I. भारतीय अर्थव्यवस्था और जीडीपी का दृष्टिकोण (Indian Economy & GDP Outlook)
1. मज़बूत आर्थिक वृद्धि का अनुमान: इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत 2026-27 में भी मज़बूत आर्थिक विकास दर (GDP Growth) हासिल करने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2027 में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर 6.9% रहने का अनुमान है, जो वित्त वर्ष 2026 के अनुमानित 7.4% से थोड़ी कम है।
- वृद्धि के कारक: वित्त वर्ष 2026 के बजट में घोषित आयकर कटौती, जीएसटी युक्तिकरण (GST rationalisation), और ओमान, यूके तथा न्यूजीलैंड के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (Free Trade Agreements) पर हस्ताक्षर होने से विकास दर को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
- मुद्रास्फीति (Inflation) पर नियंत्रण: खुदरा महंगाई दर (CPI Inflation) वित्त वर्ष 2027 में औसतन 3.8% रहने का अनुमान है, जो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4% के मध्य बिंदु के भीतर है।
- उपभोग और निवेश: निजी अंतिम उपभोग व्यय (Private Final Consumption Expenditure - PFCE) में वृद्धि का अनुमान है, जो जीडीपी का लगभग 56% है।
2. इन्फ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश: वित्त मंत्रालय ने ₹17 लाख करोड़ से अधिक की 852 PPP (Public-Private Partnership) परियोजनाओं का रोडमैप जारी किया है। यह कदम बुनियादी ढांचे के विकास (Infra Development) और निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा प्रयास है।
II. व्यापार बाज़ार और कॉर्पोरेट गतिविधियाँ (Market and Corporate Updates)
1. शेयर बाज़ार का हाल और IPO की चर्चा: भारतीय बेंचमार्क सूचकांक (Sensex/Nifty) रिकॉर्ड ऊंचाइयों के करीब हैं। हालांकि, वैश्विक अस्थिरता और कॉर्पोरेट आय की वृद्धि पर ध्यान केंद्रित करने के कारण बाज़ार में उतार-चढ़ाव (Volatility) बने रहने की उम्मीद है।
- निवेश पर सलाह: विशेषज्ञों ने निवेशकों को व्यापक बाज़ार भागीदारी के बजाय गुणवत्ता, मूल्य और मजबूत फंडामेंटल पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है। बड़े और चुनिंदा मझोले शेयरों (Large and Select Mid-Caps) पर दांव लगाना बेहतर माना जा रहा है।
- Jio IPO: रिलायंस जियो (Reliance Jio) के जल्द ही भारत का सबसे बड़ा IPO लाने की खबर है। 50 करोड़ से अधिक ग्राहक और 52% के EBITDA मार्जिन के साथ, यह कंपनी स्टॉक मार्केट के लिए "गेम चेंजर" साबित हो सकती है।
- ऑटोमोबाइल मार्केट: सरकारी टैक्स नीतियों में बदलाव के कारण 2025 में पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री रिकॉर्ड 44.7 लाख यूनिट्स तक पहुंच गई, जो बाज़ार की मजबूती को दर्शाती है।
2. व्यापार संवर्धन और नीतियाँ (Trade Promotion and Policies): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'लोकल टू ग्लोबल' विज़न को साकार करने के लिए कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAT) ने 'भारतीय व्यापार महोत्सव 2026' की घोषणा की है। यह 1 से 4 मई 2026 तक भारत मंडपम में आयोजित होगा, जिसका उद्देश्य भारतीय उत्पादों और नवाचार को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करना है।
III. वैश्विक और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार (Global Business and Trade)
1. भारत का नया वैश्विक रुख: भारत अब एक अधिक लचीली, हित-आधारित वैश्विक विदेश नीति (Foreign Policy) अपना रहा है। इसका स्पष्ट उदाहरण रूस से रियायती तेल (Discounted Oil) की लगातार खरीद है, जहाँ भारत ने पश्चिमी प्रतिबंधों के बजाय अपनी घरेलू आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता दी।
2. अमेरिका-भारत व्यापार: अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन दोनों देश GIFT सिटी के माध्यम से वैश्विक निवेश और अंतर्राष्ट्रीय स्टॉक में खुदरा निवेशकों (Retail Investors) की भागीदारी बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
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