दिल्ली: हेड कांस्टेबल पर कातिलाना हमला और पिस्टल की लूट; 24 घंटे के भीतर यूपी के दो बदमाश गिरफ्तार

 

नई दिल्ली | अपराध संवाददाता | 27 जनवरी 2026

देश की राजधानी दिल्ली के एक सार्वजनिक पार्क में ड्यूटी पर तैनात दिल्ली पुलिस के एक जांबाज हेड कांस्टेबल पर हुए जानलेवा हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार को हुई इस सनसनीखेज वारदात में बदमाशों ने केवल पुलिसकर्मी को गंभीर रूप से घायल किया, बल्कि उनकी सरकारी सर्विस पिस्टल (सेवा पिस्तौल) और जिंदा कारतूस भी लूट लिए। हालांकि, दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी के चलते 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

वारदात का विवरण: गश्त के दौरान अचानक हमला

पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना सोमवार शाम की है जब हेड कांस्टेबल (सुरक्षा कारणों से नाम गुप्त) इलाके के एक स्थानीय पार्क में नियमित गश्त पर थे। इसी दौरान, वहां मौजूद दो संदिग्ध युवकों ने कांस्टेबल को अकेला पाकर उन पर पीछे से धारदार हथियार और पत्थरों से हमला कर दिया।

हमला इतना अचानक और भीषण था कि कांस्टेबल को संभलने का मौका नहीं मिला। हमले के बाद आरोपी उनकी कमर में बंधी 9mm सर्विस पिस्टल छीनकर मौके से फरार हो गए। घायल कांस्टेबल को तुरंत नजदीकी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।

एक्शन में पुलिस: टुंडला (UP) से जुड़े तार

वारदात की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी के नेतृत्व में विशेष टीमों और क्राइम ब्रांच का गठन किया गया। पुलिस ने इलाके के लगभग 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगाला और मुखबिरों को सक्रिय किया।

·         गिरफ्तारी: तकनीकी सर्विलांस और खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने आज उत्तर प्रदेश के टुंडला क्षेत्र से दो मुख्य आरोपियों को दबोच लिया।

·         मुठभेड़: आरोपियों को पकड़ने के दौरान संक्षिप्त मुठभेड़ भी हुई, जिसमें पुलिस ने उन्हें चारों ओर से घेरकर आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर दिया। पकड़े गए बदमाशों की पहचान आजाद और सुमित (बदले हुए नाम) के रूप में हुई है, जो अंतरराज्यीय लूट गिरोह के सदस्य बताए जा रहे हैं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया और सुरक्षा पर सवाल

डीसीपी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "यह हमला केवल एक व्यक्ति पर है, बल्कि वर्दी और कानून की गरिमा पर प्रहार है। गश्त की सुरक्षा प्रक्रियाओं (Patrolling Protocols) की समीक्षा की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो।"

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों का मकसद केवल हथियार लूटना था या वे दिल्ली में किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। लूटी गई पिस्तौल और कारतूस बरामद कर लिए गए हैं।

निष्कर्ष

यह घटना दिल्ली पुलिस के लिए एक चेतावनी है कि राजधानी के पार्कों और कम भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिसकर्मियों की तैनाती अब 'जोड़े' (Buddy System) में होनी चाहिए। आरोपियों पर हत्या के प्रयास (धारा 307) और डकैती के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