श्रीनगर | विशेष संवाददाता | 27 जनवरी 2026
जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के
डाउनटाउन इलाके
में
आज
सुरक्षा बलों
ने
एक
भीषण
मुठभेड़ के
दौरान
लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के सबसे
खतरनाक
और
वांछित
पाकिस्तानी कमांडर
'उस्मान' को मार
गिराया
है।
हालांकि, मुठभेड़ के
दौरान
दो
अन्य
आतंकवादियों के
भाग
निकलने
की
खबरों
ने
सुरक्षा एजेंसियों को
हाई-अलर्ट पर डाल
दिया
है।
घाटी
में
पिछले
कुछ
हफ्तों
से
बढ़ती
आतंकी
गतिविधियों के
बीच
इसे
सुरक्षा बलों
की
एक
बड़ी
रणनीतिक जीत
माना
जा
रहा
है।
1.
ऑपरेशन की शुरुआत: भोर की घेराबंदी
सुरक्षा सूत्रों के
अनुसार,
खुफिया
एजेंसियों को
खनयार (Khanyar)
के
एक
घनी
आबादी
वाले
मोहल्ले में
कुछ
विदेशी
आतंकवादियों की
मौजूदगी की
पुख्ता
जानकारी मिली
थी।
तड़के
सुबह
करीब
4:30 बजे,
जम्मू-कश्मीर पुलिस और
केंद्रीय रिजर्व
पुलिस
बल
(CRPF) की
एक
संयुक्त टीम
ने
इलाके
को
चारों
ओर
से
सील
कर
दिया।
जैसे
ही
सुरक्षा बलों
ने
संदिग्ध घर
की
ओर
बढ़ना
शुरू
किया,
अंदर
छिपे
आतंकवादियों ने
अंधाधुंध गोलीबारी शुरू
कर
दी
और
ग्रेनेड फेंके।
इस
शुरुआती हमले
में
सुरक्षा बलों
के
कुछ
जवानों
के
घायल
होने
की
खबर
है,
जिन्हें तुरंत
सेना
के
अस्पताल में
भर्ती
कराया
गया।
2.
कमांडर 'उस्मान' का अंत: लश्कर के लिए बड़ा झटका
कई
घंटों
तक
चली
गोलीबारी के
बाद,
सुरक्षा बलों
ने
उस
इमारत
को
निशाना
बनाया
जहाँ
से
आतंकी
फायरिंग कर
रहे
थे।
दोपहर
तक
चली
इस
मुठभेड़
में
उस्मान (Usman Bhai)
मारा
गया।
उस्मान
एक
पाकिस्तानी नागरिक
था
और
पिछले
कई
वर्षों
से
घाटी
में
लश्कर-ए-तैयबा के
ऑपरेशन्स को
लीड
कर
रहा
था।
- टारगेट
किलिंग का मास्टरमाइंड: उस्मान पर गैर-स्थानीय मजदूरों की हत्या और सुरक्षा बलों पर घात लगाकर किए गए कई हमलों की योजना बनाने का आरोप था।
- A++ कैटेगरी का आतंकी: वह सुरक्षा बलों की हिट-लिस्ट में शीर्ष पर था और उस पर लाखों रुपये का इनाम घोषित था।
3.
दो आतंकियों का फरार होना: सर्च ऑपरेशन तेज
मुठभेड़ स्थल
से
मिल
रही
रिपोर्टों के
अनुसार,
उस्मान
के
साथ
मौजूद
दो अन्य आतंकवादी घनी
आबादी
और
धुंध
का
फायदा
उठाकर
घेराबंदी तोड़कर
भागने
में
सफल
रहे।
यह
आशंका
जताई
जा
रही
है
कि
वे
पास
की
तंग
गलियों
या
किसी
पुराने
घर
में
छिपे
हो
सकते
हैं।
सुरक्षा बलों
ने
अब
पूरे
श्रीनगर शहर
में
'नाकाबंदी' कर
दी
है।
ड्रोन और स्निफर डॉग्स की
मदद
ली
जा
रही
है।
लाल
चौक,
डाउनटाउन और
शहर
के
प्रवेश
द्वारों पर
सघन
तलाशी
अभियान
चलाया
जा
रहा
है।
इंटरनेट सेवाओं
को
एहतियातन कुछ
हिस्सों में
धीमा
कर
दिया
गया
है।
4.
अनंतनाग में भी मुठभेड़: एक ही दिन में दो मोर्चे
श्रीनगर के
साथ-साथ दक्षिण कश्मीर
के
अनंतनाग (Anantnag)
जिले
के
शांगस-लार्नू इलाके में
भी
आज
एक
ऑपरेशन
चला।
यहाँ
सुरक्षा बलों
ने
घेराबंदी के
दौरान
दो
और
आतंकवादियों को
मार
गिराया। एक
ही
दिन
में
दो
अलग-अलग जिलों में
हुई
इन
कार्रवाइयों से
स्पष्ट
है
कि
सुरक्षा एजेंसियां 'जीरो
टॉलरेंस' की
नीति
पर
काम
कर
रही
हैं।
5.
सुरक्षा विशेषज्ञों का विश्लेषण
रक्षा
विशेषज्ञों का
मानना
है
कि
उस्मान
जैसे
बड़े
कमांडर
का
मारा
जाना
आतंकियों के
लॉजिस्टिक और
भर्ती
नेटवर्क को
तोड़
देगा।
हालांकि, दो
आतंकियों का
फरार
होना
एक
चुनौती
है
क्योंकि वे
'लोन
वुल्फ'
हमलों
को
अंजाम
दे
सकते
हैं।
जम्मू-कश्मीर के पुलिस
महानिदेशक (DGP) ने कहा,
"हमारा ऑपरेशन अभी समाप्त नहीं हुआ है। जब तक अंतिम आतंकी को पकड़ या मार नहीं दिया जाता, तलाशी जारी रहेगी। नागरिकों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।"
6.
स्थानीय स्थिति और नागरिक सुरक्षा
खनयार
और
आसपास
के
इलाकों
में
तनाव
को
देखते
हुए
स्थानीय प्रशासन ने
लोगों
से
घरों
के
अंदर
रहने
की
अपील
की
है।
स्कूलों और
व्यापारिक प्रतिष्ठानों को
अस्थायी रूप
से
बंद
कर
दिया
गया
है।
सुरक्षा बलों
ने
स्पष्ट
किया
है
कि
आतंकियों ने
नागरिकों को
ढाल
(Human Shield) बनाने
की
कोशिश
की
थी,
लेकिन
सूझबूझ
से
निर्दोष लोगों
को
सुरक्षित निकाल
लिया
गया।
आज की कार्रवाई के मुख्य तथ्य
|
विवरण |
जानकारी |
|
मुख्य
सफलता |
लश्कर कमांडर 'उस्मान' ढेर |
|
मुठभेड़
स्थल |
खनयार (श्रीनगर) और शांगस (अनंतनाग) |
|
फरार
आतंकी |
02 (तलाश
जारी) |
|
सुरक्षा
बल |
JKP, CRPF और सेना
की
संयुक्त टीम |
|
खतरा
स्तर |
हाई-अलर्ट (श्रीनगर जिला) |
निष्कर्ष:
उस्मान का सफाया कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ चल रहे युद्ध में एक मील का पत्थर है, लेकिन दो आतंकियों का भाग निकलना सुरक्षा बलों के लिए अगले 24 घंटे अत्यंत महत्वपूर्ण बनाता है। पूरी घाटी में इस समय सतर्कता चरम पर है।
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