मुंबई | विशेष संवाददाता महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MSBSHSE) की ओर से आयोजित 12वीं (HSC) की बोर्ड परीक्षाएं आज से पूरे राज्य में शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हो गई हैं। वहीं, 10वीं (SSC) के छात्रों की परीक्षाएं 21 फरवरी से शुरू होने वाली हैं। इस वर्ष राज्य भर से लाखों छात्र इन परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं, जिसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं।
सुरक्षा का घेरा: तकनीक और निगरानी का संगम
इस साल बोर्ड का मुख्य उद्देश्य 'कॉपी-मुक्त परीक्षा' (Copy-Free Exam) सुनिश्चित करना है। पेपर लीक और नकल जैसी घटनाओं को रोकने के लिए विभाग ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
- डिजिटल ट्रैकिंग और निगरानी: परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्रों के पहुंचने से लेकर उनके वितरण तक की पूरी प्रक्रिया की डिजिटल ट्रैकिंग की जा रही है।
- CCTV और फ्लाइंग स्क्वायड: संवेदनशील केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से पैनी नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही, राज्य स्तर और जिला स्तर पर 'फ्लाइंग स्क्वायड' (भरारी पथक) का गठन किया गया है, जो औचक निरीक्षण करेंगे।
- धारा 144 का प्रभाव: कई परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है।
छात्रों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
शिक्षा विभाग ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कुछ सख्त नियम जारी किए हैं:
- समय की पाबंदी: छात्रों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई है।
- प्रतिबंधित वस्तुएं: स्मार्टवॉच, मोबाइल फोन, हेडफोन और किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूरी तरह वर्जित है।
- कंट्रोल रूम: किसी भी समस्या या आपातकालीन स्थिति के लिए बोर्ड ने जिलावार विशेष 'कंट्रोल रूम' स्थापित किए हैं।
सोशल मीडिया पर परीक्षा का खुमार
एक ओर जहां परीक्षा केंद्रों के बाहर सन्नाटा और गंभीरता का माहौल है, वहीं इंटरनेट की दुनिया में हलचल तेज है। ट्विटर (X) और इंस्टाग्राम पर #BoardExams और #HSCExam ट्रेंड कर रहा है। छात्र अपनी तैयारी के तनाव को कम करने के लिए मजेदार मीम्स और वीडियो साझा कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म छात्रों के लिए एक 'स्ट्रेस बस्टर' (तनाव कम करने का साधन) की तरह काम कर रहे हैं।
विशेषज्ञों की सलाह: कैसे संभालें तनाव?
शिक्षा विशेषज्ञों और मनोवैज्ञानिकों ने छात्रों को परीक्षा के दौरान मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की सलाह दी है:
- नियमित रिवीजन: अब नया पढ़ने के बजाय जो पढ़ा है, उसे ही दोहराएं।
- पर्याप्त नींद: परीक्षा के दबाव में अपनी नींद से समझौता न करें; 6-7 घंटे की नींद अनिवार्य है।
- सकारात्मक दृष्टिकोण: घबराने के बजाय अपनी मेहनत पर भरोसा रखें।
शिक्षा विभाग का संदेश:
हमारा लक्ष्य एक पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा वातावरण प्रदान करना है। छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है, वे शांति और एकाग्रता के साथ अपने पेपर लिखें।
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