भोपाल, मध्य प्रदेश:
मध्य
प्रदेश के प्रगतिशील किसानों
ने एक बार फिर
राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान
बनाई है। होशंगाबाद (नर्मदापुरम) जिले के किसान, श्री
राधेश्याम परिहार को 'मिलिनियर
फार्मर ऑफ इंडिया' (Millionaire
Farmer of India) पुरस्कार
से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान
उनके असाधारण जैविक
नवाचारों
(Organic Innovations) और
कृषि में औषधीय
फसलों
(Medicinal Crops) के
सफल प्रयोग के लिए प्रदान
किया गया है।
यह
उपलब्धि न केवल राधेश्याम
परिहार के व्यक्तिगत प्रयासों
को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित
करती है कि स्थानीय,
छोटे स्तर के नवाचार भारतीय
कृषि को आधुनिक और
टिकाऊ दिशा में ले जाने की
क्षमता रखते हैं।
जैविक
खेती में मॉडल बने परिहार
राधेश्याम
परिहार ने अपनी पारंपरिक
खेती की जमीन को
पूरी तरह से जैविक पद्धति
में बदल दिया है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर
अपनी निर्भरता को शून्य कर
दिया है, और इसके बजाय
उन्होंने वर्मीकंपोस्टिंग
(Vermicomposting), जीवामृत
और जैविक कीटनाशकों जैसे स्वदेशी तरीकों का विकास किया
और उन्हें सफलतापूर्वक लागू किया।
पुरस्कार
समिति ने विशेष रूप
से उल्लेख किया कि परिहार का
मॉडल न केवल लागत
प्रभावी है, बल्कि यह मिट्टी के
स्वास्थ्य को भी बेहतर
बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
उनके प्रयासों से उत्पादित फसलें
न केवल उच्च गुणवत्ता वाली हैं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी
हैं।
औषधीय
फसलों का सफल प्रयोग
परिहार
ने अपने खेत में पारंपरिक फसलों के साथ-साथ
उच्च मूल्य वाली औषधीय
और सुगंधित पौधों (Medicinal and
Aromatic Plants - MAPs) की
खेती में भी महारत हासिल
की है। इनमें अश्वगंधा, सतावर और लेमन ग्रास
जैसी फसलें शामिल हैं, जिनकी बाजार में भारी मांग है।
औषधीय
फसलों की खेती को
सफलतापूर्वक एकीकृत करने से उनकी प्रति
एकड़ आय में कई गुना वृद्धि हुई है। यह मॉडल अन्य
किसानों को भी प्रेरित
करता है कि वे
केवल पारंपरिक अनाज तक सीमित न
रहें, बल्कि बाजार की मांग के
अनुरूप उच्च मूल्य वाली फसलों को अपनाकर अपनी
आय बढ़ाएँ।
✨ स्थानीय
नवाचार को प्रोत्साहन
कृषि
विशेषज्ञों का मानना है
कि इस तरह के
राष्ट्रीय पुरस्कारों का महत्व केवल
किसान को सम्मानित करने
तक सीमित नहीं है।
·
प्रेरणा
का स्रोत: ये पुरस्कार स्थानीय
स्तर पर कार्यरत नवाचारी
किसानों को एक मजबूत
प्रेरणा प्रदान करते हैं। राधेश्याम परिहार की सफलता की
कहानी अब पूरे मध्य
प्रदेश और देश के
अन्य किसानों को जोखिम लेने,
नए प्रयोग करने और पारंपरिक खेती
की सीमाओं से बाहर निकलने
के लिए प्रेरित करेगी।
·
आधुनिक
कृषि की दिशा: यह सम्मान कृषि
को आधुनिक, टिकाऊ और लाभदायक बनाने
की दिशा में राज्य-स्तर के प्रयासों को
भी बल देता है।
मध्य प्रदेश सरकार पहले से ही जैविक
खेती और औषधीय फसल
उत्पादन को बढ़ावा देने
के लिए कई योजनाएं चला
रही है, और राधेश्याम परिहार
जैसे सफल किसान इन योजनाओं की
सफलता का जीवंत उदाहरण
हैं।
यह पुरस्कार साबित करता है कि स्थानीय ज्ञान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का सही मिश्रण भारतीय कृषि को 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार कर सकता है।
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