7 Mokshadayani Nagari Guide: भारत की 7 मोक्ष देने वाली पुरियां; जानिए इतिहास, स्थान और धार्मिक महत्व

 

7 Sapta Puri Special Report: 

सनातन धर्म में 7 पवित्र शहरों का विशेष आध्यात्मिक महत्व है, जिन्हें 'सप्त पुरी' या '7 मोक्षदायिका नगरियां' कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं और शास्त्रों के अनुसार, इन सातों पवित्र नगरियों के दर्शन, स्नान और दर्शन-स्मरण मात्र से मनुष्य को जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति यानी मोक्ष की प्राप्ति होती है।

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights):

·         पौराणिक श्लोक: "अयोध्या मथुरा माया काशी कांची अवंतिका। पुरी द्वारवती चैव सप्तैता मोक्षदायिका॥" — इस श्लोक में सातों मोक्ष देने वाले नगरों का वर्णन है।

·         भगवान विष्णु और शिव की नगरी: इनमें से कुछ नगरियाँ भगवान विष्णु के अवतारों (श्रीराम और श्रीकृष्ण) से जुड़ी हैं, तो कुछ भगवान शिव और माता पार्वती की प्रिय नगरियाँ हैं।

·         सांस्कृतिक धरोहर: ये सातों नगरियाँ भारत के प्राचीन इतिहास, वास्तुकला, धर्म और दर्शन की रीढ़ मानी जाती हैं।

भारत की 7 मोक्षदायिका नगरियाँ: पूरी सूची और विवरण

1. अयोध्या (उत्तर प्रदेश)

·         मुख्य पहचान: प्रभु श्री राम की जन्मभूमि और सूर्यवंश की प्राचीन राजधानी।

·         विशेषता: सरयू नदी के तट पर बसी यह नगरी प्रथम मोक्षदायिका पुरी मानी जाती है। यहाँ नव-निर्मित भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर और हनुमान गढ़ी प्रमुख दर्शन स्थल हैं।

2. मथुरा (उत्तर प्रदेश)

·         मुख्य पहचान: भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली।

·         विशेषता: यमुना नदी के किनारे स्थित मथुरा ब्रज मंडल का हृदय है। यहाँ श्री कृष्ण जन्मस्थान मंदिर, विश्राम घाट और द्वारकाधीश मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं।

3. माया यानी हरिद्वार (उत्तराखंड)

·         मुख्य पहचान: गंगा मैया का मैदानी इलाकों में प्रवेश द्वार और देवभूमि का मुख्य केंद्र।

·         विशेषता: पौराणिक काल में इसे 'मायापुरी' कहा जाता था। यहाँ का 'हर की पौड़ी' घाट अत्यंत पवित्र माना जाता है, जहाँ हर 12 वर्ष में कुंभ मेले का आयोजन होता है।

4. काशी यानी वाराणसी (उत्तर प्रदेश)

·         मुख्य पहचान: भगवान शिव की नगरी (अविमुक्त क्षेत्र)

·         विशेषता: माना जाता है कि काशी भगवान शिव के त्रिशूल पर बसी है। गंगा नदी के तट पर स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर और मणिकर्णिका घाट मोक्ष प्राप्ति के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं।

5. कांची यानी कांचीपुरम (तमिलनाडु)

·         मुख्य पहचान: दक्षिण भारत की एकमात्र मोक्षदायिका पुरी, जिसे 'मंदिरों का शहर' कहा जाता है।

·         विशेषता: यह नगर भगवान शिव और विष्णु दोनों की उपासना का संगम है। यहाँ माता कामाक्षी अम्मन मंदिर, एकंबरेश्वरर मंदिर (शिव) और वरदराज पेरुमल मंदिर (विष्णु) स्थित हैं।

6. अवंतिका यानी उज्जैन (मध्य प्रदेश)

·         मुख्य पहचान: महाकाल की नगरी और प्राचीन खगोलीय गणना का केंद्र।

·         विशेषता: क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित उज्जैन में 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर मंदिर स्थित है। यहाँ भी हर 12 वर्ष में सिंहस्थ कुंभ मेला लगता है।

7. द्वारवती यानी द्वारका (गुजरात)

·         मुख्य पहचान: भगवान श्रीकृष्ण की कर्मभूमि और समुद्र तट पर बसी राजधानी।

·         विशेषता: चार धामों में भी शामिल यह नगरी भगवान श्रीकृष्ण का साम्राज्य मानी जाती है। यहाँ का प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर (जगत मंदिर) स्थापत्य कला की अद्भुत मिसाल है।

सप्त पुरी (7 मोक्षदायिका नगरियां) एक नज़र में

क्र.

प्राचीन नाम

वर्तमान नाम

राज्य

संबंधित मुख्य देवता / नदी

1

अयोध्या

अयोध्या

उत्तर प्रदेश

भगवान श्री राम / सरयू नदी

2

मथुरा

मथुरा

उत्तर प्रदेश

भगवान श्री कृष्ण / यमुना नदी

3

माया

हरिद्वार

उत्तराखंड

भगवान विष्णु शिव / गंगा नदी

4

काशी

वाराणसी

उत्तर प्रदेश

भगवान शिव (विश्वनाथ) / गंगा नदी

5

कांची

कांचीपुरम

तमिलनाडु

माता कामाक्षी, शिव विष्णु

6

अवंतिका

उज्जैन

मध्य प्रदेश

भगवान महाकाल / क्षिप्रा नदी

7

द्वारवती

द्वारका

गुजरात

भगवान द्वारकाधीश (कृष्ण) / अरब सागर

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