पहल (Initiative) क्या है, इस पर सवाल पूछे जाएंगे। नियोक्ताओं का मानना है कि तैयारी अब संस्थानों से ज़्यादा व्यक्तिगत स्तर पर होनी चाहिए।
3. सरकारी नौकरियों से जुड़ी ताज़ा अपडेट:
- सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सरकारी नौकरी की चयन प्रक्रिया में अच्छे अंक प्राप्त करने वाले आरक्षित वर्ग (SC, ST, OBC, EWS) के उम्मीदवार भी अनारक्षित (General/Open) श्रेणी की सूची में जगह पाने के हकदार हैं, क्योंकि ओपन कैटेगरी की सीटें सभी के लिए खुली हैं और उन्हें मेरिट के आधार पर भरा जाना चाहिए।
- नई भर्तियाँ: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने कृषि पर्यवेक्षक, प्रयोगशाला सहायक और वनपाल सहित कई पदों के लिए 2026 की परीक्षा तिथियां जारी की हैं। साथ ही, सब इंस्पेक्टर, सहायक शिक्षक (Assistant Teacher) और फॉरेस्ट गार्ड (Forest Guard) सहित विभिन्न राज्यों में 10वीं से ग्रेजुएट स्तर तक की कई अन्य बंपर भर्तियां भी निकाली गई हैं।
II. शिक्षा क्षेत्र में सुधार और NEP 2020
1. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) का कार्यान्वयन: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के विभिन्न प्रावधानों को देश भर में लागू करने के प्रयास जारी हैं।
- 5+3+3+4 ढाँचा: पुरानी 10+2 व्यवस्था को 3 से 18 वर्ष के बच्चों के लिए 5+3+3+4 के नए पाठ्यचर्या (Curriculum) ढांचे से बदला जा रहा है।
- व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education): NEP का एक प्रमुख लक्ष्य है कि 2025 तक स्कूल और उच्च शिक्षा के कम से कम 50% छात्रों को व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ा जाए।
- सार्वजनिक निवेश: केंद्र और राज्य सरकारें शिक्षा के क्षेत्र में सार्वजनिक निवेश को जल्द से जल्द जीडीपी के 6% तक बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रही हैं।
2. संस्थानों के बीच साझेदारी:
- केन्द्रीय विद्यालय संगठन (KVS) और IIT दिल्ली ने स्कूलों में STEM (Science, Technology, Engineering, Mathematics) शिक्षा को मजबूत करने के लिए साझेदारी की है।
- डिजिटल शिक्षा: कई राज्यों में शिक्षा विभाग वर्चुअल क्लास नेटवर्क और हाइब्रिड मोड (Hybrid Mode) में पढ़ाई शुरू करने की योजना बना रहे हैं, ताकि सीमांत क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
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