शामली, 31 अगस्त 2026। हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान की सनसनीखेज हत्या के महज पांच
दिन बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने बड़ी कार्रवाई
की है। सोमवार तड़के शामली में पुलिस और SWAT टीम के साथ हुई
मुठभेड़ में हत्याकांड के दो कथित
शूटर सुमित
और मोहित मारे गए। दोनों हरियाणा के सोनीपत के
रहने वाले बताए गए हैं और
उन पर पुलिस ने
50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार दोनों
कथित तौर पर गोगी गैंग
से जुड़े थे।
इस
कार्रवाई के बावजूद अंकित
बालियान हत्याकांड की जांच अभी
खत्म नहीं हुई है। पुलिस का कहना है
कि हत्या में कुल चार शूटर शामिल थे। सुमित और मोहित के
मारे जाने के बाद पुलिस
अब दो अन्य कथित
शूटरों सत्यम
और आर्यन की तलाश कर
रही है। वहीं जांच में रेकी और दूसरी तरह
की मदद करने वाले लोगों की भूमिका भी
सामने आई है।
26 अगस्त
को जिम के बाहर हुई थी अंकित की हत्या
हरियाणवी
म्यूजिक इंडस्ट्री में पहचान बना चुके अंकित बालियान की 26 अगस्त को शामली में एक जिम के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
पुलिस
जांच और CCTV फुटेज के आधार पर
सामने आई जानकारी के
मुताबिक चार हमलावर दो बाइकों पर
पहुंचे थे। जैसे ही अंकित जिम
से बाहर निकलकर अपनी कार की तरफ बढ़े,
हमलावरों ने उन पर
ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। NDTV के
मुताबिक हमलावरों ने कम से
कम 16 राउंड फायर किए थे। गंभीर रूप से घायल अंकित
को अस्पताल ले जाया गया,
लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत
घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम
में उनके शरीर पर पांच गोली
लगने की चोटें मिलने
की रिपोर्ट है, जिनमें दो सिर पर
थीं।
अंकित
की हत्या ने पश्चिमी उत्तर
प्रदेश और हरियाणा दोनों
जगह सनसनी फैला दी थी। सोशल
मीडिया पर भी उनके
प्रशंसकों ने आरोपियों के
खिलाफ जल्द कार्रवाई की मांग की।
हत्या
से छह दिन पहले हुई थी रेकी
जांच
आगे बढ़ी तो पुलिस को
पता चला कि यह हमला
अचानक नहीं हुआ था।
पुलिस
के मुताबिक 20 अगस्त को अंकित की रेकी की गई थी। कथित शूटर शामली पहुंचे और एक होटल
में ठहरे थे। होटल में जमा किए गए पहचान संबंधी
दस्तावेज और वहां लगे
CCTV कैमरों से पुलिस को
महत्वपूर्ण सुराग मिले। जांचकर्ताओं का दावा है
कि आरोपी अंकित की गतिविधियों पर
नजर रख रहे थे।
हत्या
के बाद पुलिस ने आसपास लगे
CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी
शुरू की। इसके साथ अंकित की कॉल डिटेल
और WhatsApp से संबंधित जानकारियों
की भी जांच की
गई।
मामले
की गंभीरता को देखते हुए
मेरठ
जोन
के सात जिलों के अधिकारियों की आठ पुलिस टीमें लगाई गई थीं और
हरियाणा तथा दिल्ली में भी दबिश दी
जा रही थी।
सोमवार
तड़के
कैसे
हुआ
एनकाउंटर?
पुलिस
के मुताबिक अंकित की हत्या के
बाद पूरे जिले में रात के समय विशेष
नाकाबंदी और वाहन चेकिंग
अभियान चलाया जा रहा था।
शामली
SP नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार सोमवार
तड़के करीब चार बजे बाइक पर सवार दो
संदिग्ध एक पुलिस चेकपोस्ट
के पास पहुंचे। पुलिस ने उन्हें रोकने
का प्रयास किया तो आरोप है
कि उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर
दी और भागने लगे।
इसके
बाद पुलिस ने उनका पीछा
किया। दूसरे चेकिंग प्वाइंट पर उन्हें फिर
रोकने की कोशिश हुई
तो कथित तौर पर उन्होंने दोबारा
गोलियां चलाईं और पुलिस वाहन
का शीशा भी क्षतिग्रस्त हुआ।
आगे जाकर दोनों एक ऐसे रास्ते
में फंस गए जहां से
निकलने का रास्ता नहीं
था।
पुलिस
का दावा है कि वहां
भी दोनों ने पुलिस पर
फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई।
मुठभेड़ में सुमित और मोहित गंभीर
रूप से घायल हो
गए। दोनों को अस्पताल ले
जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
मुठभेड़
में दो
पुलिसकर्मी
भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटनास्थल से हथियार और
अन्य सामग्री बरामद करने की जानकारी भी
पुलिस ने दी है।
कौन
थे सुमित और मोहित?
