अमेरिका
को दुनिया का सबसे बड़ा
लोकतांत्रिक देश माना जाता है, लेकिन हकीकत यह है कि
वहाँ की राजनीति धीरे-धीरे गंदी
राजनीति
(Dirty Politics) का
रूप लेती जा रही है।
सत्ता की भूख, कॉर्पोरेट
दबाव, झूठे वादे और जनता को
गुमराह करने की रणनीतियाँ अब
अमेरिकी राजनीति का हिस्सा बन
चुकी हैं।
राजनीति में पैसे का बोलबाला
अमेरिका
में चुनाव लड़ना बेहद महंगा होता है। अरबों डॉलर चुनावी प्रचार में खर्च किए जाते हैं। बड़ी-बड़ी कंपनियाँ और लॉबी ग्रुप्स
राजनीतिक पार्टियों को चंदा देते
हैं और बदले में
अपने फायदे के लिए नीतियाँ
बनवाते हैं।
इसका सीधा असर आम जनता पर
पड़ता है, क्योंकि सरकारें अक्सर कॉर्पोरेट
हितों
को जनता से ऊपर रखती
हैं।
मीडिया और झूठी खबरों
की राजनीति
अमेरिकी
राजनीति में मीडिया की भूमिका भी
सवालों के घेरे में
है। कई बार देखा
गया है कि न्यूज़
चैनल और सोशल मीडिया
प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल झूठी खबरें, अफवाहें और नफरत फैलाने के लिए किया
जाता है।
चुनाव के समय विरोधी
नेताओं के खिलाफ फर्जी
आरोप, एडिट किए गए वीडियो और
भ्रामक खबरें आम हो चुकी
हैं।
लॉबी सिस्टम और पर्दे के
पीछे की साजिशें
अमेरिका
में लॉबी सिस्टम बहुत ताकतवर है। हथियार उद्योग, दवा कंपनियाँ और तेल कंपनियाँ
सरकार पर दबाव डालती
हैं।
इसी कारण:
·
गन
कंट्रोल कानून कमजोर रहते हैं
·
दवाइयाँ
महंगी होती हैं
·
युद्ध
और हथियारों का व्यापार चलता
रहता है
यह
सब राजनीति को जनसेवा
से दूर और फायदे का धंधा बना देता है।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में दोहरा रवैया
अमेरिका
दुनिया को लोकतंत्र और
मानवाधिकार का पाठ पढ़ाता
है, लेकिन खुद कई बार दोहरा
रवैया अपनाता है।
जहाँ उसके हित होते हैं, वहाँ वह तानाशाही सरकारों
का समर्थन करता है, और जहाँ फायदे
नहीं होते, वहाँ मानवाधिकार की बातें करता
है।
युद्ध, प्रतिबंध (Sanctions) और राजनीतिक दबाव
अमेरिका की विदेश नीति
का अहम हिस्सा बन चुके हैं।
चुनाव और जनता का
भरोसा
अमेरिका
में चुनावों को लेकर विवाद
कोई नई बात नहीं
है।
कई बार:
·
चुनाव
परिणामों पर सवाल उठे
·
वोटिंग
सिस्टम पर संदेह हुआ
·
सत्ता
हस्तांतरण को लेकर तनाव
पैदा हुआ
इससे
जनता का लोकतंत्र पर
भरोसा कमजोर होता जा रहा है।
आम जनता सबसे
ज्यादा प्रभावित
गंदी
राजनीति का सबसे बड़ा
नुकसान आम लोगों को
होता है।
महंगाई, बेरोजगारी, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और
शिक्षा का महंगा होना
— ये सब राजनीतिक नीतियों
का नतीजा हैं।
नेता सत्ता में आने के बाद वादे
भूल जाते हैं और जनता खुद
को ठगा हुआ महसूस करती है।
निष्कर्ष
अमेरिका
की राजनीति आज लोकतंत्र
कम और सत्ता का खेल ज़्यादा बनती जा रही है।
जब तक राजनीति में
पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता की
भागीदारी नहीं बढ़ेगी, तब तक यह
गंदगी बनी रहेगी।
दुनिया के लिए मिसाल
बनने वाले देश को पहले अपनी
राजनीति को साफ करने
की जरूरत है।
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