झारखंड: पलामू में 'नकली मोबाइल' साम्राज्य का अंत; पुलिस ने अवैध फैक्ट्री का किया भंडाफोड़, हजारों उपकरण बरामद

 

पलामू | जिला संवाददाता | 27 जनवरी 2026

झारखंड के पलामू जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर एक अवैध मोबाइल निर्माण और असेंबलिंग फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। यह इकाई केवल सुरक्षा नियमों की धज्जियाँ उड़ा रही थी, बल्कि ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर घटिया पुर्जों का इस्तेमाल कर बाजार में नकली मोबाइल खपाने का बड़ा नेटवर्क चला रही थी।

1. छापेमारी और बरामदगी: 'मिनी फैक्ट्री' देख पुलिस दंग

पलामू पुलिस की एक विशेष टीम ने जिले के एक रिहायशी इलाके के गोदाम में दबिश दी। पुलिस को वहां से मोबाइल निर्माण से जुड़ी पूरी असेंबली लाइन मिली।

·         बरामद सामान: पुलिस ने मौके से करीब 5,000 से अधिक मोबाइल पुर्जे, जिनमें मदरबोर्ड, डिस्प्ले यूनिट्स, बैटरियां और फर्जी ब्रांडेड कवर शामिल हैं, जब्त किए हैं।

·         तकनीकी उपकरण: मोबाइल को असेंबल करने और आईएमईआई (IMEI) नंबरों से छेड़छाड़ करने वाले कई सॉफ्टवेयर लोडेड लैपटॉप और मशीनें भी बरामद की गई हैं।

2. दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार: बड़े नेटवर्क से जुड़े तार

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि ये आरोपी पड़ोसी राज्यों (बिहार और उत्तर प्रदेश) से कच्चा माल मंगाते थे।

·         बिना लाइसेंस संचालन: यह फैक्ट्री बिना किसी कानूनी परमिट या मानक सुरक्षा प्रमाणपत्र (ISO/BIS) के संचालित हो रही थी।

·         सुरक्षा जोखिम: अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ऐसी अवैध फैक्ट्रियों में बनी बैटरियां फटने का खतरा अधिक होता है, जो उपभोक्ताओं की जान के लिए जोखिम पैदा करती हैं।

3. जांच का दायरा: आईएमईआई (IMEI) और डेटा चोरी का संदेह

पुलिस को संदेह है कि इस फैक्ट्री का इस्तेमाल केवल नकली मोबाइल बनाने के लिए ही नहीं, बल्कि चोरी के मोबाइलों के पार्ट्स बदलकर उन्हें नया रूप देने (Refurbishing) के लिए भी किया जा रहा था।

·         साइबर अपराध का खतरा: पुलिस जांच कर रही है कि क्या इन मोबाइल उपकरणों में कोई 'मैलवेयर' या जासूसी सॉफ्टवेयर तो नहीं डाला जा रहा था, जिससे ग्राहकों का डेटा चोरी किया जा सके।

4. प्रशासनिक प्रतिक्रिया: "आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ेंगे"

पलामू के पुलिस अधीक्षक (SP) ने कहा, "यह केवल एक अवैध फैक्ट्री नहीं है, बल्कि एक बड़े संगठित अपराध का हिस्सा है। हमारी टीम यह पता लगा रही है कि इन नकली मोबाइलों की सप्लाई झारखंड के किन-किन जिलों और ग्रामीण बाजारों में की जा रही थी।"

निष्कर्ष: उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी

इस कार्रवाई ने -कचरे और अवैध इलेक्ट्रॉनिक्स के बढ़ते बाजार की ओर ध्यान खींचा है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं (Authorized Sellers) से ही इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदें और बहुत कम कीमत पर मिलने वाले 'ब्रांडेड' उत्पादों के झांसे में आएं। 

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