पुलिस
के मुताबिक सुमित और मोहित दोनों
हरियाणा के सोनीपत के
रहने वाले थे और प्रत्येक
पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित
था।
शामली
पुलिस का दावा है
कि दोनों गोगी गैंग से जुड़े थे।
अमर उजाला की रिपोर्ट के
मुताबिक SP ने बताया कि
मोहित
के खिलाफ पहले से 15 मुकदमे, जबकि सुमित के खिलाफ एक
मुकदमा दर्ज था। पुलिस उनके पूरे आपराधिक इतिहास और नेटवर्क की
भी जांच कर रही है।
हत्या
के बाद दोनों के बागपत के
रास्ते लोनी की तरफ भागने
की जानकारी पुलिस को मिली थी।
सोमवार सुबह कथित तौर पर वे सोनीपत
की तरफ जाने की कोशिश कर
रहे थे, तभी पुलिस से उनका सामना
हुआ।
हत्या
के पीछे गोगी गैंग का एंगल
अंकित
की हत्या के कुछ ही
घंटों बाद सोशल मीडिया पर खुद को
भोलू
शाहपुरिया
बताने वाले एक व्यक्ति ने
गोगी गैंग की तरफ से
हत्या की जिम्मेदारी लेने
का दावा किया था।
अब
पुलिस जांच में भी गैंगवार का
एंगल सामने आने का दावा किया
गया है।
शामली
SP के अनुसार हत्या की साजिश कथित
तौर पर राहुल
उर्फ
भोलू
ने रची थी। पुलिस का दावा है
कि उसी ने शूटरों से
संपर्क किया तथा उन्हें पैसे और हथियार उपलब्ध
कराए।
'भरी
कोर्ट
में
गोली
मारेंगे'
गाने
से जुड़ा हत्या का शक
इस
हत्याकांड में अंकित बालियान का एक पुराना
गाना भी जांच के
केंद्र में आया है।
अंकित
का चर्चित गाना “भरी
कोर्ट
में
गोली
मारेंगे”
करीब साढ़े तीन साल पहले आया था। पुलिस के मुताबिक गोगी
गैंग से जुड़े लोगों
को कथित तौर पर शक था
कि यह गाना गैंगस्टर
टिल्लू
ताजपुरिया
के संदर्भ में बनाया गया था।
टिल्लू
ताजपुरिया और जितेंद्र गोगी
के गिरोहों के बीच लंबे
समय तक खूनी गैंगवार
चली थी। पुलिस का कहना है
कि गोगी गैंग से जुड़े लोगों
ने अंकित के बालियान गोत्र
को देखते हुए उसके टिल्लू से संबंध होने
का संदेह किया था।
हालांकि
महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि
अंकित
ने खुद एक इंटरव्यू में इस तरह के किसी संबंध से इनकार किया था और कहा था
कि उसका इस मामले से
कोई लेना-देना नहीं है। इसलिए हत्या का वास्तविक मकसद
जांच और साक्ष्यों के
आधार पर ही अंतिम
रूप से स्थापित होगा।
पुलिस
का यह भी दावा
है कि दिल्ली के
कनॉट प्लेस में अंकित को पहले जान
से मारने की धमकी मिल
चुकी थी।
परिवार
ने मांगा था न्याय
अंकित
की हत्या के बाद परिवार
बेहद नाराज था। उनकी पत्नी ने आरोपियों के
खिलाफ जल्द कार्रवाई की मांग की
थी। परिवार से मिलने शामली
के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी
भी पहुंचे थे।
अब
दो कथित शूटरों के मारे जाने
के बाद अंकित के पिता सतबीर सिंह ने कहा कि
उन्हें सरकार और पुलिस पर
विश्वास था, लेकिन उनके मुताबिक अभी “आधा इंसाफ” ही मिला है।
परिवार बाकी आरोपियों के खिलाफ भी
कार्रवाई की मांग कर
रहा है।
अंकित
की पत्नी ने भी कहा
है कि कुछ आरोपी
अभी फरार हैं और वह चाहती
हैं कि उन्हें जल्द
पकड़ा जाए।
अब
पुलिस
के सामने सबसे बड़ा सवाल—बाकी आरोपी कहां हैं?
सुमित
और मोहित की मौत के
बाद पुलिस की जांच का
अगला चरण बेहद महत्वपूर्ण होगा। पुलिस के अनुसार हत्या
में चार शूटर शामिल थे और अब
सत्यम
तथा
आर्यन
की तलाश की जा रही
है।
जांच
में अब तक कुल
छह
लोगों
की भूमिका सामने आने की रिपोर्ट है—चार कथित शूटर और दो अन्य
लोग, जिन पर रेकी तथा
दूसरी सहायता देने का संदेह है।
पुलिस
के लिए अब केवल फरार
आरोपियों को पकड़ना ही
चुनौती नहीं है, बल्कि हत्या की पूरी साजिश,
पैसा और हथियार उपलब्ध
कराने वालों तथा कथित गैंग नेटवर्क की भूमिका को
सबूतों के साथ स्थापित
करना भी जरूरी होगा।
फिलहाल 31 अगस्त की सुबह हुए एनकाउंटर ने अंकित बालियान हत्याकांड को नया मोड़ दे दिया है। पांच दिन पहले गोलियों से हुई एक लोकप्रिय युवा गायक की हत्या से शुरू हुई कहानी अब गैंगवार, पुरानी रंजिश, एक चर्चित गाने, रेकी और कथित सुपारी किलिंग के जटिल नेटवर्क तक पहुंचती दिखाई दे रही है। हालांकि इन पहलुओं में कई बातें अभी पुलिस के दावे और जांच का हिस्सा हैं; अंतिम तस्वीर जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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