108 Divya Desam Special Report:
सनातन
धर्म परंपरा में वैष्णव संप्रदाय के तहत भगवान
विष्णु के 108 पवित्र धामों को 'दिव्य
देशम'
(Divya Desam) कहा जाता है। तमिल के 12 आलवार संतों द्वारा रचित 4,000 तमिल छंदों के संग्रह 'नालयिर
दिव्य प्रबंधम' में इन 108 धामों की स्तुति और
मंगलाशासनम किया गया है। मान्यता है कि इन
पवित्र धामों के दर्शन करने
से साधक को मोक्ष और
वैकुंठ धाम में स्थान प्राप्त होता है।
खबर की मुख्य बातें (Key Highlights):
·
भौगोलिक
वर्गीकरण:
108 में से 105 दिव्य देशम भारत में, 1 नेपाल में और 2 भौतिक पृथ्वी से परे ब्रह्मांडीय
लोक में स्थित हैं।
·
तमिलनाडु
का बाहुल्य: भारत में स्थित 105 स्थलों में से सबसे अधिक
84 दिव्य देशम अकेले तमिलनाडु राज्य में स्थित हैं।
·
आलवार
संत परंपरा: 6वीं से 9वीं शताब्दी के बीच आलवार
संतों ने इन स्थानों
पर भक्ति आंदोलन की नींव रखी
थी।
108 दिव्य
देशमों का भौगोलिक वितरण
(Geographical Distribution)
|
क्षेत्र / राज्य |
दिव्य देशम की संख्या |
प्रमुख प्रसिद्ध मंदिर / धाम |
|
तमिलनाडु |
84 |
श्री
रंगनाथस्वामी (श्रीरंगम), वरदराज पेरुमाल
(कांचीपुरम), पार्थसारथी (चेन्नई) |
|
केरल |
11 |
श्री
पद्मनाभस्वामी (तिरुवनंतपुरम), तिरुवल्ला |
|
उत्तर प्रदेश |
4 |
अयोध्या,
मथुरा, गोकुल, नैमिषारण्य |
|
उत्तराखंड |
3 |
बद्रीनाथ
धाम, देवप्रयाग, जोशीमठ |
|
आंध्र प्रदेश |
2 |
तिरुमला
तिरुपति वेंकटेश्वर
मंदिर, अहोबिलम |
|
गुजरात |
1 |
द्वारकाधीश
मंदिर (द्वारका) |
|
नेपाल (अंतरराष्ट्रीय) |
1 |
मुक्तिनाथ
(शालिग्राम) |
|
परम लोक (पृथ्वी से परे) |
2 |
तिरुपालकदल
(क्षीर सागर)
और श्रीवैकुंठम
(परमपदम) |
प्रमुख
दिव्य देशमों का विवरण
1. श्रीरंगम
(श्री रंगनाथस्वामी मंदिर) — तमिलनाडु
·
महत्व:
इसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण
दिव्य देशम (स्वयं व्यक्त क्षेत्र) माना जाता है।
·
विशिष्टता:
कावेरी नदी के द्वीप पर
बना यह मंदिर भारत
का सबसे बड़ा और विश्व का
विशालतम क्रियाशील धार्मिक परिसर है।
2. तिरुमाला
(तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर) — आंध्र प्रदेश
·
महत्व:
शेषाचलम पहाड़ियों पर स्थित यह
धाम 'कलयुग के बैकुंठ' के
नाम से जाना जाता
है।
·
विशिष्टता:
यहाँ भगवान विष्णु 'वेंकटेश्वर' (बालाजी) रूप में विराजमान हैं।
3. मुक्तिनाथ
(शालिग्राम) — नेपाल
·
महत्व:
भारत से बाहर नेपाल
की मुक्तिनाथ घाटी में 3,710 मीटर की ऊँचाई पर
स्थित दिव्य देशम।
·
विशिष्टता:
यहाँ से पवित्र शालिग्राम
शिलाएँ प्राप्त होती हैं, जिन्हें विष्णु स्वरूप मानकर पूजा जाता है।
4. बद्रीनाथ
धाम — उत्तराखंड
·
महत्व:
अलकनंदा नदी के तट पर
हिमालयी क्षेत्र में स्थित उत्तर भारत का प्रमुख दिव्य
देशम।
·
विशिष्टता:
चार धाम यात्रा का हिस्सा, जहाँ
भगवान विष्णु बद्री नारायण रूप में तपस्या में लीन हैं।
दो
अलौकिक दिव्य देशम (सांसारिक दुनिया से बाहर)
वैष्णव
मान्यताओं के अनुसार 108 में
से अंतिम 2 दिव्य देशम इस भौतिक संसार/पृथ्वी पर स्थित नहीं
हैं:
1.
तिरुपालकदल (क्षीर सागर): जहाँ भगवान विष्णु शेषनाग की शैया पर
विश्राम करते हैं।
2. परमपदम (श्रीवैकुंठम): भगवान श्रीमन नारायण का नित्य निवास स्थान, जहाँ आत्माएँ मोक्ष के बाद पहुँचती हैं।
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